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अमलतास क्या है और इसके फायदे

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Written by Surbhi

आपने अमलतास का पेड़ देखा होगा जो की आमतौर पर मध्यम आकार का होता है। दिखने में यह बहुत सुंदर होता है और इसकी पत्तियाँ आकार में बड़ी, गहरे भूरे रंग की होती है। इसके फुल चमकीले पीले रंग के होते है जिस पर सूरज की किरण पड़ते ही यह चमकने लगते है। अगर आप अमलतास को एक साधारण सा पेड़ मानते है तो यह आपकी बहुत बड़ी गलती है।

प्राचीन समय से अमलतास के पेड़ की शाखा, फल और पत्तियों का प्रयोग दवा बनाने के लिया किया जा रहा है। इस पेड़ के बहुत से ओषधिय गुण है जिसकी वजह से यह हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। त्वचा, कैंसर, कब्ज, ट्यूमर, मधुमेह, कुष्ठ रोग आदि कई तरह की बीमारियों में इसका प्रयोग किया जाता है। आईये जानते है अमलतास के फायदों के बारे में।

अमलतास के फायदे | Benefits of Amaltas in Hindi

1. गैस की समस्या को दूर करने में

अगर आपको काफी समय से पेट की गैस या एसिडिटी की समस्या है तो आप अमलतास का प्रयोग कर सकते है। आप इसके फल से निकलने वाली लुगदी से नाभि के आस-पास 10 मिनट तक मालिश करें इससे आपको जल्दी ही गैस की समस्या से राहत मिल जाएगी। जिन्हें काफी लम्बे समय से गैस की समस्या है उन्हें लगभग 1 महीने तक यह उपाय करना चाहिए।

2. त्वचा के लिए

अगर आप त्वचा की जलन, सुजन और दर्द से परेशान है तो अमलतास की पत्तियाँ इसमें बहुत लाभकारी है।अमलतास के पत्तों का रस आप प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते है। इससे आपको तुरंत ही आराम मिल जाता है।

3. डायबिटीज के लिए

डायबिटीज दुनिया में सबसे गंभीर बीमारी है और काफी सारे लोग इसकी चपेट में है। अगर आप भी डायबिटीज की समस्या से परेशान है तो अमलतास इसमें आपकी काफी मदद कर सकता है।अमलतास के पौधे की छाल का अर्क बनाकर सेवन करने से यह इन्सुलिन को नियमित रखता है जिससे शुगर का लेवल बढ़ता-घटता नहीं है।अमलतास के पौधे में एंटी-डायबेटिक गुण होता है जिसकी वजह से यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है।

4. नाक की फुंसी में

अमलतास के पेड़ की पत्तियाँ और छाल को पीसकर इसका पेस्ट बना ले और इसे नाक की छोटी-छोटी फुंसियों पर लगायें। इससे जल्द ही फुंसिया ठीक हो जाएगी। आप चाहे तो एक बारे आयुर्वेदिक डॉक्टर से भी इस बारे में सलाह ले सकते है।

5. गठिया रोग के इलाज में

जो लोग सुजन और गठिया रोग से परेशान है उनके लिए अमलतास बहुत गुणकारी है। गठिया रोग की वजह से जोड़ो में दर्द और सुजन पैदा होने लगती है। इस वजह से उंगलियाँ, कलाई और एड़ियां भी प्रभावित होने लगती है।

ऐसे में अमलतास में एंटीओक्सिडेंट की अच्छी मात्रा होती है और इसमें कई तरह के ओषधिय गुण होते है जिस वजह से गठिया रोग को दूर करने में यह बहुत फायदेमंद है। नियमित रूप से अमलतास की 15-20 पत्तियों को घी में तलकर दिन में दो बार सेवन करने से गठिया रोग को दूर किया जा सकता है।       

6. शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने में

अमलतास के छाल का काढा बनाकर पीने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है। बेहतर परिणाम के लिए इस काढ़े को आप दिन में दो बार पीएं।

7. कब्ज को दूर करने में

आज के समय में कब्ज एक गंभीर बीमारी है और एक ना एक बार हर आदमी इससे पीड़ित जरुर होता है। कब्ज कई बीमारियों की वजह भी बनती है। कब्ज को दूर करने के लिए एक गिलास पानी में अमलतास के फल की 15-20 ग्राम लुगदी को रात को भिगो दे। अगली सुबह इस पानी को अच्छे से छाने और पी ले।अमलतास के गुदे में पेट को साफ़ करने के गुण होते है जिससे पेट से विषाक्त पदार्थ दूर होते है और इस वजह से कब्ज में जल्दी राहत मिलती है।       

8. प्रेगनेंसी को रोकने में

प्राचीन समय में गर्भावस्था को रोकने में अमलतास का प्रयोग किया जाता था। इस पौधे में मौजूद घटक प्रजनन में शामिल हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करते है।अमलतास के बीजों से निकाले गए पाउडर का सम्भोग करने के दौरान 5 दिन तक सेवन करने से प्रेगनेंसी की संभावनाओं को 70% तक कम किया जा सकता है।

9. मच्छरों से बचने में

एक शोध से पता चला है की अमलतास और दालचीनी के तेल को लगाने से मच्छरों से बचा जा सकता है। इसके लिए आप अमलतास और दालचीनी के तेल की बराबर मात्रा ले और इस मिश्रण को अपने शरीर पर लगा दे। इसको लगाने के बाद मच्छर आपके आस-पास नहीं आयेंगे।

10. दाद के उपचार में

अमलतास के पत्तियों में एंटीओक्सिडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते है जो दाद के उपचार में फायदेमंद है। अगर आप अमलतास के पत्तियों के रस को दाद, जलन या सुजन पर लगाते है तो इससे जल्द ही आराम मिलता है। पुरानी दाद को दूर करने में भी अमलतास बहुत फायदेमंद है।

11. बालों के लिए

अगर आप बालों में गंजेपन या रुसी की समस्या से परेशान है तो आप बकरी के दूध और अमलतास की पत्तियों की राख को मिलाकर अपने सिर में लगायें। इसके अलावा आप इसे दाढ़ी के बालों पर भी प्रयोग कर सकते है।

12. बुखार को दूर करने में

अमलतास की जड़ बुखार के लिए टोनिक का काम करती है।अमलतास की जड़ का की जड़ का काढा या इसकी जड़ो से बनाई गई शराब पीने से बुखार में राहत मिलती है।

अमलतास के नुकसान | Side-effects of Amaltas in Hindi

  • अमलतास का अधिक मात्रा में सेवन करने से उलटी, दस्त और मतली की शिकायत हो सकती है।
  • अगर आप किसी ख़ास दवा का सेवन कर रहे है तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका प्रयोग करें।
  • गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन ना करें अन्यथा गर्भपात हो सकता है।
  • जिन लोगों को डायरिया या खसरा रोग है उन्हें अमलतास लेने की सलाह नहीं दी जाती है।

आपने आज की इस पोस्ट में अमलतास क्या है और इसके फायदों के बारे में जाना है। उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे ताकि हम आगे भी ऐसी अच्छी से अच्छी पोस्ट आपके बीच ला सके।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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