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Hantavirus in Hindi: क्या है हन्ता वायरस?

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Written by Surbhi
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कोरोना वायरस से अभी दुनिया पूरी तरह उबरी भी नही, और एक वायरस ने होश उड़ा दिए है। जी हाँ उसका नाम है ‘हन्ता वायरस’। कोरोना की तरह ही चीन देश से दोबारा निकले इस वायरस ने दुनिया को बुरी तरह से डरा दिया है।यूँ तो हन्ता वायरस से जुड़े केस बहुत पहले से रहे है। पर वर्तमान में हन्ता वायरस तब  सुर्खियों में आया, जब इससे संक्रमित एक व्यक्ति की मौत चीन के युन्नान में हुई।

 ये खबर खुद ट्विटर पर चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने डाली। इस खबर ने लोगो के अंदर बेहिसाब पैनिक पैदा कर दिया। क्योंकी लोग कोरोना के भयंकर रूप का सामना कर चुके है और कर रहे है। इस तनाव और एंग्जायटी के माहौल में बहुत जरूरी है लोगो को सही जानकारी देना।लोगों के मन में एक ही सवाल है क्या हंता वायरस से घबराने की जरूरत है? क्या यह कोरोना की तरह ही खतरनाक हो सकता है? इस संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों की मृत्युदर क्या है? किन लोगों पर इस वायरस का खतरा ज्यादा है?

क्या ये वायरस भी कोविद-19 की तरह नया है?

सबसे पहले आपकी एक दुविधा दूर कर देते हैं। अगर आपको लगता है कि ये वायरस नया और चीन में पैदा हुआ है तो ऐसा बिल्कुल नही है

  • आपको अगर ध्यान हो तो गुजरात के सूरत शहर में एक बार प्लेग फैला था। उस समय इस वायरस को कोई केस सामने तो नहीं आया, जानकार मानते है कि तब भी कुछ लोगो को हन्ता वायरस का संक्रमण जरूर हुआ था।
  • तमिलनाडु में वेल्लोर जिले के इरुला समुदाय के 28 लोग 2008 में संक्रमित पाये गए, और टेस्ट करने पर वो हन्ता वायरस ही निकला। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस समुदाय के  लोग सांप और चूहे पकड़ने का काम करते थे।
  • इसी प्रकार 2016 में एक 12 साल के बच्चा मृत्यु का ग्रास बना, जानकार पूरी तरह तो कन्फर्म नही थे, पर ऐसा मानते है कि उसकी मृत्यु हन्ता वायरस संक्रमण के कारण हुई।

ऐसा इसलिए मानते हैंक्योंकि उसमे दिखने वाले लक्षण हन्ता वायरस के लक्षण से मिलते थे। लक्षणों के बारे में हम आगे बात करेंगे.

दरअसल  हन्ता वायरस का सबसे पहला केस दक्षिणी पश्चिमी अमेरिका में सुना गया।न्यू मेक्सिको में इस वायरस के संक्रमण से एक पुरुष और महिला की मौत हो गई थी। सीडीसी की रिपोर्ट से पता चलता है कि  कनाडा, अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राजील, चिली, पनामा, पैरागुए और उरागुए में इस तरह के मामले देखे गए।

अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) के मुताबिक, रोडेंट्स यानी जानवरो की ऐसी स्पीशीज जो चीज़ों को कुतरती है, इस वायरस की वाहक है।

इन्ही स्पीशीज के आधार पर हन्ता वायरस कई प्रकार का होता है। यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार हन्ता वायरस की लगभग 20 से ज्यादा टाइप इस समय मौजूद हैं।

हन्ता वायरस से कोरोना की तुलना?

  • कोरोना वायरस इंसानो से इंसान में फैलता है जबकि हन्ता वायरस चूहों की लार, मल-मूत्र या उनके बिल के आसपास की जगह को छूने से फैलता है।
  • कोरोना और हन्ता वायरस दोनों ही हवा से नही फैलते, कोरोना कुछ मीटर तक हवा में जरूर रहता है, जब संक्रमित व्यक्ति छींकता या खांसता है तो कुछ समय के लिए कोरोना वायरस हवा में होता है।
  • कोरोना के पनपने की अवधि  14 से 21 दिन होती है जबकि हन्ता वायरस के पनपने की अवधि छोटी होती है लगभग 7 से 8 दिन
  • कोरोना धूप के सम्पर्क में आने से नही मरता जबकी हन्ता वायरस धूप के सम्पर्क में आने से नष्ट हो जाता है।
  • कोरोना वायरस जहां निमोनिया की क्रिटिकल  कंडीशन तक ले जाता है, वहीं हन्ता वायरस इंसान में अलग अलग रोग सिंड्रोम पैदा कर सकता है।
  • इस वायरस से इंसान के संक्रमित होने की संभावना बहुत कम होती है। क्योंकि 15 से 20 प्रतिशत चूहे ही हंता वायरस से संक्रमित होते है।
  • पर कोरोना के मुकाबले इसकी मृत्यु दर बहुत ज्यादा होती है।

हन्ता वायरस के लक्षण | Symptoms of Hanta Virus in Hindi

वैसे तो कोरोना वायरस और हंता वायरस के लक्षण मिलते जुलते ही होते है।

जैसे कि दोनों ही स्थिति में  बुखार, सिर में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द होता है। लेकिन हंता वायरस से संक्रमित होने पर पेट में दर्द, उल्‍टी, डायरिया की शिकायत भी होती है। कभी कभी हन्ता वायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ़्तों तक का पीरियड लगता है। समय पर इलाज नही होने या स्थिति बिगड़ने पर मौत भी हो सकती है।

कमाल की बात ये है चूहे केवल वायरस वाहक का कार्य करते है। उनके अंदर किसी प्रकार की कोई बीमारी नही फैलती।

हन्ता वायरस का इलाज | Treatment of Hanta Virus in Hindi

हन्ता वायरस की कोई वैक्सीन नही बनाई गई है, केवल चिकित्सको की उचित देखरेख में मरीज रिकवर कर लेता है।

क्या सावधानी बरतें?

  • इस वायरस से बचने के लिए साफ सफाई के अलावा जरूरत है, कि किसी भी रोडेंट्स जैसे गिलहरी या चूहे के मल-मूत्र और लार से दूर रहें।
  • जीवित या मृत चूहे के सम्पर्क में भी ना आए।

क्या हन्ता महामारी बन सकता है?

ये कहना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि ये इंसानो से इंसानो में नही फैलता। इसलिए इसका महामारी का रूप लेना थोड़ा मुश्किल लगता है। फ़िलहाल हंता वायरस चीन, अमेरिका और यूरोप में ही सीमित है।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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