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Constipation Meaning In Hindi | कब्ज के लक्षण, कारण और उपचार

कब्ज पाचन तंत्र की एक अवस्था है, जहां एक व्यक्ति को कठोर मल होता है, जिसे निष्कासित करना मुश्किल होता है। कब्ज के ज्यादातर मामलों में, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कोलन ने कोलन में मौजूद भोजन से बहुत अधिक पानी अवशोषित कर लिया है। जितना धीमा भोजन पाचन तंत्र के माध्यम से चलता है, उतना ही अधिक पानी को इससे अवशोषित कर देगा। जिसके कारण मल शुष्क और कड़ा हो जाता है। कब्ज अन्य रोगों को भी न्यौता देता है, इसलिए इसका उपचार जरूरी है, इसके लिए आपको चिकित्सक की सलाह की भी आवश्यकता पड़ सकती है।

जब कुछ लोग दूध और डेयरी उत्पादों का उपभोग करते हैं, तो, कब्ज हो जाता है। असंतुलित आहार के कारण कब्ज का शिकार लोग होते है। कब्ज से ही दुनिया-भर की बीमारियाँ होती हैं।अगर अपना आहार विहार संतुलित कर लें तो कभी कोई बीमारी नहीं होगी। असंयम के कारण कभी कोई रोग हो भी जाये तो प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से उसका धैर्यपूर्वक इलाज कराना चाहिए। ऐसा कोई रोग नहीं जो प्राकृतिक चिकित्सा से अच्छा नहीं किया जा सकता। प्राकृतिक चिकित्सा प्राणीमात्र के लिए वरदान है।

कब्ज के लक्षण | Symptoms of Constipation in Hindi

कब्ज के लक्षण इस प्रकार है-

  • मल को पार करते समय कब्ज के मुख्य लक्षण कठिनाई और तनाव में वृद्धि करते हैं।
  • सामान्य से कम मल गुजरना कब्ज का संकेत हो सकता है।
  • पेट दर्द, पेट में ऐंठन,
  • सूजन और उल्टी महसूस होना, भूख खोना।

कब्ज के कारण | Causes of Constipation in Hindi

कब्ज तब होता है, जब पेट बहुत अधिक पानी को अवशोषित करता है। यह तब हो सकता है, जब पेट में मांसपेशियां धीरे-धीरे या खराब तरीके से अनुबंध कर रही हों, जिससे मल बहुत धीमी गति से बढ़ जाती है, और अधिक पानी कम हो जाता है।

कब्ज के ये सबसे आम कारण हैं, जैसे-

  • आहार में फाइबर की कमी होना।
  • शारीरिक निष्क्रियता पर ध्यान ना देना।
  • दवाओ के सेवन के कारण।
  • दूग्ध उत्पादो का अधिक सेवन।
  • गर्भावस्था मे भी कब्ज की समस्या पाई जाती है।
  • बढती उम्र भी कब्ज का कारण हो सकती है।
  • कम पानी पीना भी कब्ज का कारण है।

कब्ज के घरेलू उपाय | Home Remedies to Treat Constipation in Hindi

नीचे कब्ज के कुछ घरेलू उपाय बताऐ गये है जो कब्ज की समस्या मे राहत पहुचायेगा।

  • रात का रखा हुआ सवा लीटर पानी हर रोज सुबह सूर्योदय से पूर्व बासी मुँह पीने से कभी कब्ज नही होगा। तथा अन्य रोगों से सुरक्षा होगा।
  • रात्रि में पानी के साथ 2 से 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से अथवा 40-50 ग्राम मुनक्का को रात्रि में ठण्डे पानी में भीगोकर सुबह उन्हें मसलकर, छानकर थोड़े दिन पीने से कब्ज मिट है
  • एक हरड़ खाने अथवा 2 से 5 ग्राम हरड़ के चूर्ण को गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज मिटती है।
  • कड़ा मल होने व गुदाविकार की तकलीफ में जात्यादि तेल या मलहम को शौच जाने के बाद अंगुली से गुदा पर लगायें. इससे 7 दिन में ही रोग ठीक हो जायगा। साथ में पाचन ठीक से हो ऐसा ही आहार लें, छोटी हरड़ चबाकर खाये।
  • एक गिलास सादे पानी में एक नींबू का रस एवं दो-तीन चम्मच शहद डालकर पीने कब्ज मिट जाता है
  • एक चम्मच सौंफ का चूर्ण और 2-3 चम्मच गुलकन्द प्रतिदिन दोपहर के भोजन के कुछ समय पश्चात् लेने से कब्ज दूर होने में सहायता मिलती है।
  • एक टेबलस्पून कैस्टर ऑयल पेट पर लगाकर उससे मालिश करें। इसे आप सप्ताह में दो बार अप्लाई कर सकते हैं। यह मांसपेशियों के संकुचन को बढ़ाता है, जिससे मल आसानी से पास हो जाता है।
  • कब्ज सब रोगों का मूल है, अत: पेट को सदैव साफ रखना चाहिए। रात को देर से कुछ भी न खायें तथा भोजन के बाद दो घंटे तक न सोयें। मैदे से बनी वस्तुएँ एवं दही अधिक न खायें, बिना छने (चोकरयुक्त) आटे का सेवन, खूब पके पपीते का सेवन एवं भोजन के पश्चात् छाछ का सेवन करने से कब्ज मिटता  है। अथवा गुड़, चने के सेवन से भी कब्ज मिटता है।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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