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Meditation: ध्यान के प्रभाव और फायदे

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Written by Neeru Sharma

सबसे पहले हम ये जान ले कि ध्यान क्या है?

ध्यान एक विश्राम है। यह किसी वस्तु पर अपने विचारों का केन्द्रीकरण या एकाग्रता नहीं है, बल्कि यह अपने आप में विश्राम पाने की प्रक्रिया है। ध्यान करने से हम अपने किसी भी कार्य को एकाग्रता पा सकते हैं। ध्यान में आप पाएँगे कि मन स्वयं की अन्तरमन की गहराई में पहुँच जाता है, पर उसी समय कुछ ऐसा भी है जो आपके भीतर से बाहर की ओर आ जाता है। चिरकाल से मन में पड़ी हुई कोई गहरी छाप और अनेकों विचार बाहर आ जाते हैं और मन की गहराई खो जाती है। समय के साथ आप इस प्रक्रिया को अगर बार बार दोहराते हैं तो आप पाएँगे कि आप का पूरा स्वभाव ही बदल गया है।

ध्यान के अभाव मे कौन-कौन से विचार आपको घेर सकते है?

आप उस समय ध्यान की स्थिति में पहुँचते हैं जब आप के मन में उठ रहे विचार समाप्त हो जाते हैं। विचार कई तरीकों से मन में उत्पन्न होते हैं, और आपको भ्रमण के लिए ले जाते हैं। क्या आप पहचान सकते हैं कि इनमें से कौन से विचार आपको घेर कर रखते है- इच्छाएँ, महत्त्वाकांक्षा, उम्मीदें, संदेह, अप्रिय यादें, तृष्णा, चिंता या परेशानी?

तनाव से मुक्ति व अन्य रोगों में ध्यान उपयोगी

सदियों से ये माना जाता रहा है कि ध्यान करने से दिमागी विकास होता है और इससे कई बड़ी बिमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। अब विज्ञान भी इस बात को मानने लगा है। इस बात के प्रमाण के लिए कुछ वैज्ञानिकों ने जब कुछ विद्यार्थियों पर शोध किया और उन्हें एक महीने तक नियमित रूप से मेडिटेशन कराया तो निष्कर्ष के रूप में ये बात सामने आई कि “उन विद्यार्थियों का दिमागी विकास काफी तेजी से हुआ और उनके इसके प्रभाव से उनके दिमाग से ज्यादा संकेत मिलने शुरू हो गए।”  विज्ञान ने अपने शोधों में पाया है, “एकाग्रता में कमी, डिमेंशिया, अवसाद और सिजोफ्रेनिया जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने में मेडिटेशन बेहद सहायक है।” इसके अलावा नियमित रूप से मेडिटेशन करने से तनाव से मुक्ति मिलती है क्योंकि मेडिटेशन करने पर शरीर से कोर्टिसोल नामक हार्मोंन का स्राव भरपूर होता है जो दिमाग शांत रखता है और तनाव मुक्त करता है।

ध्यान से लाभ | Benefits of Meditation in Hindi

लोग सदियों से ध्यान-अभ्यास को अपने जीवन में उतारने की कोशिश करते रहे हैं। आज जबकि लोगों को इसके नए और अनेक लाभ पता चलते जा रहे हैं, तो इसकी प्रसिद्धि में भी बढ़ोतरी हो रही है।ध्यान से मन मस्तिस्क को संतुलित कर आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। इसके नियमित अभ्यास से आप में इच्छाशक्ति का विकास होगा और आपको अपने कार्यों से बेहतर परिणाम प्राप्त होगा आप भी परिचित हैं ध्यान से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ से, अगर नहीं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं ध्यान से होने वाले कुछ खास फायदों के बारे मे जो इस प्रकार है-

ध्यान-अभ्यास के शारीरिक लाभ-

डाक्टर हमें बताते हैं कि तनाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत हानिकारक प्रभाव डालता है। ध्यान-अभ्यास करने से हमारा शरीर पूरी तरह से शांत हो जाता है और हमारा समस्त तनाव दूर हो जाता है। परीक्षण बताते हैं कि ध्यान-अभ्यास के दौरान हमारी दिमाग़ी तरंगें धीमी होकर 4-10 हर्ट्ज़ पर काम करने लगती हैं, जिससे कि हमें पूरी तरह से शांत होने का एहसास मिलता है। इससे हमारे शरीर को भी अनेक लाभ मिलते हैं, जैसे कि बेहतर नींद आना, रक्तचाप में कमी आना, रोग-प्रतिरोधक क्षमता और पाचन प्रणाली में सुधार आना, और दर्द के एहसास में कमी आना। ये सभी लाभ ध्यान से हमें अपने आप ही मिलने लगते हैं।

