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लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भारत में कानून | Live-in Relationship Law by Indian Government

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Written by Shaina Dhamija

बदलते दौर में रिश्तों की परिभाषा भी बदली है और समय के साथ रिश्तों के रूप भी बदले है. एक समय था जब बिना देखे लड़के और लड़की की शादी कर दी जाती थी और जानना तथा समझना सब शादी के बाद में होता था लेकिन आज के समय में सब बदल गया है. आजकल लड़का और लड़की शादी से पहले मिलते है, एक-दुसरे को जानते है और बाद में कोई फैसला लेते है.

इसी बीच लिव इन ज्यादा लोकप्रिय हुआ है. विदेशों में तो बहुत पहले से यह सब चला आ रहा है लेकिन इंडिया में भी कुछ समय से लिव इन रिलेशनशिप पोपुलर हो रहा है. शादी से पहले एक-दुसरे को समझने के लिए एक साथ रहना लिव इन रिलेशनशिप कहलाता है. इसमें लड़का और लड़की दोनों एक साथ रहते है और पति-पत्नी की तरह जीवन जीते है बस फर्क इतना है की वे शादीशुदा नहीं होते है.

भारतीय समाज आज भी इस तरह के रिश्ते को नहीं मानता है क्योंकि यह शादी जैसे पवित्र बंधन का मजाक बनाता है. लेकिन कोर्ट ने इसको वैध घोषित कर दिया है और इसको लेकर कुछ कानून भी बनाये गए है. आईये जानते है लिव इन रिलेशनशिप को लेकर इंडिया में क्या कानून है?

लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भारत में कानून

  • लिव इन रिलेशनशिप इंडिया में क़ानूनी तौर पर वैध है लेकिन इसमें आपको पति-पत्नी की तरह रहना होगा.
  • लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए आपका अविवाहित होना जरुरी है. इसमें लड़के की उम्र 21 साल या उससे उपर और लड़की की उम्र 18 साल या उससे उपर होनी चाहिए.
  • अगर आप पुरुष है और किसी विवाहित स्त्री के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे है और वो भी उसके पति की इजाजत के बिना तो IPCC की धारा 497 के तहत आप अपराधी है और आपको 5 साल तक की जेल हो सकती है. इसमें महिला पर कोई मुकदमा नहीं होगा अगर मुकदमा करने वाला उसका पति हो तो.
  • 1978 में पहली बात सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को क़ानूनी तौर पर वैध ठहराया है. जिसमे स्पष्ट किया गया है की अगर लड़का और लड़की लम्बे समय से लिव इन में रह रहे है तो उन्हें पति-पत्नी की तरह माना जाए.
  • 2008 में फैसले में बदलाव करते हुए कोर्ट ने साफ़ कर दिया की अगर लिव इन रिलेशनशिप से बच्चा होता है तो उसका बाप की सम्पति पर बेटों के बराबर हक है.
  • लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए आपको लम्बे समय तक साथ रहना होगा. यह नहीं की आये और गये.
  • अगर कोई लड़का और लड़की लिव इन रिलेशनशिप में लम्बे समय से रह रहे है तो उसे शादी के बराबर माना जायेगा और ऐसे में अगर लड़का, लड़की को छोड़ देता है तो लड़की को भरन-पोषण यानी गुजारा भत्ता भी देना होगा.
  • लिव इन रिलेशनशिप में क़ानूनी मान्यता का मतलब है की दोनों के बीच यौन संबध हो.
  • समाज में रहकर दोनों पति-पत्नी की तरह व्यवहार कर रहे है तो इसे लिव इन रिलेशनशिप माना जायेगा.
  • लिव इन रिलेशनशिप में रहते हुए अगर पुरुष महिला पर अत्याचार करता है तो एक पत्नी की तरह महिला को पूरा हक है की वो केस करें और न्याय मांगे.

इस बात का ख़ास ध्यान रखें लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे है तो महिला को पूरी इज्जत दे वह आपकी पत्नी की तरह है ना की कोई रखैल. इसलिए जब चाहे रखा और जब चाहे छोड़ दिया यह सब लिव इन रिलेशनशिप में नहीं चलेगा.

महिला के पास एक पत्नी की तरह सारे क़ानूनी अधिकार है और उसका वो जब चाहे इस्तेमाल कर सकती है. सावधानी इस बात की रखनी है की आपको लिव इन रिलेशनशिप में रहने के सारे सबुत रखने पड़ेंगे, क्योंकि इसकी कभी भी जरूरत पड़ सकती है..

About the author

Shaina Dhamija

मेरा नाम शाइना है और में एक रिलेशनशिप ब्लॉगर हूँ. आज कल व्यस्त लाइफ, खराब जीवनशैली और भरोसे की कमी के चलते रिश्तों मैं तकरार आने लगी है. में लोगों के साथ रिलेशनशिप से जुडी जानकारी शेयर करना पसंद है ताकि लोग रिश्तों की अहमियत को समझ सके.

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