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पुरुषों में ये हैं ऑस्टियोपोरोसिस के कारण और लक्षण

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Written by Surbhi

पुरुषों में बहुत साइलेंट होते हैं ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या आजकल बहुत तेजी से बढ़ रही है। सबसे ज्यादा यह समस्या महिलाओं में होती है लेकिन गलत खानपान और खराब जीवन शैली तथा व्यायाम के अभाव में यह पुरुषों में भी बहुत तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में महिलाओं से ज्यादा यह बीमारी पुरुषों में फ़ैल रही है।

इसका सबसे ख़ास कारण है खराब जीवनशैली। एक शोध के अनुसार भारत में हर तीन में से एक पुरुष ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी से ग्रसित है या उसमे इसके लक्षण दिखाई दे रहे है। ऐसा पुरुषों में पाए जाने वाले हार्मोन टेस्टोंस्टेरान की कमी से भी होता है। टेस्टोंस्टेरान की कमी से हड्डियों में खनिजों का घनत्व यानी BMD कम हो जाता है और इसकी वजह से पुरुषों में हड्डियां टूटने लगती है।

अगर आपको भी कमर, गर्दन, घुटने या शरीर के किसी हिस्से में दर्द है तो सावधान होने की जरूरत है। कहीं आपकी लापरवाही आपको ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार ना बना दे। आजकल के समय में ऑस्टियोपोरोसिस बहुत भयानक रूप से फ़ैल रहा है, इसलिए आपको थोडा सावधान होने की जरूरत है। आईये जानते है ऑस्टियोपोरोसिस होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में।

क्या है ऑस्टियोपोरोसिस?

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमे हड्डियों के घनत्व या BMD में कमी आ जाती है। इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती है और उनके टूटने की संभावना बढ़ जाती है। इसकी वजह से हड्डियों में बार-बार फ्रेक्चर होने की शिकायत रहती है। पहले यह बीमारी बुढापे में होती थी क्योंकि उस स्टेज में शरीर कमजोर हो जाता था लेकिन बदलती जीवनशैली की वजह से यह बीमारी आजकल कम उम्र के लोगों को भी हो रही है।

क्यों ऑस्टियोपोरोसिस को कहा जाता है साइलेंट कीलर?

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ऑस्टियोपोरोसिस को साइलेंट कीलर इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस बीमारी का सबसे बड़ा खतरा यह है की इसके कारण हड्डियां मुलायम होकर टूटने लगती है और इसके लक्षणों का पता भी नहीं चल पाता या जब पता चलता है तब तक देर हो चुकी होती है।

यह बीमारी चुपके से आती है और अपना काम कर देती है। जब तक मरीज की नींद खुलती है तब तक देर हो जाती है। इस वजह से इसे साइलेंट कीलर कहा जाता है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में हर 8 में से एक पुरुष और तीन में से एक महिला ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रसित है या उनमे इसके लक्षण दिखाई दे रहे है।

ध्यान दें: युवा आ रहे है चपेट में

पहले यह बीमारी 40-45 साल के बाद के लोगों को होती थी लेकिन खराब जीवनशैली की वजह से यह बीमारी 30 साल के लोगों को भी होने लगी है और ऐसे में ज्यादा से ज्यादा युवा इसकी चपेट में आ रहे है। दिन भर कुर्सी पर बैठे रहना, पुरे दिन मोबाइल चलाना, लैपटॉप पर घंटो बिताना, गलत स्थिति में बैठना, गलत खान-पान, नशा आदि की वजह से युवा ऑस्टियोपोरोसिस की चपेट में ज्यादा आ रहे है।

ऑस्टियोपोरोसिस के कारण | Causes of Osteoporosis in Men in Hindi

  • आनुवंशिक कारण

अगर घर में किसी को पहले यह बीमारी है या रह चुकी है तो घर के अन्य पुरुष इसकी चपेट में आ सकते है।

  • गलत खानपान

अगर कोई पुरुष खान-पान में लापरवाही बरते जैसे विटामीन, प्रोटीन, जिंक और कैल्शियम युक्त पदार्थों का सेवन ना करें तो यह बीमारी हो सकती है।

