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प्रेगनेंसी में खुजली क्यों होती है? उसका इलाज व घरेलू उपचार

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Written by Surbhi

क्या गर्भावस्था के दौरान खुजली? What Causes Itchiness During Pregnancy?

माँ बनना हर महिला का सपना होता है और शादी के बाद इस दिन का हर महिला बेसब्री से इन्तजार करती है। माँ एक सुखद अहसास है जिसे सिर्फ एक महिला ही समझ सकती है लेकिन माँ बनना आसान बात नहीं है। 9 महीने में कई तरह की चुनोतियों से सामना होता है और कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम भी आती है।

सिर दर्द, चक्कर आना, थकावट, उल्टी और मतली, मूड स्विंग, पेट दर्द, कमर दर्द आदि कई तरह की छोटी-मोती बीमारियाँ इस दौरान आती रहती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव आते है और इन बदलावों को एक गर्भवती महिला अच्छे से समझ सकती है।

ऐसी ही एक समस्या है खुजली की जो गर्भावस्था के दौरान ज्यादा होती है। जैसे-जैसे महीने बढ़ने लगते है वैसे-वैसे पेट और स्तनों के पास खुजली की परेशानी होने लगती है। भ्रूण का आकार बढ़ने के साथ-साथ पेट का आकार बढ़ता है, जिससे पेट में खिंचाव आता है और खिंचाव के कारण खुजली होने लगती है।

अगर आपकी त्वचा शुष्क है तो भी खुजली की परेशानी ज्यादा होने लगती है। अगर आप भी गर्भावस्था के दौरान खुजली की समस्या से परेशान है तो आज की यह पोस्ट आपके लिए ही है। आज की इस पोस्ट में हम आपको गर्भावस्था के दौरान खुजली होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में बताएँगे।

गर्भावस्था में खुजली होने के कारण

1। पेट का आकर बढ़ना

जैसे-जैसे भ्रूण का आकार बढ़ने लगता है वैसे-वैसे पेट का आकार भी बढ़ने लगता है और इस वजह से त्वचा में खिंचाव महसूस होता है। इस खिंचाव की वजह से खुजली होने लगती है। ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा के रूखेपन का इलाज करा लेते है तो खुजली को कम किया जाता है क्योंकि रुखी और शुष्क त्वचा पर खुजली ज्यादा होती है।

2। हार्मोनल बदलाव

गर्भावस्थाके दौरानहार्मोनल बदलाव ज्यादा होते है।इस दौरान गर्भवती महिला के एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ने लगता है और इस वजह से खुजली होने लगती है।

3। खून का प्रवाह तेज होना

गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून का प्रवाह पहले की तुलना में तेजी से होने लगता है जिस वजह से पेट, स्तन और पैरों के आसपास खुजली ज्यादा होने लगती है।

4। पानी की कमी होना

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी के कारण खुजली होने लगती है क्योंकि पानी शरीर को हाईड्रैड रखता है और इसकी कमी के वजह से शरीर में रूखापन आने लगता है और शुष्क त्वचा पर खुजली ज्यादा होती है।

5। खून की कमी होना

गर्भावस्था में बच्चे के विकास के समय खून की ज्यादा जरूरत रहती है और ऐसे में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होने लगती है। खून की कमी की वजह से भी शरीर में खुजली होने लगती है।

6। लीवर की बीमारी की वजह से

वैसे तो गर्भावस्था में पुरे शरीर पर खुजली होने लगती है लेकिन हाथ और पैर पर सबसे ज्यादा खुजली होने लगती है और ऐसा लीवर से संबधित किसी बीमारी की वजह से भी हो सकता है। आमतौर पर यह समस्या गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान हो सकती है।

7। स्तनों का आकार बढ़ने से

गर्भावस्था के दौरान पेट के साथ-साथ स्तनों का आकार भी बढ़ने लगता है और स्तनों का आकार बढ़ने के कारण उसके आस-पास भी खुजली की समस्या रहती है। इसके अलावा स्तनों में भारीपन, निपल्स का आकार बढ़ना आदि भी खुजली के कारण है।

8। सम्भोग और संक्रमण

गर्भावस्था के दौरान सभोग करने से योनी में खुजली होने की समस्या रहती है। ऐसे में योनी में गीलापन बहुत जरुरी है। इसके अलावा मूत्र मार्ग में संक्रमण, सफ़ेद पानी आना आदि की वजह से भी योनी और उसके आसपास खुजली की समस्या रहती है।

क्या गर्भावस्था के दौरान खुजली होना खतरनाक है?

