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5G तकनीक क्या है और कैसे काम करती है?

5G तकनीक क्या है
Written by Vijay Kumar

‘आवश्यकता आविष्कार की जननी है’ इन शब्दों को बचपन से सुनते आ रहे है, इस पर निबंध भी लिखे होंगे। लेकिन आज के नए युग ऐसा लगता इंसान अविष्कार कर लेता है तो सबको उसकी आवश्यकता लगने लगती है।

लेकिन  आज इंसान अपनी सामर्थ्य और दिमाग के दम पर हमने हर क्षेत्र में नया कीर्तिमान बना रहा रहा है। उन्ही क्षेत्रों में से एक है कम्युनिकेशन अर्थात सूचना विज्ञान. Mobile Technology के field में रोज नई जनरेशन की बढ़ोतरी हो रही है. जैसे की सन 80 में First Generation (1G), 90 में Second Generation (2G), सन 2000 में Third Generation (3G), सन 2010 में Fourth Generation (4G) और तैयार रहिए अब जमाना आ गया है 5G का, क्योंकि केवल युवापीढ़ी ही स्मार्ट नही हो रही बल्कि मोबाइल टेक्नोलॉजी भी स्मार्ट होती जा रही है।

5G तकनीक क्या है | What is 5G Technology

5G तकनीक का मतलब है 5th जनरेशन, ये बिल्कुल नई सेलुलर तकनीक है, इससे होगा ये की जितने भी  wireless networks है उनकी  speed और responsiveness बढ़ जाएगी।  5G, में data को wireless broadband connections के माध्यम से लगभग 20 Gbps से भी ज्यादा की speed में transmit किया जा सकता है. इसकी  latency 1 ms offer करती है, 5G में ज्यादा bandwidth और advanced antenna technology होने के कारण इसमें ज्यादा  से ज्यादा data ,wireless के माध्यम से transmit किया जा सकेगा।

Waves की फ्रीक्वेंसी भी बहुत ही ज्यादा हाई (30GHz – 300GHz) होगी जिन्हें Millimeter waves कहते हैं। इतनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी की वजह से ये ज्यादा से ज्यादा डेटा को Transmit कर सकती है waves 1 से 10 मिलीमीटर होती है, ये तकनीक हमे आज के मुकाबले 100 गुना तेज गति से डेटा प्रोवाइड कराएगी।

कई GB के डेटा को डाउनलोड करने में हमे कुछ ही पलों का समय लगेगा। स्वचालित वाहन हो या रिमोट संचालित ऑपेरशन, सब कुछ इतना आसान हो जाएगा जितना आपने कल्पना भी ना कि होगी। 4G को बहुत पीछे करके ये 5G तकनीक हमारे जीवन को बहुत ही सरल कर देगी।

बात  भारत की करें तो यहाँ पर अभी 4G तकनीक का ही विस्तार पूरी तरह नही हो पाया है जबको दुनियाभर के टेलिकॉम ऑपरेटर्स मोबाइल टेक्नॉलजी की अगली जेनरेशन 5G लाने की तैयारी में जुट गए हैं।

5G तकनीक केवल speed, capacity और latency में ही बेहतरी नही देगी बल्कि  दुसरे network management features जैसे network slicing में भी मदद करेगी, इस capability से wireless network connections को किसी specific uses या business cases में प्रयोग किया जा सकता है।

5G तकनीक कैसे काम करेगी | How 5G Works

5G तकनीक कैसे काम करेगी

जितनी भी हार्डवेयर devices और इम्पोर्टेन्ट इक्विपमेंट है पहले सबको 5G तकनीक के अनुसार डिज़ाइन करना होगा।  अभी मोबाइल इंडिस्ट्री अधिकतम 6GHz  स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करती है।लेकिन ये स्पेक्ट्रम अब sufficient नही है, इसे  30 से 300GHz तक करने पर ही 5G पॉसिबल है।

रिमोट में  300GHz से 100THz तक वेव्स इस्तेमाल करते हैं लेकिन हाई फ्रीक्वेंसी के कारण रिमोट एक रूम से दूसरे रूम तक काम नही कर पाता। Wireless networks जो कि  cell sites होते हैं उन्हें devide करते है sectors में, और यही sectors  radio waves के माध्यम से data send करते हैं।

 4G तकनीक में सिग्नल को radiate करने के लिए  बड़े, high-power cell towers की जरुरत होती है जबकि 5G wireless signals को transmit करने के लिए बहुत सारे small cell stations ही काफी होते है।

इन स्माल स्टेशन्स के लिए बहुत बड़ी जगह की आवश्यकता नही होगी, क्योंकि millimeter wave spectrum में — band of spectrum हमेशा 30 GHz से 300 GHz ही होता है इसलिए इसमे  multiple small cells का प्रयोग होता है। क्योंकि पहले की वायरलेस तकनीक में distance और interference ज्यादा होती है, इससे बचने के लिए wireless industry ने 5G networks में lower-frequency spectrum का इस्तमाल करने का सोचा है।

