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हेमपुष्पा के फायदे एवं उपयोग इन हिन्दी- Benefits of Hempushpa in Hindi

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Written by Surbhi

आपमें से कई लोगों ने शायद हेमपुष्पा के बारे में नहीं सूना होगा। लेकिन आपको बता दे की हेमपुष्पा कई बीमारियों का इलाज करने के लिए एक पूरी तरह से प्राकृतिक आयुर्वेदिक ओषधि है। लगभग शरीर की हर तरह की बीमारी में हेमपुष्पा फायदेमंद और कारगार है।

महिलाओं के मासिक धर्म से संबधित कोई समस्या हो या शरीरिक असंतुलन, मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के विकार में हेमपुष्पा बहुत लाभकारी है।हेमपुष्पा को राजवाद्य शीतल प्रसाद और संस द्वारा बनाया जाता है।हेमपुष्पा की सबसे ख़ास बात यह है की इसका सेवन स्वस्थ पुरुष और महिला भी कर सकती है।

हेमपुष्पा कई तरह की प्राकृतिक ओषधियों से मिलकर बना है जो की शरीर के लिए बहुत जरुरी और फायदेमंद है। शारीरिक रूप से कमजोर और पतले लोगो के लिए भी हेमपुष्पा एक तरह से वरदान है। आईये जानते है हेमपुष्पा के क्या-क्या फायदे है।

हेमपुष्पा किन-किन प्राकृतिक तत्वों से मिलकर बनी है? | Natural Ingredients of Hempushpa in Hindi

  • लोध्र
  • मंजिष्ठा
  • बाला
  • गोखरू
  • अनंतमूल
  • मुसली
  • बाख
  • दारु हल्दी
  • गंभारी
  • नागरमोथा
  • शतावरी
  • अश्वगंधा आदि।

हेमपुष्पा के फायदे | Hempushpa Benefits in Hindi

  • पेशाब संबधी समस्याओं को दूर करने में
    मूत्र मार्ग में संक्रमण, पेशाब में जलन, पेशाब करते समय सनसनी होना, पेशाब गहरे रंग का आना आदि बीमारियों को हेमपुष्पा के द्वारा ठीक किया जा सकता है। इसके नियमित प्रयोग से गुर्दा भी सही से कार्य करने लगता है।
  • स्वस्थ वजन हासिल करने में
    वे महिलाएं जो बहुत पतली है और किसी वजह से सही वजन हासिल करने में असमर्थ है तो यह सिरप उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अगर ऐसी महिलाएं नियमित रूप से हेमपुष्पा का सेवन करें तो वे सही उंचाई के साथ-साथ सही वजन हासिल करने में समर्थ हो जाएगी।
  • गैस की समस्याओं में
    कुछ महिलाएं पेट में गैस की समस्या से काफी लम्बे समय से ग्रसित होती है और उन्हें बार-बार गैस की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे मेंहेमपुष्पा सिरप आंतो के विकारों को दूर कर गैस की समस्या से राहत दिलाती है।
  • हार्मोनल असंतुलन सही करने में
    हर महिला को अपने जीवन में हार्मोनल असंतुलन से गुजरना पड़ता है। जिसमे मुहांसे, अनचाहे बालों में वृद्दि, कामेच्छा में कमी, तनाव जैसी समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है। ऐसे में हेमपुष्पा के नियमित सेवन से हार्मोनल असंतुलन को दूर किया जा सकता है।
  • पीरियड्स (मासिक धर्म) को नियमित करने में
    कई महिलाओं में समय से पहले पीरियड्स आ जाते है तो कई बार काफी समय तक पीरियड्स नहीं आते है और कई महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान तेज दर्द से गुजरना पड़ता है। कई महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान बहुत अधिक खून आता है। ऐसे में हेमपुष्पा मासिक धर्म संबधी सभी विकारों को दूर करने में एक लाभकारी ओषधि है।
  • गर्भवती महिला के लिए
    गर्भवती महिला को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कब्ज, तनाव, कमजोरी, पाचन में कमजोरी आदि और ऐसे गर्भावस्था में हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। ऐसे में हेमपुष्पा सिरप के नियमित उपयोग से इन समस्याओं से निजात पाई जा सकती है।
  • मासिक धर्म के दौरान तेज दर्द होने पर
    महिलाओं की सबसे आम समस्या है मासिक धर्म के दौरान तेज दर्द होना और कभी-कभी यह दर्द असहनीय हो जाता है और ऐसे में कई बार तेज ब्लीडिंग भी होने लगती है।हेमपुष्पा के नियमित उपयोग से मासिक धर्म के दौरान होने वाले तेज दर्द से बचा जा सकता है।
  • रजोनिवृत्ति सिंड्रोम को दूर करने में
    एक उम्र के बाद महिलाओं का अंडाशय अंडे का उत्पादन करना रोक देता है और शरीर भी कम एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन स्त्रावित करता है। ऐसे में शरीर में पीठ दर्द, कमर दर्द और कई तरह की समस्याएं होने लगती है। ऐसे में हेमपुष्पा सिरप के नियमित इस्तेमाल से इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है।

हेमपुष्पा के उपयोग के दौरान रखें यह सावधानियां | Precautions to take for Hempushpa in Hindi

  • इस दवा को भोजन या नाश्ते के बाद ही लेनी चाहिए।
  • अगर आप दिल की, गुर्दे की या जिगर की किसी बीमारी पीड़ित है तो एक बार डॉक्टर से सलाह लेकर ही हेमपुष्पा का सेवन करें।
  • अगर हेमपुष्पा में मौजूद सामग्री से आपको किसी तरह की एलर्जी है तो इसका प्रयोग न करें।
  • स्तनपान के दौरान डॉक्टर से सलाह लेकर ही इस दवा का प्रयोग करें।
  • शराब के साथ इस दवा का प्रयोग भूलकर भी ना करें।
  • गर्भावस्था के दौरान भी डॉक्टर से सलाह लेकर ही हेमपुष्पा का सेवन करें।

हेमपुष्पा की खुराक कैसे ले | Dosage of Hempushpa in Hindi

दिन में दो बार हेमपुष्पा सिरप की 7 मिलीलीटर की खिराक सुबह और शाम को लेनी चाहिए। अगर आप को किसी तरह की बीमारी है तो एक बार डॉक्टर से सम्पर्क करने के बाद इस दवाई को लेना चाहिए।

आपने आज की इस पोस्ट में हेमपुष्पा के फायदों और खुराक के बारे में जाना है। उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे ताकि हम आगे भी ऐसी अच्छी से अच्छी पोस्ट आपके बीच ला सके।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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