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एसिडिटी या अम्लता या पेट की जलन | Acidity Ki Jaankari Hindi Mei

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Written by Amisha Bharti

एसिडिटी या पेट की जलन एक ऐसी समस्या है जिससे आजकल काफी लोग परेशान हैं। इसका सीधा सीधा कारण लोगो की जीवनशैली और खान पान में बदलाव है। ज्यादा खाना, असमय खाना, बिल्कुल ना खाना ये सब कारण एसिड रिफ्लक्स का कारण बनता है। दरअसल हमारे शरीर मे में हाइड्रोक्लोरिक एसिड होता है जो पेट मे भोजन को पचाने का कार्य करता है।

एक वाल्व होता है जो भोजन को वापस इसोफेगस या फूड पाइप में जाने से रोकता है। जब से वाल्व सही से काम नही करता तो भोजन और एसिड वापस एसोफेगस या फूड पाइप में चला जाता हैं। एसोफेगस की लेयर इस एसिड को सहने लायक नही होती जिससे जलन होने लगती हैं। ये जलन सीने के निचले हिस्से में होती है।

एसिडिटी के कारण | Causes of Acidity in Hindi

  1.  ज्यादा मसालेदार और तला हुआ भोजन लम्बे समय तक करना
  2.  समय पर भोजन ना करना, कभी सुबह का नाश्ता छोड़ देना, कभी नाश्ते के बाद शाम तक कुछ ना खाना
  3.  एसिडिटी केवल ज्यादा खाने नही कम खाने से भी बनती है।
  4.  मोटापा होना भी एक कारण है।
  5.  ज्यादा कैफिन का सेवन करना।
  6.  एल्कोहल औऱ धूम्रपान
  7.  गर्भवास्था में एसिडिटी होती है।
  8.  खाना खाते ही ले जाना या सो जाना
  9.  तनाव एसिडिटी का बहुत बड़ा कारण है
  10.  कुछ एलोपैथी दवाइयां जैसे एन्टी डिप्रेसेंट, अस्थमा में लेने वाली मेडिसिन भी कारण है।ज्यादा नमक और मीठा खाना
  11.  हल्का फुल्का व्यायाम ना करना
  12.  पूरी नींद ना लेना
  13.  दर्द निवारक दवाएं भी एसिडिटी की कारक हो सकती है।
  14.  खाने के तुरंत बाद पानी पीना
  15.  निवाले के साथ साथ पानी पीना

एसिडिटी के लक्षण | Symptoms of Acidity in Hindi

  • सीने में जलन, पेट फूलना, उल्टी, सुखीखाँसी, छाती या पेट मे ऊपर की तरफ दर्द, भोजन निगलने मेंदर्द, दाँतो की इनेमल परत को नुकसानसांसों में बदबू काला या खून के साथ मल आना, वजन घटना, गले मे खराश होना, हिचकी आना, गले मे घरघराहट, बार बार डकार आना।
  •  कभी कभी एसिड गले तक भी आ जाता है जिससे गले मे जलन और मुँह का स्वाद कड़वा हो जाता है।
  • समस्या बहुत ज्यादा बढ़ने पर एंटा एसिड काम करना बंद कर देती है।
  • छाती के साथ कंधे, गर्दन और बाजू में दर्द होने लगता है, कभी कभी रीढ़ की हड्डी में नीचे दर्द होता है।
  • आम भाषा मे कहा जाता है कि जहा जहां पर गैस घूमती है वहीं दर्द होता है।

एसिडिटी की जाँच | Diagnosis of Acidity in Hindi

  • एसिडिटी जब गम्भीर रूप धारण कर लेती है तो पूरी तरह जाँच के बाद उसका इलाज किया जाता है।
  • एंडोस्कोपी, बयोस्कोपी, बेरियम एक्सरे द्वारा जाँच की जाती हैं। टेस्ट में देखा जाता है एसोफेगस पर कितना दबाव है, एसिड की मूवमेंट कितनी है साथ ही एसिडिटी कितने स्तर तक तक है। दवाओं के तौर पर एंटा एसिड, एसिड के स्तर को कम करने दवाई, एसोफेगस पर प्रोटेक्टिव लेयर बनाने वाली दवाएं दी जाती है। बहुत से लोग लम्बे समय तक दवाई नही लेना चाहते या उन्हें दवाईओ से साइड इफ़ेक्ट होते है तो सर्जरी भी एक विकल्प है।