5G की विशेषताएं | Features Of 5G

  • Latency का 1 millisecond latency  होना,  1000x bandwidth per unit area का होना
  • इसकी 99% तक availability का होना
  • 100% coverage प्रदान करना, इससे पहले के मुकाबले ज्यादा एनर्जी सेव होगी, इसमें low power IoT devices को भी प्रयोग किया जा सकता है।
  • इसमें High increased peak bit rate होती है
  • ज्यादा data volume per unit area होती है
  • इसकी capacity इतनी होती है जिससे की ये ज्यादा devices के साथ concurrently और instantaneously connect हो जाती है, battery consumption बहुत कम होता है।
  • Infrastructural development जैसे कामो में ये लागत को कम से कम करने में  मदद  करेगी .
  • Communications ज्यादा reliable होगा होती है

5G की उन्नत सुविधाएं | Advanced Features Of 5G

  • super speed जिससे 1 से 10 Gbps को पा सकते हैं, इसका कनेक्शन 10 से 100 devices तक एक साथ कर सकते है।
  • केवल एक सिलेक्टेड नही बल्कि Worldwide coverage देता है,  Battery life बहुत ही लम्बी होती है।

5G के फायदे | Advantages Of 5G

  • Advantage तो अनगिनत है पर मुख्य फायदे निम्न है।
  • High resolution और bi-directional large bandwidth shaping का होना.
  • सभी networks को एक ही platform के अंतर्गत लाया जा सकता है.
  • बहुत ज्यादा यानी लगभग 60,000 connections से भी ज्यादा को support कर सकता है.
  • काफी effective और efficient है, Download Upload Speed बहुत बेहतरीन है।
  • subscriber को quick action लेने में दिक्कत नही होगी।
  • पुरानी तकनीक  के साथ आसनी से manage किया जा सकता है, एक सर्विस के समानांतर दूसरी सर्विस चालू कर सकते है।
  • कहीं एक जगह रखे अपने कंप्यूटर को दूसरी जगह से handsets के जरिये control कर सकते हैं।
  • Education सिस्टम बहुत ही आसान हो जाएगा और किसी भी हिस्से में कोई भी स्टूडेंट जहाँ से पढ़ना चाहे पढ़ सकेगा।
  • Medical treatment के भी आसान होने के आसार है क्योंकि रिमोट आपरेशन इस समय सफलता पर पहले से ही है।
  • crime rate में गिरावट भी आ सकती है क्योंकि इन्वेस्टीगेशन बहुत ही जल्दी और आसान हो जाएगी क्योंकि गवर्मेंट आर्गेनाइजेशन तुरन्त एक्शन ले पाएंगी।
  • अंतरिक्ष और galaxies, तक पहुँच आसान हो जाएगी, जब ये हो सकता है तो गुमशुदा इंसान को भी आसानी से खोजा जा सकता है।
  • सुनामी, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं का पहले से ही पता लगाया जा सकेगा।

5G के नुक्सान | Side Effects Of 5G

5G तकनीक के सिर्फ फायदे नही नुकसान भी है, जिन्हें जानना भी जरूरी है, जितनी भी हार्डवेयर devices और इम्पोर्टेन्ट इक्विपमेंट है पहले सबको 5G तकनीक के अनुसार डिज़ाइन करना होगा, और ऐसा करना बहुत ही खर्चीला काम है।

जितना technological support 5G तकनीक के लिए चाहिए उतना अभी बहुत बड़े हिस्से में अवेलेबल ही नही है।

5G की चुनौतियां | Challenges Of 5G

  • Inter-cell Interference
  • Efficient Medium Access Control
  • Traffic Management
  • Multiple Services
  • Infrastructure
  • Communication, Navigation, & Sensing
  • Security and Privacy
  • Legislation of Cyberlaw

5G तकनीक का भारत मे भविष्य | 5G Future In India

5G तकनीक का भारत मे भविष्य

सरकार ने 5G स्पेक्ट्रम के लिए ऑक्शन की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार ने ट्राई से कहा है कि 3400 से 3600 MHz बैंड्स की नीलामी के लिए शुरुआती दाम सुझाए. ट्राई ने इसपर काम शुरू कर दिया है।

About the author

Vijay Kumar

मेरा नाम विजय है और पेशे से में एक ब्लॉगर हूँ. मुझे ऑनलाइन अर्निंग का बहुत शौक है और अपने इसी शौक को पूरा करने के लिए मेने ब्लोगिंग का रास्ता चुना. आज के समय में ऑनलाइन अर्निंग काफी बढ़ चुकी है ऐसे में जरूरत है सही और सटीक ज्ञान की. आप मेरे ब्लॉग से सीखकर ऑनलाइन अर्निंग कर सकते है. मेरे ब्लॉग पर आपको काफी अच्छी ऑनलाइन अर्निंग से जुडी पोस्ट्स मिलेगी जिसे पढ़कर आप परत टाइम में अच्छा पैसा कमा सकते है.

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