वैसे तोगर्भावस्था के दौरान खुजली होना आम बात है और ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण भी होता है। लेकिन कुछ मामलों में यह लीवर के खराब होने का संकेत भी है। इसलिए अगर गर्भवती महिला को ज्यादा खुजली हो रही है तो वह उसे नजरअंदाज ना करें और जल्द ही डॉक्टर से सम्पर्क करें। गर्भावस्था में ज्यादा खुजली होने से त्वचा पर रैशेज भी हो सकते है। इसके अलाव अन्य कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है

गर्भावस्था के दौरान रैशेज

गर्भावस्था में ज्यादा खुजली होने के कारण पेट पर लाल रंग के निशान और रैशेज हो सकते है। ऐसा डीलिवरी के बाद भी हो सकता है या गर्भावस्था के तीसरी तिमाही के दौरान होता है। इसके अलावा जिसके गर्भ में जुड़वाँ बच्चे है उसे रैशेज होने के चांस ज्यादा रहते है।

यह रैशेज पेट के साथ-साथ जांघो, नितम्ब, पीठ, बाजू, टाँगे आदि पर भी फ़ैल सकते है। कई बार तो यह चेहरे, गर्दन और हाथ पर भी हो सकते है। ऐसे मामले में कभी स्थिति गंभीर भी हो सकती है इसलिए डॉक्टर से जल्द ही सम्पर्क करें।

गर्भावस्था के दौरान स्ट्रेच मार्क्स

वैसे यह कहना संभव तो नहीं है की गर्भावस्था के दौरान खुजली की वजह से स्ट्रेच मार्क्स हो सकते है। लेकिन यह जरुर है की स्ट्रेच मार्क्स पड़ने से खुजली हो सकती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर खुजली करने की जगह लोशन, क्रीम, तेल आदि लगाने की सलाह देते है। स्ट्रेच मार्क्स पढने का मुख्य कारण पेट का बढ़ना और हार्मोनल बदलाव है।

गर्भावस्था के दौरान खुजली को दूर करने के घरेलू उपचार

1। ओटमील से नहायें

बाथटब में पानी भरकर उसमे एक कटोरी ओटमील डाल दे और करीब 20-25 मिनट के लिए उसमे बैठ जाएँ। इससे त्वचा की संवेदनशीलता कम होगी और खुजली की समस्या से राहत मिलेगी। ओटमील में कई ऐसे एंटी-ओक्सिडेंट तत्व और गुण होते है जिसकी वजह से जलन और खुजली में राहत मिलती है।

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2। एलोवेरा जेल

रोजाना अच्छे से नहाने के बाद जिस जगह पर खुजली हो रही है वहां पर एलोवेरा जेल लगायें। एलोवेरा जेल को लगाने के 15-20 मिनट बाद इसे साफ़ पानी से धो ले। जब आप खुजली वाली जगह पर एलोवेरा जेल लगाते है तो वहां पर एक परत बन जाती है और जब आप खुजली करते है तो वह परत आपको किसी भी तरह के नुकसान से बचाती है।

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3। बर्फ से सिकाई करें

अगर आप पेट की खुजली को कम करना चाहते है तो एक साफ़ कपड़े में बर्फ लेकर उससे सिकाई करें। इससे खुजली वाली जगह पर आराम मिलेगा। आप साफ़ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर भी पेट पर रख सकते है।

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4। नारियल तेल

रात को सोते समय थोड़े से नारियल तेल को अपने हाथों में लेकर खुजली वाली जगह पर मालिश करें। नारियल तेल में कई ऐसे गुण होते है जिसकी वजह से त्वचा की संवेदनशीलता और खुजली कम होती है। नारियल तेल त्वचा को मॉइस्चराइज करता है जिसकी वजह से त्वचा का रूखापन खत्म होता है।

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5। ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें

वैसे भी गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। पानी पीने से शरीर हाईड्रैड रहता है और त्वचा मुलायम और लचीली रहती है जिससे खुजली की समस्या से राहत मिलती है।

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6। गर्म पानी से नहाना बंद करें

गर्म पानी से नहाने से त्वचा शुष्क होने लगती है जिससे खुजली की समस्या बढ़ने लगती है। इसलिए गर्म पानी से नहाना बंद करें।

7। धुप से बचें

जब भी घर से निकले 30 SPF वाला सनस्क्रीन लगाकर निकले क्योंकि सूर्य से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणें खुजली की समस्या को बढ़ा सकती है।

8। निम्बू का रस लगायें

गर्भावस्था के दौरान खुजली की समस्या से निजात पाने के लिए खुजली वाली जगह पर निम्बू का रस लगाना चाहिए। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है जो की खुजली को खत्म करने में मददगार है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें की योनी पर भूलकर भी निम्बू का रस ना लगायें।

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9। सरसों का तेल

गर्भावस्था में खुजली की समस्या से राहत पाने के लिए निजात पाने के लिए प्रभावित क्षेत्र पर सरसों का तेल लगायें। इससे त्वचा में नमी रहती है और शुष्कता खत्म होती है जिससे खुजली से छुटकारा मिलता है।

10। विटामीन E

गर्भावस्था में खुजली से राहत पाने के लिए विटामीन E युक्त तेल लगायें या टेबलेट ले। इसमें टोकोफेरोल और टोकोट्रीयनोल नामक तत्व होते है जो त्वचा में नमी बनाये रखता है। जिससे खुजली से राहत मिलती है। ध्यान रहें योनी पर ना लगायें।

गर्भावस्था में खुजली से बचने के लिए क्या करें ?

  • खूब सारा पानी पीयें।
  • गर्म पानी से ना नहायें।
  • साफ़ कपड़े पहने।
  • आसपास गंदगी ना रखें।
  • कड़ी धुप से बचें।
  • अपने शरीर को ज्यादा देर तक ना पहुंचे।
  • गीले कपड़े ना पहने।
  • A।C में ज्यादा देर तक ना बैठे।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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