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Stress During Pregnancy in Hindi- क्यूं होता है गर्भावस्था में तनाव? कैसे ठीक करें?

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Written by Amisha Bharti

गर्भावस्था में तनाव को करें इस तरह छूमंतर

गर्भावस्था में तनाव

गर्भावस्था के दौरान महिला में बहुत सारे बदलाव आते है। सिर्फ जिंदगी में ही नहीं पर आपके शरीर और भावनाओं में भी बहुत सारे बदलाव आते है। गर्भावस्था में तनाव होना आम बात है। हार्मोन्स में बदलाव, कमर में दर्द होना, थकावट महसूस करना आदि गर्भावस्था में तनाव के कारण हो सकते है। कुछ हद तक गर्भावस्था में तनाव सही है लेकिन ज्यादा तनाव माँ और बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। गर्भावस्था में तनाव होने के कारण आपको नींद नहीं आना, सर में दर्द आदि मुश्किलें हो सकती है। लम्बे समय तक तनाव होने के कारण माँ को स्वास्थ की गंभीर मुश्किलें हो सकती है जैसे की उच्च रक्तचाप, हृदय से जुड़ी बीमारी, समय से पहले बच्चे का पैदा होना, जन्म के वक़्त बच्चे का कम वजन आदि। इसीलिए गर्भावस्था में ज्यादा तनाव होना माँ और बच्चे दोनों के लिए ही सही नहीं है।

क्यूं होता है गर्भावस्था में तनाव?
Why Women Stress During Pregnancy?

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गर्भावस्था में तनाव के बहुत सारे कारण हो सकते है। नीचे दिए हुए कुछ कारणों का हमेशा ध्यान देना चाहिए ताकि गर्भावस्था में तनाव ज्यादा नहीं हो:

  • गर्भावस्था के वक़्त महिला के शरीर में बहुत सारे बदलाव आते है जिनकी वजह से थोड़ी मुश्किलें भी होती है। गर्भावस्था के दौरान हो रही शरीर की मुश्किलों जैसे शरीर में दर्द, थकावट महसूस करने की वजह से भी गर्भावस्था में तनाव हो सकता है।
  • गर्भावस्था के वक़्त हार्मोन्स में भी बहुत सारे बदलाव आते है जो महिला की मानसिक स्तिथि पर भी असर करते है। इसीलिए इन बदलाव के कारण भी गर्भावस्था में तनाव हो सकता है।
  • जो महिलाएं गर्भावस्था के समय पर भी बहार काम करने के लिए जाती है उनके लिए बाहर का और घर का काम एक साथ करना मुश्किल हो जाता है। इसकी वजह से भी गर्भवती महिला को तनाव होता है।
  • गर्भावस्था के पिछले कुछ बुरे अनुभव जैसे की गर्भपात या मिसकैरेज की वजह से भी तनाव हो सकता है।
  • अनियोजित गर्भ ठहर जाने से भी गर्भवती महिलाओं में तनाव हो सकता है।
  • अगर गर्भवती महिला सिंगल मदर है तो भी गर्भावस्था में तनाव  हो सकता  है।
  • घर में अगर कोई भी बुरी घटना घटती है जैसे की किसी की मौत हो जाना तो इसके कारण भी गर्भवती महिला को तनाव हो सकता है।
  • महिला को यह सोचके की तनाव हो सकता है की वो बच्चे का ध्यान कैसे रखेगी।
  • गर्भावस्था की जटिलताओं की वजह से भी गर्भवती महिला को तनाव हो सकता है।
  • अगर गर्भवती महिला ज्यादा शराब पीती है या धूम्रपान करती है तो भी महिला को तनाव हो सकता है।
  • घर की आर्थिक स्तिथि अगर सही नहीं है तो इसकी वजह से भी गर्भावस्था में तनाव हो सकता है।
  • गर्भवती महिला को बहुत सारे लोग सलाह देते है और बहुत समझाते है। इस वजह से भी गर्भवती महिला को तनाव हो जाता है।

कैसे दूर करें गर्भावस्था में तनाव?
How to Deal with Stress During Pregnancy?