एसिडिटी दूर करने के बचाव और उपाय | Precautions and Cure for Acidity in Hindi

एसिडिटी की समस्या को यदि समय रहते ही कंट्रोल कर लिया जाए तो स्थिति गम्भीर नही होती। इसमे सबसे बड़ा कारक गलत और हानिकारक जीवन शैली है। यदि इस पर काम किया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है

आइए देखते है क्या क्या बचाव या उपाय है जो हम कर सकते है। समय पर खाना खाएं, दो मील के बीच मे ज्यादा गैप ना रखे। बाहर मिलने वाला खाना ना खाएं तो ज्यादा बेहतर है। अगर खाना पड़े तो लगातार ना खाएं।

  •  केवल मौसमी फल और सब्जियां खाए और खूब खाए।बेमौसम मिलने वाले स्टोरेज वाली सब्जियां फल ना खाएं।
  •  रात को सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खा ले खाने के तुरन्त बाद सोये और लेटे ना खाने के बाद कम से कम 100 कदम चले खाने के आधा घण्टा पहले और 1 घण्टे बाद पानी पिएं। सुबह खाली पेट तेज गर्म नही केवल गुनगुना या नॉर्मल पानी पिएं। व्यायाम करें या योगा करे पर शरीर को एक्टिव रखे। दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिएं एक साथ ज्यादा खाना ना खाकर थोड़ा थोड़ा कई बार खाए। ज्यादा सूखे मेवे जैसे मूंगफली, अखरोट, और काली मिर्च दालचीनी वगरैह ना खाएं।कोल्डड्रिंक, जंक फूड, ना खाएं
  •  ज्यादा नमक और मीठा प्रयोग ना करे खट्टे फल ना खाएं मैदा, रिफाइंड आयल, प्रयोग ना करे, क्या खाएं
  •  अदरक, आंवला, अलोवेरा, अंडे का सफेद भाग, मौसमी फल और सब्जियां, इलायची, तुलसी, पुदीना, सौंफ, जीरा,
  •  छाछ, दही, अनानास का जूस, वेजिटेबल सूप, च्यूईंग चबाए एसिडिटी में हमेशा ठंडा दूध पिए
  •  खाना चबा चबा कर खाएं

पेट में जलन और एसिडिटी दूर करने के लिए अपनाए ये घरेलु नुक्से

  1. जीरा, छोटी हरड़, अजवायन, को बराबर मात्रा में भून कर पीस ले, आम की गुठली को सुखाकर पीस ले. इन सबको पीसकर मिश्रण बनाकर रख ले. खाने के आधे घण्टे बाद आधा चम्मच गुनगुने पानी से ले ले।
  2. आधा निम्बू गैस पर सेक कर गरम कर ले, गर्म गर्म निम्बू पर काला नमक और भुना हुआ पिसा जीरा डालकर चाट ले।
  3. खाना खाने के 15 मिनट बाद ताजा छाछ में भुना जीरा और पिसा पुदीना डालकर पिए।
  4. भारी खाना खाने के बाद आधा चम्मच अजवायन में चुटकी भर काला नमक डालकर पानी से ले ले।
  5. एक भाग पिसा धनिया और 2 भाग पिसी मिश्री मिलाकर सुबह शाम एक एक चम्मच ले।
  6. आँवले का मुरब्बा, जूस का सेवन कर
  7. एक ऐसा कारण जिसे सभी नजरअंदाज करते है, लेकिन वो बहुत गहराई से एसिडिटी से जुड़ा होता है ‘तनाव’
  8. तनाव से खुद को दूर रखें, मैडिटेशन करे, म्यूजिक सुने, अपनी होबिज़ पूरी करें,

About the author

Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

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