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कोरोना वायरस से बचाव के लिए गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान !!

Tips for Pregnant Ladies during COVID 19 hindi
Written by Surbhi
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कोरोना वायरस का आतंक पूरे विश्व पर छाया हुआ है जैसा कि हम सब जानते है कि इस वायरस का ना कोई दवा है और ना कोई वैक्सीन, हर कोई इसके वैक्सीन और दवा का इंतजार कर रहा है। इसके लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। कई शोधों के सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं। कोरोना वायरस के जहा तेजी से फैल रहा है। इस समय गर्भवती महिलाएं भी अपने और अपने होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। बहुत से लोग ये जानना चाहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण का कितना खतरा है और बचाव के लिए उन्हें क्या करना चाहिए।

कोरोनावायरस क्या है?

COVID​​-19 कोरोनावायरस एक रेस्पिरेटरी डिजीज है जो एक इंसान से दूसरे इंसान के जरिए फैलता है। यह वायरस तब फैलता है जब किसी कोई संक्रमित व्यक्ति की रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट छींकने या खांसने के दौरान हवा के जरिए फैलती है। कोरोना वायरस की कोई वैक्सीन या दवा नहीं होने के कारण लोगो मे डर बना हुआ है, जिसके कारण भी लोग सहमे हुऐ हैं। कई शोधो से पता चला हैं कि कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों पर कोरोना का संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। गर्भवती  महिलाओं के इम्यून सिस्टम में भी बदलाव आते हैं। रोगों से लड़ने की उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे वायरल संक्रमण होने का खतरा तो ज्यादा बना रहता है।

कोरोनावायरस के लक्षण गर्भवती महिलाओं में अलग नहीं होते, बल्कि बाकी लोगों की ही तरह होते हैं। तेज बुखार, सूखी खांसी, मांसपेशियों में दर्द और थकान इसके शुरुआती लक्षणों में हैं, जबकि सिर दर्द, दस्त और खून वाली खांसी भी हो सकती है। कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला से उसके शिशु को संक्रमण होने के चांस पर बात करें तो वायरस के वर्टिकल ट्रांसमिशन के दो मामले सामने आए हैं। हालांकि यह नहीं स्पष्ट हो पाया कि वायरस का संक्रमण गर्भ में हुआ या फिर जन्म लेने के बाद। ऐसा भी कोई मामला अब तक सामने नहीं आया, जिसमें कोरोना वायरस से संक्रमित गर्भवती महिला के शिशु के विकास पर कोई असर पड़े।

इन बातो का ख्याल रखे-

कोरोना वायरस से बचाव के लिए गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान

कुछ बातों का ध्यान रखकर गर्भवती महिलाएं खुद का और अपने होने वाले बच्चे का कोरोना वायरस से बचाव कर सकती हैं।

  • आप नियमित रूप से हाथ धोएं। हाथों को 20 सेकेंड तक अच्छे से धोएं।
  • चेहरे को हाथ लगाने से पहले हाथ जरूर धोएं।
  • खाने से पहले तो हाथों को अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है।
  • गर्भावस्था में घर में ही रहना चाहिए।
  • खांसी-जुकाम से पीड़ित लोगों से दूर रहें।
  • पर्याप्त दूरी बनाकर रखें, एक व्यक्ति से कम से कम दो मीटर की दूरी बनायें
  • डब्ल्यूएचओ ने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी है कि तेज बुखार, खांसी, जुकाम या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सक के पास जाएं। इससे जच्चा-बच्चा और आसपास के लोग सुरक्षित रहेंगे।
  • हो सके तो भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।
  • छींक या खांसी आए तो टिश्यू का इस्तेमाल करें।
  • कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं।
  • मेट्रो, बस, ट्रेन या अन्य सार्वजनिक परिवहन से यात्रा न करें।
  • लोगों से 6 फिट की दूरी बनाकर ही बात करें।
  • पोषणयुक्त डाइट लें और खुद का इम्यून सिस्टम बनाए रखें।
  • सर्दी, खांसी या बुखार जैसा कुछ भी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
  • खाना खाने से पहले हाथो को अच्छी तरह साबुन से धोऐ
  • एल्कोहल युक्त हैंडवाश का इस्तेमाल करे।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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