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गोनोरिया या सूजाक (Gonorrhea) के लक्षण, कारण, निदान और उपचार

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Written by Amisha Bharti

गोनोरिया या सुजाक एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज है जो कि निसेरिया गानोरिआ बैक्टीरिया के कारण फैलती है। ये बैक्टरिया महिला और पुरुष के रिप्रोडक्शन ऑर्गन्स के अलावा मुँह, गला, आँख तथा एनस में भी बढ़ते है। पब्लिक टॉयलेट, पब्लिक पूल या लोगो को छूने से नही फैलता।

गोनोरिया कैसे होता है?

  1. अनसेफ सेक्सुअल सम्बन्ध बनाने से, इससे संक्रमित होने के लिए स्पर्म रिलीज होना आवश्यक नही है।
  2. एनल सेक्स या ओरल सेक्स करने से
  3. बार बार अलग पार्टनर के साथ सेक्स करने से
  4. ये यूट्रस को भी प्रभावित कर सकता है इसलिए माँ से बच्चे को भी हो सकता। बच्चो में ये ज्यादातर आँख को प्रभावित करता है।

महिलाओं में गोनोरिया के लक्षण

असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने के दस दिन के अंदर इसके लक्षण दिखने लगते है। इसलिए सदैव सचेत रहे।

  1. योनि से पानी आना, जबकी पहले आपके साथ ऐसा कभी ना हुआ हो।
  2. योनि से खून निकलना,अर्थात माहवारी के अंतराल के बीच रक्तस्राव होना
  3. पेशाब  करते समय दर्द होना।
  4. पेल्विस में दर्द होना, ये दर्द सेक्स सम्बंध बनाते समय बढ़ सकता है।
  5. एनस से पानी निकलना या दर्द होना
  6. आँख से पानी आना
  7. इंटरकोर्स के बाद धब्बे दिखना
  8. गले की गांठ में सूजन या दर्द ओरल सेक्स की वजह से हो सकता है।
  9. बुखार, मांसपेशियों में दर्द, थकान या सरदर्द हो सकता हैं।
  10. खुजली के साथ वाइट डिस्चार्ज होना।
  11. मलत्याग में परेशानी
  12. योनि से तेज बदबू और पीला या हरा स्त्राव

कितना खतरा हो सकता ह?

यदि समय पर इसका इलाज ना किया जाए तो यौन अंगों में सूजन आ सकती है। ये संक्रमण यूट्रस से लेकर फेलोपियन ट्यूब तक फैलकर एक स्त्री को बांझ बना सकता है। ज्यादा बिगड़ने पर गोनोरिया पेल्विक सूजन या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का कारण भी हो सकता है

गोनोरिया की जाँच

  • गोनोरिया की जाँच यूरिन सैम्पल लेकर की जाती है इसमे डॉक्टर महिला को कम से कम 2 घण्टे के लिए यूरिन पास करने से मना कर देते है तब सैम्पल लिया जाता है।
  • दूसरे तरीके में संक्रमित स्थान से रुई फाहे से सैम्पल लिया जाता है।
  • केवल संक्रमित व्यक्ति का ही नही उसके सेक्स पार्टनर का भी टेस्ट होना जरूरी होता है।

गोनोरिया का इलाज

  • एंटीबायोटिक दवाओं से गोनोरिया का इलाज़ आसानी से किया जा सकता है।
  • डॉक्टर आपको जैसे या जिस तरह से कहता है उसी प्रकार दवाओ का पूरा कोर्स करें।
  • थोड़ा सा आराम लगने पर इलाज ना छोड़े अन्यथा ये संक्रमण वापस हो सकता है।
  • लेकिन देर से इलाज़ कराने पर गोनोरिया ठीक हो सकता है लेकिन रिप्रोडक्शन सिस्टम में आई कमी ठीक नही की जा सकती।
  • गोनोरिया के इलाज के एक सप्ताह बाद तक भी सेक्स सम्बन्ध ना बनाएं। कॉन्डोम या किसी दूसरे प्रीकॉशन के साथ भी सम्बन्ध नही बनाना चाहिए।

गोनोरिया से बचने के लिए ली जाने वाली सावधानियां

  1. कभी भी असुरक्षित यौन सम्बन्ध ना बनाएं, हमेशा कंडोम का प्रयोग करें।
  2. यदि आप किसी नए साथी से सम्बन्ध बनाने वाली है तो उसकी जाँच कराए, क्योंकि  हो सकता है आपके साथी को इस संक्रमण की जानकारी ना हो।
  3. आपको योनि से कोई असामान्य स्त्राव हो, दर्द हो अथवा जलन तो बिना देर किए डॉक्टर से अपनी जाँच कराए।

गोनोरिया के घेरलू उपाय

  • जिंक: जिंक रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है,वाइट ब्लड सेल की मात्रा को बढ़ाता है। इसके  लिए डार्क चॉकलेट, तिल का प्रयोग करे। इसके अलावा अजमोद, शतावरी अंजीर, मूंगफली, सूरजमुखी, राजमा, मसूर की दाल, शकरकंद ले।
  • लहसुन: ये एक एंटीबैक्टीरियल फूड है जो बहुत ही आसानी से मिल जाता है। इसे खाने से एलिसिन नामक तत्व एक्टिव हो जाता है इससे इम्युन सिस्टम मजबूत बनता है।
  • विटामिन सी: विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता हूं, ये गोनोरिया  को ठीक करने में मदद करता है साथ ही सूजन भी कम करता है। इसके लिए स्ट्राबेरी, पपीता, खरबूज, तरबूज, मूली, अंजीर, कद्दू, आम, आड़ू, सेम की फली, आलूबुखारा, सेब, मक्का का सेवन करे।
  • विटामिन ए: इसके लिए गाजर, पालक, तुलसी, धनिया, फूलगोभी, कासनी, शतावरी, काजू, अवेकाडो, ओट्स, अन्नानास, खजुर, नाशपाती खाए। गन्ने का रस और सभी प्रकार की बेरी भी ले।
  • एप्पल साइडर विनेगर: सेब का सिरका एंटीबैक्टीरियल और एन्टीमाइक्रोबियल पदार्थ है। इसका उपयोग नहाते समय किया जा सकता है।
  • एलोवेरा: इसका उपयोग के सौंदर्य के लिए नही होता, बल्कि इसमें पाया जाने वाला तत्व बार्बाडेन्सीस मिला  गोनोरिया में काफी फायदेमंद हैं।
  • टी ट्री आयल: टी ट्री आयल को भी टैम्पून के ऊपर लगाकर प्रयोग किया जा सकता है।

खान पान का ख्याल

  • इन चीज़ों का परहेज करें: शराब,कैफीन मिर्च मसालेदार भोजन, तला भुना,  तम्बाकू, आर्टिफीसियल स्वीटनर, पैकेजिंग वाले पदार्थ, समुंद्री भोजन, ग्लूटेन युक्त भोजन
  • क्या खाएं: प्रोबियोटिक जैसे दही का सेवन करे

About the author

Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

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