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गर्भावस्था के वक़्त गर्भवती महिला को कम से कम तनाव लेना चाहिए। अगर गर्भवती महिला को ज्यादा तनाव हो रहा है तो नीचे दिए हुए कुछ तरीकों से तनाव दूर कर सकते है :

  • पर्याप्त आराम कीजिये

गर्भवती महिला का आराम करना बहुत आवश्यक है। आराम करना महिला के साथ-साथ उसके होने वाले बच्चे के लिए भी लाभदायक है। अगर आप बहार दफ्तर में काम करती है तो भी थोड़े समय के पश्चात आराम जरूर कीजिये।  एक साथ लगातार काम करने से आपके स्वास्थय पर बुरा असर पड़ सकता है। काम करना अच्छा है क्यूंकि यह आपके शरीर को सक्रिय रखता है लेकिन गर्भवती महिला को ज्यादा काम नहीं करना चाहिए।  ऐसा करने से तनाव बढ़ता है। अगर यह आपका दूसरा बच्चा है तो हो सकता है की आपके पहले बच्चे की वजह से आराम करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।  ऐसे में महिला के परिवार को पहले बच्चे को सँभालने में मदद करनी चाहिए ताकि महिला पर्यापत आराम कर सके।

  • पोषण भरा भोजन खाएं

गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने और अपने बच्चे के लिए पोषण की सबसे ज्यादा जरुरत होती है। इसीलिए गर्भवती को पोषण युक्त आहार लेना चाहिए।  पोषण युक्त भोजन आपको तनाव से लड़ने में भी मदद करता है। पोषण युक्त के साथ-साथ गर्भवती महिला को समय पर भोजन लेना चाहिए।  ज्यादा समय तक भूखा रहने से तनाव बढ़ता है। साबुत अनाज, साबुत चावल, विटामिन बी युक्त भोजन खाने से महिलाओं में तनाव कम होता है। यह सब खाने से शरीर में सीरोटोनिन नामक हार्मोन बढ़ता है जो तनाव को कम करता है।

  • नियमित रूप से व्यायाम और योग करें

गर्भावस्था के वक़्त योग करने से आपका शरीर मजबूत होता है और तनाव भी दूर होता है। योग करने से आपके मन को शांति मिलती है जिसकी वजह से तनाव कम होता है। इसीलिए गर्भवती महिला को योग अवश्य करना चाहिए।

व्यायाम करने से भी तनाव दूर होता है। गर्भावस्था में जो व्यायाम करना सुरक्षित हो वो व्यायाम आप कर सकती है। व्यायाम करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिये। इसके साथ-साथ अगर आप व्यायाम की कक्षा जाती है तो वहाँ भी व्यायाम करते वक़्त ध्यान रखिये और अपने गुरु को अपने गर्भवती होने के बारे में बता दीजिये।

  • मालिश और मैडिटेशन कीजिये

गर्भावस्था के वक़्त मालिश करनवाने से भी तनाव दूर होता है। लेकिन मालिश करवाने से पहले यह जरूर जांच लीजिये की जो तेल आप इस्तेमाल कर रही है वो आपके लिए सुरक्षित है या नहीं।

मैडिटेशन करने से भी बहुत हद तक आप अपना तनाव दूर भगा सकती है। मैडिटेशन आपके दिमाग और मन को शांत रखने में मदद करता है जिसकी वजह से तनाव कम होता है और आपको आराम मिलता है। मैडिटेशन करने से शरीर में कॉर्टिसोल नामक पैदा होने वाला हार्मोन भी कम होता है। यह हार्मोन तनाव बढ़ाता है इसीलिए मैडिटेशन की मदद से आप शरीर में इसकी मात्रा कम कर सकती है।

