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कुपोषण क्या है, इसके कारण, प्रकार व इलाज?

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Written by Surbhi
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कुपोषण एक गंभीर बीमारी मानी जाती है। तथा आज गरीबी में जीने वाले लोगों को कुपोषण की बीमारी सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। तथा अनुवांशिक रूप से अपने संस्थानों तक भी यह बीमारी पहुंच जाती हैं । संतुलित आहार नहीं लेने की वजह से सामान्य मात्रा में शरीर को पोषक तत्व प्रदान नहीं हो पाते हैं। और इस प्रकार की बीमारी से लोग ग्रसित हो जाते हैं।

सामान्य मात्रा में शरीर को भोजन के साथ प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट वसा विटामिन खनिज लवण तथा जल इन 6  पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और अगर यह हो सकता तो शरीर को नहीं मिल पाते हैं तो व्यक्ति कुपोषण से पीड़ित हो जाता है।

कुपोषण | Malnutrition

  • कुपोषण कई बार अल्प मात्रा में आहार लेकर समय निकालने के कारण भी होता है गरीबी में जीने वाले लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिलने के कारण कुछ भोजन से गुजारा चलाते हैं।
  • इसकी वजह से भी शरीर में कुपोषण जैसी बीमारी हो जाती है इस प्रकार की बीमारी के कारण ऊंचाई वजन कम होना तथा अन्य कई बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है।
  • अधिक पोषक तत्वों से प्राप्त भोजन ग्रहण करना भी एक कुपोषण माना जाता है क्योंकि अत्यधिक मात्रा में शरीर को यह सभी तत्व मिलते हैं तो शरीर उनका अच्छे से पाचन नहीं कर पाता है और इससे मोटापा, अधिक वजन ,तथा हृदय रोग ,पेट रोग के साथ-साथ मधुमेह तथा कैंसर जैसी बीमारियां उत्पन्न हो जाती है।
  • कुपोषण हरदेश के लोगों को प्रभावित करने वाला सबसे खतरनाक रोग माना जाता है दुनिया भर में 462 मिलियन व्यक्ति कम वचन से परेशान है और इनका यह कम वजन कुपोषण के कारण हुआ है।
  • इसके साथ ही इनकी संस्कृति भी कमजोर छोटे कद की उत्पन्न हो रही है लोहे की पूर्णता की कमी के कारण दुनिया में 29 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया रोग से प्रभावित है

कुपोषण के लक्षण

  1. कुपोषण से ग्रस्त शरीर में कई प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं जिससे आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह व्यक्ति कुपोषण का शिकार है कुपोषण का शिकार होने वाला व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों से अलग नजर आता है तथा कम वजन के साथ दुबला पतला शरीर कुपोषण के शिकार होने का सीधा मतलब बताते हैं।
  2. कुपोषण से ग्रस्त व्यक्तियों के शरीर में वसा की कमी देखने को मिलती है जिसकी वजह से चर्बी पतली रहती है।
  3. इस बीमारी से ग्रस्त लोगों में कई बाहर सांस लेने में दिक्कत तथा फेफड़ों संबंधित समस्याएं भी उत्पन्न होती है। क्योंकि फेफड़ों में कार्बोहाइड्रेट तथा फास्फोरस की अत्यधिक मात्रा की आवश्यकता होती है । और संतुलित आहार ना मिलने की वजह से इस प्रकार की बीमारियां शरीर में उत्पन्न हो जाती है।
  4. कुपोषण से पीड़ित व्यक्तियों में सर्जरी के बाद कई प्रकार की दिक्कतें उत्पन्न होती है।
  5. हाइपोथर्मिया जैसी बीमारी भी कुपोषण के कारण होती है। जिसमें शरीर का हर समय तापमान निम्न रहता है।
  6. शरीर में ताकत नहीं होने तथा मजबूत नहीं होने की वजह से ठंड बहुत ज्यादा लगती है।
  7. कुपोषण से पीड़ित व्यक्तियों में चोट लंबे समय बाद ठीक होती है ।हालांकि किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो एक-दो दिन में प्लेटलेट्स द्वारा कवर बनके जल्द ही उस चोट को शरीर ठीक करने में जुड़ जाता है। लेकिन कुपोषित व्यक्तियों में खून की कमी तथा एंटीबॉडीज की कम मात्रा के कारण हल्की चोट लंबे समय बाद ठीक होती है।
  8. कुपोषित व्यक्तियों में एंटीबॉडी नहीं होने के कारण हर प्रकार के संक्रमण से प्रभावित होने की समस्या भी रहती है।
  9. कुपोषित व्यक्तियों में सेक्स टाइम बिल्कुल कम हो जाता है और थोड़े टाइम में ही व्यक्ति थक जाता है।इसके अलावा कई प्रकार की प्रजनन समस्याएं भी उत्पन्न होती है।
  10. व्यक्ति के शरीर में थकावट तथा चिड़चिड़ापन रहता है।यह भी कुपोषण से ग्रसित व्यक्तियों का एक मुख्य लक्षण है।

