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शादी के बाद लिव-इन रिलेशनशिप

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Written by Surbhi

शादी से पहले लड़के और लड़की का एक साथ रहना लिव-इन रिलेशनशिप कहलाता है जिसमे दोनों की हामी होती है और दोनों एक-दुसरे को समझने और जानने के लिए एक साथ रहते है। अगर दोनों के बीच सब कुछ सही रहता है वे शादी के बंधन में बंधने का फैसला करते है और अगर उन्हें लगता है आगे नहीं निभ सकता तो वे अलग हो सकते है।

सुप्रीम कोर्ट पहले भी कह चूका है की लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं है। युवा वर्ग में यह काफी लोकप्रिय है। महानगरों में इसका चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। लोग काफी सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में रह लेते है और बाद में शादी करते है। लेकिन ऐसे जोड़े का कानून और समाज के लिए चुनोती है।

इसका दूसरा पहलु है शादी के बाद का लिव-इन रिलेशनशिप। क्या शादी से पहले की तरह शादी के बाद भी लिव-इन में रहना लीगल है? इसके लिए क्या कानून है, इसके बारे में आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे। आज हम आपको बताएँगे की शादी के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में रहना लीगल या ईलीगल और इसके क्या कानून है।

शादी के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में रहना वैध है या अवैध | Live-in Relationship Morally Correct After Marriage?

इलाहाबाद हाईकोर्ट के अनुसार शादीशुदा महिलाएं, किसी दुसरे पुरुष के साथ शादी के बाद लिव-इन में नहीं रह सकती। इसका मतलब है की शादीशुदा महिलाओं का शादी के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में रहना अवैध है। शादी-शुदा महिलाएं अपने पति के अलावा किसी गैर मर्द के साथ शारीरिक संबध नहीं बना सकती है।

यह बात मर्दों पर भी लागू होती है की वे किसी शादीशुदा महिला के साथ संबध नहीं बना सकते है। सिर्फ वे ही लोग लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकते है जो सिंगल हो, कुंवारे हो, तलाकशुदा हो या जिनके पति-पत्नी गुजर चुके हो। ऐसा इसलिए क्योंकि लिव-इन रिलेशनशिप कभी भी खत्म हो सकता है इसलिए इस तरह के रिश्ते को नैतिकता प्रदान नहीं की गई है।

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कानून | Laws Related to Live-in in Hindi

  • लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर को शादी की तरह पति-पत्नी के रूप में रहना होगा।
  • सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ़ कर दिया है की लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली हर महिला गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई है।
    • साथ में रहने वाले पार्टनर्स को पति-पत्नी की तरह रहना होगा।
    • दोनों के बीच रिश्ते कानूनन रूप से शादी करने के लिए वर्जित ना हो।
    • दोनों लम्बे समय तक अपनी इच्छा से पति-पत्नी के तौर पर रहे हो।
  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार यदि दो लोग लम्बे समय से एक साथ रह रहे है और उनके बीच शारीरिक संबध भी बन चुका है तो उन्हें शादीशुदा माना जायेगा।
  • लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान हुए पुत्र को बाप की सम्पति में बराबर का हक है।
  • महिला को घरेलू हिंसा से जुड़े पुरे हक प्रदान है। अगर लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हुए पति उसके साथ शोषण करता है तो वो कोर्ट का दरवाजा खड़खड़ा सकती है लेकिन उसके पास पर्याप्त सबूत होने चाहिए।
  • महिला अगर पति पर प्रताड़ना का केस दर्ज कराना चाहती है तो उसके पास पर्याप्त सबूत होने चाहिए की वे दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे, क्योंकि इस तरह के रिश्तों को साबित करना सबसे बड़ी दिक्कत होती है।

आपने आज की इस पोस्ट में लिवओं रिलेशन शादी के बाद वैध है या अवैध और इसको लेकर क्या कानून है इसके बारे मे जाना है। उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे ताकि हम आगे भी ऐसी अच्छी से अच्छी पोस्ट आपके बीच ला सके।

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Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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