ध्यान-अभ्यास के मानसिक लाभ-

दिन भर में हमारे मन में विचार चलते रहते हैं। जब हम ध्यान-अभ्यास करने के लिए बैठते हैं और अपने ध्यान को आत्मा की बैठक या तीसरे तिल पर एकाग्र करते हैं, तो हमारा मन शांत होने लगता है। हमारा ध्यान बाहरी दुनिया की समस्याओं से हट जाता है और हम पूरी तरह से शांत हो जाते हैं। नियमित रूप से ध्यान-अभ्यास करने से हमारी एकाग्रता बढ़ती चली जाती है। एकाग्र होने की क्षमता में इस बढ़ोतरी से और साथ ही तनाव में कमी, ऊर्जा में वृद्धि, और रिश्तों में सुधार आने से हम सांसारिक कार्यों में भी सफलता प्राप्त करते हैं। हम पहले से अधिक कार्यकुशल और उत्पादक हो जाते हैं। साथ ही, जीवन की चुनौतियों का सामना पहले से बेहतर ढंग से कर पाते हैं।

ध्यान-अभ्यास के आध्यात्मिक लाभ-

ज्योति ध्यान-अभ्यास और शब्द ध्यान-अभ्यास अनूठी विधाएं हैं। ये शरीर और मन को ही नहीं बल्कि आत्मा को भी लाभ पहुंचाती हैं। हमारी आत्मा, जो कि प्रभु का अंश है, अपने स्रोत यानी प्रभु से अलग हो चुकी है। शब्द ध्यान-अभ्यास के द्वारा हम अपने असली घर वापस लौट सकते हैं। अपने भीतर प्रभु के शक्तिशाली प्रकाश और ध्वनि के साथ जुड़ने से हमारी आत्मा बलवान होती है और हम अधिक चेतनता से भरपूर मंडलों में पहुंच जाते हैं। ये ताक़तवर आत्मा ही हमारा वास्तविक स्वरूप है और ये अपार ज्ञान, प्रेम और शक्ति का स्रोत है। ये एक पूरी तरह से आध्यात्मिक अनुभव है। ध्यान को अपने भीतर एकाग्र करने से ही हम आंतरिक रूहानी मंडलों का अनुभव कर सकते हैं और प्रभु के संपर्क में आ सकते हैं। इस प्रकार अपने जीवन के असली उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं।

ध्यान लगाने का तरीका | How to Meditate in Hindi

  • साफ-स्वच्छ जगह पर आसन लगाकर बैठें।
  • ध्यान शक्ति चक्र को अपने से छः फुट की दूरी पर अपनी आँखों के समानांतर (आई लेवल) पर रखें।
  • ध्यान रखें वातावरण शांत रहना चाहिए एवं अपनी आँखों को स्वच्छ पानी से साफ कर लें।
  • अब ध्यान शक्ति चक्र के मध्य के सफेद बिंदु पर एकटक देखें (लगभग तीन मिनट)। यदि आँखों में पानी आने लगे तो आँखें बंद कर लें। मन-मस्तिष्क, आँखों पर जोर न दें। बिलकुल शांत व आराम (रिलेक्स होकर) से बैठें।
  • ऊपर बताए गए तरीके से 3-3 मिनट करके तीन बार करें। प्रतिदिन कम से कम़ छः बार अवश्य करें।
  • हर छः मिनट के अभ्यास के बाद 20 सेकंड तक अपनी हथेलियों से आँखों की हल्की मसाज करें।
  • ध्यान शक्ति का नियमित अभ्यास करें और चमत्कारिक प्रभाव प्राप्त होगा।

About the author

Neeru Sharma

मेरा नाम नीरू है और में एक रिलेशनशिप ब्लॉगर हूँ. मुझे खासकर शादीशुदा जिंदगी के बारे में लिखना पसंद है. शादी के बाद पति-पत्नी मैं किस तरह की समस्याएं आती है और उनका समाधान किस तरह से किया जा सकता है, इन सभी चीजों को आप मेरे ब्लॉग से जानेंगे. अगर आप अपनी शादीशुदा जिंदगी को खुशहाल बनाना चाहते है तो एक बार मेरे ब्लॉग को जरुर विजिट करें.

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