मैडिटेशन करने के लिए आप किसी कक्षा में भी जा सकती है जहाँ मैडिटेशन करवाया जाता हो या फिर आप घर पर भी मैडिटेशन आराम से कर सकती है। घर में किसी भी शाँत जगह पर बैठके आप मैडिटेशन कर सकती है।

  • घरवालों के साथ समय बिताएँ

एक छोटे बच्चे के आने के बाद  बाकि परिवार वालों और पति के साथ समय बिताना मुश्किल हो जाता है। अगर आप इस बात से तनाव में है तो अपने पति और परिवार वालों  से बात कीजिये और उनके साथ ज्यादा समय व्यतीत कीजिये।  जरुरत पढ़ने पर किसी ऐसी महिला से भी सलाह लीजिये  जिसका पहले से बच्चा हो।  ऐसा करने से आप इस तनाव को कम कर सकती है। 

  • मन की बात मन में नहीं रखें

 हर गर्भवती महिला के मन में कई ख्याल आते है जैसे की उसका बच्चा स्वस्थ है या नहीं ,  बच्चे को कोई तकलीफ तो नहीं हो रही , बच्चे का पालन पोषण कैसे करना चाहिए , बच्चे के लिए क्या सही है क्या नहीं आदि। अगर आप को भी इसी  प्रकार की चिंता है या कोई भी बात है जो आपको परेशान कर रही है तो उसको मन में नहीं रखें। उस बात को अपने पति या घरवालों से बाटें। ऐसा करने से आपकी परेशानी और तनाव दोनों कम हो जायेंगे।

  • अपना दिनचर्या तय करें

गर्भावस्था  के दौरान आपको सुबह से शाम क्या करना यह शुरुआत में ही तय कर लीजिये। लेकिन वोही काम चुने जो आपके स्वास्थय पर बुरा असर नहीं डालें। इस दौरान यह भी तय करें की अगर आपको कही बाहर जाना है तो कैसे जाएँगी। अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लीजिये की कोनसी जगह आप जा सकती है या कौन-कौन से वाहन का प्रयोग आप कर सकती है।  इन सब बातों का ध्यान रखते हुए ही अपना दिनचर्या तय करें। ऐसा करने से कोई भी काम करने से पहले आपको तनाव नहीं होगा और आप आराम से वो काम कर पाएँगी।

  • खर्चों की अलग सूचि बनाएँ

यह बात तो अनिवार्य है की जब छोटा बच्चा आता है तो घर के खर्चे बढ़ जाते है। इस वजह से भी गर्भवती महिलाओं को तनाव होता है। इस तनाव से बचने के लिए पहले ही सारे खर्चों की एक सूचि बना लीजिये। आप यह भी तय कर पाएँगे की आपको कोनसे खर्चे किस वक़्त पर करने है और कोनसे खर्चे नहीं करने पढेंगे। ऐसा करने से आपके बिना वजह वाले खर्चें नहीं होंगे और पैसों को लेकर आपको ज्यादा परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।

  • हमेशा खुश रहिये

ख़ुशी तनाव का सबसे फायदेमंद और असरदार इलाज़ है। गर्भवती महिला को हमेशा खुश रहना चाहिए। गर्भावस्था में तनाव दूर करने के लिए महिला को वो हर काम करना चाहिए जिससे उसे ख़ुशी मिलती हो। गर्भवती महिला को सुरक्षित जगहों पर घूमना चाहिए,  अपने दोस्तों से मिलना चाहिए, परिवार वालों के साथ समय बिताना चाहिए। इन सभी कार्यों से आपको ख़ुशी मिलेगी इसीलिए गर्भावस्था में यह कार्य करने चाहिए।

इन सभी तरीकों से गर्भावस्था में तनाव दूर किया जा सकता है इसीलिए इन तरीकों को जरूर आपनाये और गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रहे साथ-साथ अपने बच्चे को भी स्वस्थ रखें।

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Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

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