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बच्चों में टाइफाइड के लक्षण, कारण, इलाज और उसका बचाव

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Written by Amisha Bharti

आपने टाइफाइड का नाम जरुर सूना होगा. यह भी बुखार का ही एक प्रकार है लेकिन थोड़ा गंभीर तरह का बुखार है. जन्म के शुरुआत में बच्चों में रोग-प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे विकसित होने लगती है. ऐसे में वायरल इन्फेक्शन और बैक्टीरिया का खतरा बच्चे में सबसे ज्यादा रहता है. ऐसे में बच्चों के आसपास सफाई का ध्यान रखना बेहद जरुरी है.

दूषित और गंदगी के माहौल में बच्चा टाइफाइड का शिकार हो सकता है. अगर टाइफाइड का समय रहते इलाज ना किया गया तो यह गंभीर समस्या पैदा कर सकता है और घातक बन सकता है. टाइफाइड ऐसा रोग है जो सबसे ज्यादा बच्चों में होता है. ऐसे में इसकी गंभीरता के बारे में जानना बहुत जरुरी है. आईये जानते है टाइफाइड क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या है तथा इसका इलाज कैसे किया जा सकता है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.

टाइफाइड क्या है? | Typhoid in Hindi

टाइफाइड को मियादी बुखार के नाम से जाना जाता है. यह एक तरह की संक्रमित बीमारी है जो लीवर से संबधित है. एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 2 लाख से ज्यादा लोग टाइफाइड की बीमारी के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठते है. जैसा की आपको पता है की टाइफाइड लीवर से संबधित बीमारी है और टाइफाइड होने पर लीवर ठीक से काम करना बंद कर देता है और इस वजह से बुखार आने लगता है और पुरे शरीर में दर्द होने लगता है.

धीरे-धीरे यह दर्द बढ़ने लगता है. ऐसे में अगर आपने समय रहते इसका इलाज नहीं किया तो टाइफाइड जानलेवा हो सकता है. इसलिए समय रहते अपने बच्चे का इलाज कराये अन्यथा उसकी जान पर आ सकता है.

बच्चे में टाइफाइड के लक्षण | Symptoms of Typhoid in Hindi

  • टाइफाइड होने पर बच्चे को 38 डीग्री सेल्सियस तक हल्का बुखार लगातार बने रहता है जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है.
  • शाम के समय बुखार तेज होना और सुबह के समय कम होना
  • पेट दर्द और पुरे शरीर में तेज दर्द
  • बच्चे की जीभ पर सफ़ेद परत जमना
  • तेज सिरदर्द
  • बच्चे को तेज दस्त लगना
  • बच्चे को कब्ज होना
  • बच्चे का वजन कम होना
  • भूख कम लगना

बच्चे में टाइफाइड के कारण | Causes of Typhoid in Children

  • बच्चे में टाइफाइड संक्रमित खाद पदार्थ और पानी से फैलता है.
  • रोगी व्यक्ति के मल, यूरीन और खून में कीटाणु रहते है और जिसके कारण दूषित पानी की वजह से टाइफाइड फैलता है.
  • दुहित पानी में स्नान करने से
  • रोगी व्यक्ति का झूठा खाना खाने और पानी पीने से
  • संक्रमित इंजेक्शन से सुई लगने पर
  • सेलमोनेला टायफी जीवाणु के सक्रिय होने से टाइफाइड फैलता है.

बच्चों का टाइफाइड से बचाव कैसे करें? | How to Prevent Typhoid in Children?

  • बच्चे को स्वस्थ और पोषक खाना खिलाएं.
  • बच्चे को गंदगी से दूर रखें खासकर गंदे पानी से.
  • बच्चे को कुछ भी खिलाने से पहले उसके हाथ अच्छे से धोएं.
  • बच्चे को हमेशा साफ़ पानी पिलायें.
  • बच्चे के साथ बाहर जाते समय घर का साफ़ पानी ही साथ ले जाये.
  • घर का बना हुया साफ़ और पौष्टिक खाना ही बच्चे को खिलाएं.
  • बाजार का बना हुआ खुला खाना ना खिलाएं इससे बीमारियाँ बढने के चांस ज्यादा हो जाते है.
  • 9 से 12 माह तक के बच्चे को टाइफाइड का टिका लगायें.

बच्चों के टाइफाइड का इलाज | Treatment of Typhoid in Children

  • कम से कम 2 सप्ताह तक बच्चे कोटाइफाइड की दवा दे.
  • शरीर में कमजोरी होने पर, उलटी-दस्त आदि होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ.
  • बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ.
  • बच्चे को जितना ज्यादा हो सके आराम करवाएं.
  • तेज बुखार आने पर ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखें.
  • बच्चे को ज्यादा पानी पिलायें. ध्यान रहे पानी साफ़ होना चाहिए. अगर घर में फ़िल्टर नहीं है तो पानी को उबाल कर पानी पिलायें.

ध्यान दे की घर और आसपास सफाई रखे. आपका बच्चा जहाँ खेलता है वहां साफ़-सफाई होनी चाहिए. बच्चे को साफ़ पानी पिलायें, स्वस्थ आहार दे और आसपास स्वच्छता रखें. टाइफाइड एक संक्रमित रोग है इसलिए रोगी के सम्पर्क में आने के दौरान ध्यान रखें. उनकी झूठी चीजों को ना खाएं.

आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से समझ गए होंगे की टाइफाइड क्या है, टाइफाइड होने के कारण और लक्षण क्या है तथा इससे कैसे बचा जा सकता है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है. उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे.  

About the author

Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

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