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लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) के लक्षण, कारण और बचाव

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Written by Surbhi

आप सबने कैंसर के बारे में सुना है और कैंसर को लेकर लोगों की एक ही राय है कैंसर मतलब मौत. अगर किसी को कहते है की अमुख व्यक्ति को कैंसर है तो सबसे पहले मुहं से एक ही शब्द निकलता है की अब वो ज्यादा नहीं जी पायेगा. सचमुच कैंसर एक बयानक बीमारी है जिसका अगर समय रहते इलाज नहीं किया तो मौत ही इसका इलाज है.

जब हम कैंसर के आखिरी स्टेज में पहुँच जाते है या समय पर ध्यान नहीं देते है तो डॉक्टर एक ही चीज बोलता है की अब दुआ ही इसका इलाज है या घर ले जाईये और सेवा कीजिये क्योंकि डॉक्टर को भी पता होता है की कैंसर के आखिरी स्टेज में मरीज को बचा पाना नामुमकीन सा हो जाता है. कैंसर कई तरह का होता है जैसे अग्नाशय कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेन कैंसर आदि.

यूँ मान लो लगभग शरीर के हर हिस्से में कैंसर होने की संभावना रहती है और समय पर इलाज नहीं मिलने से यह पुरे शरीर में फ़ैल जाता है. आज की इस पोस्ट में हम लंग कैंसर यानी फेफड़ों के कैंसर के बारे में बात करेंगे. आखिर लंग कैंसर क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या है तथा इसका इलाज कैसे किया जा सकता है इसके बारे में हम आज की इस पोस्ट में जानेंगे.

लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर) क्या है?

जब लंग यानी फेफड़ों की कोशिकाएं अनावश्यक रूप से बढ़ने लगे तो फेफड़ों का कैंसर होता है. जैसे-जैसे कोशिकाएं बढती जाती है वैसे-वैसे एक ट्यूमर (गाँठ) बनता जाता है. लंग कैंसर दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है. अधिकतर मामलों में फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण सिगरेट माना गया है लेकिन इन लोगों में भी लंग कैंसर पाया गया है जिन्होंने कभी धुम्रपान नहीं किया है.

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) के चरण

  • पहला चरण :- जब ट्यूमर केवल एक फेफड़े में पाया जाता है लिम्फ नोड्स में नहीं.
  • दूसरा चरण :- जब कैंसर संक्रमित फेफड़ों के आसपास मौजूद निम्फ नोड्स में फैलता है.
  • तीसरा चरण :- जब कैंसर श्वांस नली, सीने की दीवार, फेफड़ों से होता हुआ गर्दन आदि में फ़ैल जाता है.
  • चौथा चरण :- जब कैंसर पुरे शरीर और फेफड़ों के अन्य भागों में फ़ैल जाता है.

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) के लक्षण

  • लगातार खांसी आना
  • बहुत जल्दी हांफ जाना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • छाती में तेज दर्द होना साथ ही कंधों और पीठ में भी दर्द होना
  • अचानक से वजन में कमी आना
  • सिर और हड्डियों में दर्द रहना और यह दर्द रात में ज्यादा रहना
  • जोर-जोर से सांस लेना
  • खांसी के साथ खून निकलना
  • भोजन निगलने में कठिनाई होना
  • शरीर में अत्यधिक कमजोरी और थकान होना

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) के कारण

इसका सबसे प्रमुख कारण सिगरेट का सेवन करना है. शोध और रिसर्च में भी यह बात सामने आ चुकी है की लंग कैंसर का प्रमुख कारण सिगरेट ही है. एक सिगरेट में 4000 से अधिक रसायन होते है जिनमे से कई सारे कैंसर के लिए जिम्मेदार होते है. जिसने धुम्रपान नहीं किया है उसमे लंग कैंसर होने के चांसेज बहुत कम होते है. अगर एक बार व्यक्ति धुम्रपान छोड़ देता है तो धीरे-धीरे लंग कैंसर का जोखिम कम होने लगता है. इसके अलावा निम्न कारण और है –

  • वायु प्रदूषण
  • फेफड़ों से संबधित कोई अन्य रोग या पूर्व रोग
  • आनुवांशिक कारण
  • पूर्व में कभी रेडियोथेरेपी उपचार लिया हो
  • कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) की जांच

  • एक्स-रे
  • सिटी स्कैन
  • ब्रोन्कोस्कोपी
  • PET स्कैन
  • MRI
  • बायोप्सी जिसमे माइक्रोस्कोप के द्वारा जांच की जाती है
  • छाती की जांच
  • थूक की जांच
  • CBC टेस्ट
  • ब्लड केमिस्ट्री जांच
  • अल्ट्रासाउंड

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का इलाज

डॉक्टर मरीज का स्वास्थ्य, उम्र, कैंसर का चरण, प्रकार, प्राथमिकतायें आदि के हिसाब से इलाज करता है.इस हिसाब से सर्जरी, किमोथेरेपी, विकिरण थेरेपी, दवा चिकित्सा आदि की जाती है.

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) से बचाव के उपाय

  • धुम्रपान को बिलकुल छोड़ दे यह ना सिर्फ लंग कैंसर का कारण है बल्कि कई सारी बीमारियों की जड़ है. इसलिए आज से ही सिगरेट को मना कर दे.
  • अगर कोई आपके पास बैठा व्यक्ति भी धुम्रपान कर रहा है तो उससे दूर बैठे क्योंकि उससे भी धुंआ आपके शरीर में प्रवेश करता है.
  • शराब से भी दुरी बनाये रखें क्योंकि यह भी कैंसर का प्रमुख कारण है.
  • विटामीन C युक्त फल सब्जियां और संतुलित तथा पौष्टिक आहार ले.
  • रेडान गैस से दुरी बनाये रखे. इसकी जांच के लिए रेडान डिटेक्शन कीट का इस्तेमाल करें.
  • अपनी जीवनशैली को स्वस्थ बनाये. खान-पान और लाइफस्टाइल का ध्यान रखें.
  • सुबह योग और व्यायाम करें.
  • तनाव और चिंता से दुरी बनाये रखें.

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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