कुपोषण के कारण 

कई दशकों से आ रही कुपोषण से बीमित व्यक्तियों की लिस्ट के अनुसार यह पता चला है ।कि गरीबी के कारण सबसे ज्यादा कुपोषण भारत में है । और भारत  मैं दुनिया के सबसे ज्यादा कुपोषित व्यक्ति हर साल लिस्ट में शामिल हो रहे हैं ।

उम्र के हिसाब से लंबाई ना बनना तथा शरीर प्रभावशाली नहीं होना यह भी कुपोषण का एक बहुत बड़ा उदाहरण है। इसके शिकार अधिकांश किशोर लड़कियां, महिलाएं और बच्चे होते हैं। भारत में कुपोषण के मुख्य कारण हैं ।

1. गरीबी है कुपोषण का कारण

गरीबी के कारण कुपोषित व्यक्ति सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है आबादी के समूह की सामाजिक व आर्थिक स्थिति कम होने के कारण आहार में उचित गुणवत्ता प्राप्त नहीं होने। तथा संतुलित आहार नियमित रूप से प्राप्त नहीं होने के कारण व्यक्ति गरीबी में कुपोषित हो जाते हैं। गरीबी की वजह से रोजाना संतुलित भोजन में पाए जाने वाले तत्वों का सेवन नहीं कर पाते हैं। और अल्पाहार लेकर सो जाते हैं या अपना समय निकालते हैं उनमें यह समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिली है।

2. लड़का लड़की के बीच का भेदभाव है कुपोषण की वजह 

रूढ़िवादी परंपराओं के अनुसार अभी भी कई जगह गांव में लड़के तथा लड़की में भेदभाव हो रहा है और उसी वजह से लड़के को तो बेहतर खाना मिल जाता है। लेकिन लड़कियां कुपोषण का शिकार हो जाते हैं उन्हें प्रयुक्त मात्रा में खाना नहीं मिलने तथा और संतुलित भोजन मिलने के कारण कुपोषण देखने को मिलता है।  इसलिए प्रजनन आयु वर्ग में 60 प्रतिशत भारतीय महिलाओं में खून की कमी होती है। लैंगिक असमानता इत्यादि समस्याओं से जूझना पड़ता है 

3. कुपोषण का कारण है जल्दी उम्र में माँ बनना 

कई प्रकार खराब कुपोषण की वजह से तथा गरीबी के कारण जल्दी व्यस्क बनने से पहले ही विवाह और गर्भधारण हो जाता है। यह भी आने वाले पीढ़ी के लिए एक कुपोषण का बड़ा कारण माना जाता है। जल्दी गर्भ धारण करने के कारण कुपोषित बच्चे पैदा होते हैं जल्दी गर्भधारण करने में 30% बच्चे कुपोषित तथा कम वजन वाले पैदा होते हैं।

4. स्तनपान का अभाव है बच्चों में कुपोषण की वजह 

स्तन पाठक के अभाव के कारण भी बच्चे बहुत ज्यादा कुपोषित होते जा रहे हैं क्योंकि नवजात शिशु को मां के दूध से मिल रहे प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट तथा अन्य खनिज तत्व जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं वह इस तन पात की कमी के कारण नहीं मिल पाते हैं और जिसकी वजह से बच्चों में कई प्रकार की संक्रमण बीमारियों के साथ-साथ वजन कम होना तथा कुपोषण जैसी बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं।

भारत में केवल 37.1 प्रतिशत नवजात शिशु ही जन्म के समय स्तनपान करते हैं। मान का पहला दूध शिशु के पौष्टिक और प्रतिरक्षा मूल्य के लिए आवश्यक है, जो अक्सर पुराने और अशुद्ध दूध के रूप में त्याग दिया जाता है। 

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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