Marriage Relationship

30 साल की उम्र से पहले शादी करने के फायदे फायदे और नुकसान

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Written by Neeru Sharma

भारत देश में सालों से बाल विवाह की प्रथा चली आ रही है। सरकार की रोकथाम के बावजूद भी बाल-विवाह का रुकने का नाम नहीं ले रहे है। लेकिन जैसे-जैसे लोगों पर पश्चिमी सभ्यता हावी हुयी है वैसे-वैसे शादी करने की उम्र भी बढ़ी है। भारत में विवाह कानून के तहत लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में शादी बाल-विवाह के अंतर्गत आती है।

आज भी कई इलाके और जातियां ऐसी है जहाँ आज भी बाल-विवाह होते है।घर वालों के दबाव में बच्चे शादी तो कर लेते है लेकिन वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते है। शादी बच्चो का खेल नहीं है जो किसी भी उम्र में खेल लिया बल्कि यह जज्बातों का खेल भी है जिसमे मेच्योरिटी बहुत मायने रखती है और ऐसे में कम उम्र में शादी से बच्चों पर छोटी उम्र में ही घर की जिम्मेदारी आ जाती है।

लेकिन दूसरी और हर जगह कम उम्र में शादी का कारण भी अलग-अलग होता है जैसे कुछ माता-पिता सोचते है की बच्चे की जल्दी शादी करने से वे घर की जिम्मेदारियों को समझेगा और कुछ माता-पिता अपनी जिम्मेदारियों को जल्दी खत्म करने के लिए कम उम्र में बच्चों की शादी कर देते है।आईये जानते है कम उम्र में शादी करने के क्या फायदे और नुकसान है।

कम उम्र में शादी करने के फायदे | Benefits of Getting married Early in Hindi

  • कम उम्र में शादी करने से लड़के और लड़की पर बच्चे पैदा करने का दबाव नहीं रहता है जिससे वे इस तनाव से बच जाते है।इस बीच उन्हें एक-दुसरे को समझने, जानने और परखने का मौका मिल जाता है।ऐसे में फैमिली प्लानिंग करने के लिए भी उनको पर्याप्त समय मिल जाता है।
  • कम उम्र में शादी करने से लड़के और लड़की को साथ में ज्यादा समय बिताने का मौका मिलता है जिससे उन्हें एक-दुसरे को समझने में आसानी होती है.
  • कम उम्र में शादी करने से सेक्स की जरूरत को पूरा किया जा सकता है.
  • कम उम्र में शादी होने से लड़की पति के घर में आसानी से घुल-मिल जाती है जिससे उसे परिवार के सभी सदस्यों को जानने का पूरा मौका मिलता है।
  • कम उम्र में शादी करने से बच्चे भी जल्दी पैदा होते है जिससे बच्चों के कैरियर को सही दिशा मिलती है।जल्दी बच्चे होने से उनके कैरियर के लिए उनके पास पर्याप्त समय होता है.
  • अगर बच्चा बिगड़ा हुआ और लापरवाह होता है तो घर वाले उसकी शादी जल्दी कर देते है जिससे उसे अपनी जिम्मेदारियों का अहसास हो सके।जब शादी जल्दी हो जाएगी तो खुद पर जिम्मेदारी आएगी और ऐसे में रोजी-रोटी के लिए मेहनत करेगा।जब कमाने लगेगा तो सुधरने भी लगेगा.

कम उम्र में शादी करने के नुकसान | Side-Effects of Early Marriage in Hindi

  • कम उम्र में शादी करने से व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व विकास के लिए समय नहीं मिल पाता क्योंकि जहाँ उसकी समझ शुरू और विकसित होना शुरू होती है और ऐसे में उस पर जिम्मेदारियों का बोझ आता है तो उसका व्यवहारिक विकास रुक जाता है।
  • आदमी के कंधो पर समय से पहले बोझ आ जाता है जबकि वो इसके लिए तैयार भी नहीं होता है। समय से पहले जिम्मेदारी आने से आदमी उस जिम्मेदारी को सही से निर्वहन नहीं कर पाता है.
  • कम उम्र में शादी करने से पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पाती है क्योंकि लडकियां अक्सर पढ़ाई बीच में छोड़ देती है और लड़के पर भी परिवार की जिम्मेदारी आने से उसकी भी पढ़ाई बीच में छुट जाती है.
  • लड़का और लड़की दोनों सामाजिक स्थितियों को समझने में विकसित नहीं हो पाते है।
  • महिलाएं समय से पहले गर्भवती हो जाती है जिससे बाद में उन्हें कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।कम उम्र में महिलाएं बच्चे को सँभालने के लिए तैयार नहीं हो पाती है।
  • महिलाओं को प्रसूति संबधित कई सारे रोग शुरू हो जाते है।
  • कम उम्र में शादी होने से परिवार नियोजन के लिए समय नहीं मिल पाता है और यह जनसंख्या बढ़ोतरी का प्रमुख कारण है।
  • कम उम्र में शादी होने से पारिवारिक जरूरतें पूरी नहीं हो पाती है क्योंकि समय से पहले कन्धो पर जिम्मेदारियों का बोझ आदमी को पूरी तरह से थका देता है।

About the author

Neeru Sharma

मेरा नाम नीरू है और में एक रिलेशनशिप ब्लॉगर हूँ. मुझे खासकर शादीशुदा जिंदगी के बारे में लिखना पसंद है. शादी के बाद पति-पत्नी मैं किस तरह की समस्याएं आती है और उनका समाधान किस तरह से किया जा सकता है, इन सभी चीजों को आप मेरे ब्लॉग से जानेंगे. अगर आप अपनी शादीशुदा जिंदगी को खुशहाल बनाना चाहते है तो एक बार मेरे ब्लॉग को जरुर विजिट करें.

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