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पुरुषों में होने वाले एनजाइना पेन के कारन, लक्षण और इलाज

Angina-Treatment-causes-and-symptoms-in-hindi
Written by Saransh Sethi

एनजाइना एक तरह से छाती का दर्द है जो हृदय में रक्त के प्रवाह की कमी के कारण होता है. जब हृदय की मांशपेशियों के द्वारा ओक्सिजन युक्त रक्त बहुत कम मात्रा में दिल को प्राप्त होता है तब यह छाती में तनाव पैदा करता है और दर्द का कारण बनता है. हृदय के इन्हीं लक्षणों को एनजाइना के नाम से जाना जाता है. आईये जानते है एनजाइना के प्रकार, लक्षण, कारन और इलाज के बारे में.

एनजाइना के प्रकार | Types of Angina in Hindi

  • स्थिर एनजाइना :- यह एनजाइना का सबसे सामान्य प्रकार है. इकसे लक्षण बहुत ही आसान होते है. जिन्हें ट्रैक कर पाना आसान होता है और इसका इलाज आसान होता है.
  • अस्थिर एनजाइना :– यह अचानक होता है और समय बीतने के साथ बढ़ता जाता है और बदतर होता जाता है. इसकी वजह से दिल का दौरा भी आ सकता है.

एनजाइना के लक्षण | Symptoms of Angina in Men in Hindi

  • छाती में दर्द महसूस होना
  • बैचेनी होना
  • छाती में जलन होना
  • हार्टबर्न की समस्या होना
  • बाहों, गर्दन, जबड़े, कंधे और सीने में दर्द होना
  • पीठ में दर्द होना
  • जी मचलना और चक्कर आना
  • अधिक थकान महसूस होना
  • साँसों में कमी होना और सांस लेने में दिक्कत होना
  • कमजोरी महसूस होना
  • खट्टी डकारें आना
  • पसीना आना
  • सिर चकराना
  • छाती में दबाव और सिकुड़न होना

एनजाइना के कारण | Causes of Angina in Men in Hindi

  • धमनियों के बहुत ज्यादा संक्रीण हो जाने पर
  • ओक्सिजन युक्त रक्त का हृदय की मांसपेशियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाने पर
  • धमनियों को नुकसान पहुंचाने वाले अन्य कारक जैसे रक्त में वासा या शुगर के उच्च स्तर भी एनजाइना का कारण बनता है
  • शारीरक थकावट और ज्यादा काम करने से भी
  • भारी भोजन करने से
  • गंभीर तनाव
  • धुम्रपान के सेवन से एनजाइना होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.

किन लोगों को एनजाइना का खतरा रहता है? | Who are at risk of Angina?

  • यह बीमारी आमतौर पर पुरुषों में पाई जाती है. खासकर उन लोगों में जो तम्बाकू का सेवन करते है या धुम्रपान करते है  
  • जिन लोगों को डायबिटीज है, उच्च रक्तचाप है या कोलेस्ट्रोल है उन्हें ज्यादा खतरा रहता है
  • योग और व्यायाम ना करने वाले लोगों को भी एनजाइना का खतरा रहता है
  • आनुवंशिक कारन भी इसके लिए जिम्मेदार है
  • अधिक उम्र के लोगों को एनजाइना होने का खतरा ज्यादा रहता है.

एनजाइना की जांच | Diagnosis of Angina in Hindi

  • शारीरिक परिक्षण
  • लक्षणों की जांच
  • ECG
  • तनाव परिक्षण
  • Echocardiogram
  • एक्स-रे
  • खून की जांच
  • कोरोनरी एंजियोग्राफी
  • टोमोग्राफी स्कैन

एनजाइना का इलाज | Treatment of Angina in Hindi

एनजाइना का इलाज इस बात पर निर्भर करता है. जो पुरुष हल्के एनजाइना के दर्द से पीड़ित है उनका इलाज दवाइयां देकर और उनकी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर किया जाता है. डॉक्टर आपको ऐसी दवाईया देगा जिससे हृदय में बेहतर रक्त प्रवाह हो सके, दिल का दर्द कम हो सके, रक्त वाहिकाएं शिथिल हो सके और रक्त के थक्के बनने रुक जाये. अगर दवाइयों से काम नहीं बनता है तो सर्जरी की जाती है.

1. एंजियोप्लास्टी / स्टेटिंग

इसमें डॉक्टर एक पतली ट्यूब जिसके भीतर एक गुब्बारा छुपा होता है का प्रयोग करते है. इस ट्यूब को रक्त वाहिका के माध्यम से दिल तक पहुंचाते है. इसके बाद रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए गुब्बारे को संकुचित धमनी के अंदर फुलाकर यूज़ चौड़ा करते है. एक छोटी सी ट्यूब को इसे खोले रखने के लिए धमनी के अंदर छोड़ा जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में 2 घंटे लगते है. इसमें एक दिन के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ सकता है.

2. कोरोनरी बायपास ग्राफ्टिंग

इसके डॉक्टर शरीर के दुसरे हिस्से से स्वस्थ धमनियों या नसों को रोकने या संकुचित रक्त वाहिकाओं के स्थान पर इस्तेमाल करते है. इस में आपको एक सप्ताह के लिए हॉस्पिटल में भर्ती रहना पड़ सकता है.

एनजाइना में किन चीजों से परहेज रखना पड़ता है | Precautions to Take in Angina in Hindi

  • ज्यादा नमक वाली चीजें खाने से बचें
  • ऐसी चीजें ना खाएं जिसमे ज्यादा तेल, वसा आदि हो
  • तला हुआ भोजन ना करें
  • पनीर, क्रीम, अंडे आदि कम खाएं
  • फ़ास्ट फ़ूड खाने से बचें

एनजाइना में क्या खाएं? Diet for Angina Patient

  • फल, सब्जियां, साबुत अनाज आदि
  • मछली और सेम की फलियाँ
  • कम वसा वाले डेयरी उत्पाद जैसे कम वसा वाला दही आदि.

एनजाइना से बचाव कैसे करें | Remedies to Treat Angina at Home in Hindi

  • हर तरह के नशे से दूर रहे
  • धम्रपान ना करें
  • स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं
  • ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल आदि को कण्ट्रोल में रखें
  • स्वस्थ आहार ले और आहार में पोषक तत्वों को शामिल करें
  • शारीरिक गतिविधियाँ बढ़ाएं
  • वजन को कण्ट्रोल में रखें
  • किसी तरह की चिंता ना करें
  • तनाव के स्तर को कम रखें
  • शराब का सेवन ना करें
  • नियमित रूप से योग और व्यायाम करें

About the author

Saransh Sethi

मेरा नाम सारांश है और में एक हेल्थ ब्लॉगर हूँ. मैं हेल्थ से संबधित जानकारी लोगों के साथ शेयर करना पसंद करता हूँ, खासकर पुरुषों से संबधित हेल्थ जानकारी. अगर आप एक पुरुष है तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है. इस पर आप अपनी हेल्थ से जुडी सभी तरह की समस्याओं के बारे में और उनके इलाज के बारे में जानकारी पा सकते है.

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