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बच्चों के ओरल हेल्थ का रखें ध्यान | Oral Health in Children in Hindi

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Written by Amisha Bharti

WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार खराब खानपान तथा खुराक और खराब पोषण दांतों और जबड़ों के विकास को प्रभावित करता है और इसका दुष्प्रभाव कई वर्षों तक रहता है. यह बात बिलकुल सच है की बच्चे के जन्म के शुरूआती वर्षों में उसे जो आहार मिलता है वह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप प्रभावित करता है.

ऐसे में अगर जन्म के शुरूआती वर्षों में उन्हें पोषण युक्त सही खान-पान मिले तो बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने लगते है लेकिन अगर गलत खानपान और अधुरा या खराब पोषण मिले तो शारीरिक और मानसिक समस्याओं के साथ-साथ उनकी ओरल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है.

जानकारों और विशेषज्ञों के अनुसार असंतुलित आहार में बहुत ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, शुगर और स्टार्च होता है जिससे दांतों में कैविटीज और दांतों के टूटने का खतरा बढ़ने लगता है. इस वजह से मुहं की बीमारियाँ पनपने लगती है. डेंटल डॉक्टरों का कहना है की आहार और पोषण का मुहं पर बहुत असर पड़ता है.

अगर अधिक शुगर वाले खाद पदार्थों का इस्तेमाल किया जाए तो इससे दांतों के ऐनामल पर असर पड़ता है जिससे दांत टूटने लगते है क्योंकि इन खाद्द पदार्थों एसिड बनता है. दांतों की समस्याएं बच्चों के सम्पूर्ण विकास में बाधा उत्पन्न करती है. आईये जानते है बच्चों की ओरल हेल्थ का ध्यान कैसे रखा जाए.

बच्चों की ओरल हेल्थ यानी दांतों के लिए आहार से संबधित इन बातों का ध्यान रखें | Food Related Tips For Child’s Oral Health

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  • बच्चों के सेहतमंद दांतों के लिए उन्हें कम उम्र से ही पोषण युक्त संतुलित आहार देना चाहिए.
  • माता-पिता को बच्चों की खानपान की आदतों को बदलना चाहिए और उन्हें खानपान की अच्छी आदते सिखानी चाहिए.
  • बच्चों को कैल्शियम से भरपूर चीजें, हरी पत्तेदार सब्जियां और अन्य जरुरी खाद पदार्थ देने चाहिए जो दांतों और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करें.
  • अंडे, मछली, हल्का मांस और डेयरी उत्पाद में प्रचुर मात्रा में फास्फोरस होता है जो बच्चों के दांतों के लिए बहुत लाभकारी है.
  • बच्चों के आहार में विटामीन C से भरपूर चीजें शामिल करें. इससे मसूड़ों को मजबूती मिलती है.
  • अगर आपके पानी में फ्लोराइड है तो उसे दूर करने का प्रयास करें क्योंकि फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से दांतों पर भूरे धब्बे आ जाते है जो बहुत बुरे दीखते है और शर्मिंदगी की वजह भी बनते है.
  • ज्यादा कोमल और चिपकने वाले खाद्द पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से बाद में मसूड़ों से खून निकलने लगता है.
  • बच्चों को ऐसा भोजन दे जिसे अच्छे से चबाना पड़े इससे उनके दांत बेडौल नहीं होंगे और उनके मसुड़ें, हड्डियों और जबड़ों का अच्छी तरह से विकास होगा.
  • बच्चों में शुरू से ही ब्रश करने की आदत डालें. नियमित ब्रश करने से मसूड़े और दांत मजबूत होते है. 
  • बच्चों को खाना खाने के बाद मुहं को सही से साफ़ करना सिखाएं.

डॉक्टरों का कहना है की मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूती के लिए बचपन सबसे सही अवस्था है. इसलिए बचपन में ही बच्चों को अच्छी खानपान की आदतें सिखाएं जो उनके आगे की जीवनशैली में काम आयें. बच्चों की जीवनशैली में सही और संतुलित खानपान शामिल करें जिससे उनकी ओरल हेल्थ यानी मौखिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा.

आज की इस पोस्ट में आपने ओरल हेल्थ के बारे में जाना है की बच्चों ओरल हेल्थ का ध्यान किस तरह से रखा जा सकता है. उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे ताकि हम आगे भी ऐसी अच्छी पोस्ट्स आपके बीच ला सके.

About the author

Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

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