  • व्यायाम पर ध्यान ना देना

अगर कोई व्यक्ति मेहनत करने वाले काम ना करें और योग तथा व्यायाम पर ध्यान ना दे तो इस बीमारी की चपेट में आ सकता है। फिजिकल रूप से एक्टिव ना होना इस बीमारी का प्रमुख कारण है।

  • बढती उम्र

उम्र के बढ़ने के साथ-साथ यह बीमारी भी हावी होने लगती है। 50 साल के बाद ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना अधिक रहती है।

  • सॉफ्ट ड्रिंक

अगर आप ज्यादा मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते है या बचपन में आपने बहुत ज्यादा सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन किया हो तो आप इस बीमारी की चपेट में आ सकते है।

  • धुम्रपान

ऐसी कोई बीमारी नहीं है जिसका कारण धुम्रपान ना हो। धुम्रपान ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी का सबसे प्रमुख कारणों में से एक है।

  • अन्य बीमारियाँ

शुगर, थायराइड जैसी बीमारियाँ भी ऑस्टियोपोरोसिस का प्रमुख कारण है। इनकी वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती है और ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना रहती है।

  • ज्यादा दवाओं के सेवन से

ज्यादा मात्रा में दवाइयों का सेवन करने से साइड इफ़ेक्ट होने लगते है और इसकी वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती है। इस कारण भी ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है।

ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण | Symptoms of Osteoporosis in Men in Hindi

  • मसुढ़ों का ढीलापन

जब ऑस्टियोपोरोसिस होने लगता है तो ऐसे में मसुढे ढीले पड़ जाते है और दांतों की पकड़ कमजोर हो जाती है। इसमें जबड़े की हड्डी का घनत्व कम हो जाता है।

  • हाथों में कमजोरी

डॉक्टरों के अनुसार हाथों के पकड़ने की क्षमता में कमी भी ऑस्टियोपोरोसिस का बड़ा और प्रमुख लक्षण है।

  • नाखूनों में कमजोरी

जब हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है तो नाख़ून कमजोर होने लगते है और यह भी ऑस्टियोपोरोसिस का प्रमुख लक्षण है।

  • लम्बाई का कम होना

जब हड्डियां कमजोर होने लगती है तो रीढ़ की हड्डी भी संकुचित होने लगती है और ऐसे में व्यक्ति की लम्बाई मामूली रूप से कम हो जाती है। जब आपकी लम्बाई थोड़ी से भी कम होने लगे तो सावधान हो जाईये और तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।

  • जल्दी फ्रेक्चर होना

जब ऑस्टियोपोरोसिस होता है तो हड्डियों में बहुत जल्दी फ्रेक्चर होने लगता है। कभी-कभी तो छींकने से भी फ्रेक्चर हो सकता है।

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ऑस्टियोपोरोसिस से कैसे बचें? | How to Prevent Osteoporosis?

  • शरीर को लेकर सावधान रहे

अपने शरीर खासकर हड्डियों को लेकर सचेत रहे और ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण दिखने पर बिना देरी किये डॉक्टर से सम्पर्क करें।

  • पौष्टिक आहार ले

अपने खाने में पौष्टिक आहार प्रोटीन, जिंक, कैल्शियम, दूध, अंजीर, बादाम, टमाटरसोयाबीन, दलिया, तिल, संतरा, दही, सोयाबीन, केला, मछली, पालक, काजू आधी आहार में शामिल करें।

  • जंक फ़ूड से बचे

जंक फ़ूड यानी फ़ास्ट फ़ूड से बचें। जितना हो सके बाहर का खाना खाने से बचें और ज्यादा तेलीय चीजें ना खाएं।

  • योग और व्यायाम करें

रोजाना एक घंटा योग और व्यायाम करें। सुबह टहलने जाएँ। मेहनत भरे काम करें, फिजिकल रूप से एक्टिव रहें।

  • कैल्शियम युक्त आहार ले

अपने डॉक्टर से पूछकर ज्यादा से ज्यादा कैल्शियम युक्त आहार ले क्योंकि हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम बहुत जरुरी है।     

और देखें: पुरुषों में बढ़ते तनाव की समस्या

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Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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