Mind & Body

दिमाग कैसे तेज़ करें? माइंड ऐक्सरसाइज इन हिंदी

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Written by Surbhi

अगर आप अपने दिलो-दिमाग की पहले जैसी चुस्ती-फुर्ती और ताक़त को वापस पाने की चाहत रखते है, या इसे हमेशा वैसा ही चुस्त,दुरुस्त बनाए रखना चाहते हैं। या तनाव का स्तर कम करने के साथ ही डिप्रेशन या दिमाग से संबंधित अन्य परेशानियों से दूरी बनाए रखना है तो कसरत कीजिए। सामान्य कसरत जहां आपके शरीर और दिमाग दोनों की ही सेहत को दुरुस्त रखता है,वहीं दिमागी कसरत से आप ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ा सकते हैं।

नीचे दिये गऐ कुछ माइंड ऐक्सरसाइज है उन्हें करे:

1. जितना ज़्यादा हो सके पढ़ें-

पढ़ना बेहद बुनियादी क़िस्म की एक शानदार मानसिक एक्सरसाइज़ है। आप अखबार, मैगज़ीन या किताबें पढ़ सकते हैं, लेकिन याद रखें, पाठ जितना कठिन और चुनौतीपूर्ण होगा, आपके दिमाग की कसरत उतनी ही तगड़ी होगी। किसी भी एक्सरसाइज़ की तरह, कम मात्रा से शुरुआत करें और र्धीरे-धीरे ज़्यादा से ज़्यादा के लिए संघर्ष करें।

2. शब्द-ज्ञान बढ़ाइए-

हर दिन नया शब्द याद दिलाने वाले किसी कैलेंडर या डिक्शनरी से शब्द सीखें। यह आपके मस्तिष्क में भाषा वाले क्षेत्र की मशक्कत कराते हुए उसे ऊर्जावान बनाए रखता है।

3. रोज़ कुछ लिखें-

लेखन काफ़ी सोच-विचार की माँग करता है! आप कहानियाँ गढ़ सकते हैं, अपने साथ गुजरी हुई घटनाओं को लिख सकते हैं, या जिन चीजों को आप जानते और पसंद करते हैं, उनके बारे में लेख लिख सकते हैं।

4. नई भाषा सीखें-

कोई नई भाषा सीखना मस्तिष्क के लिए तमाम नए रास्तों को खोलते हुए घुड़सवारी करने जैसा है। मस्तिष्क के जिस हिस्से में भाषा संबंधी जानकारियाँ एकत्र होती हैं, यह उस क्षेत्र की पूरी एक्सरसाइज़ करा देता है, और आपको अपनी मातृभाषा को बोलने में भी बेहतर बना देता है।

5. समस्याओं पर पुनर्विचार-

 रोज़मर्रा के वाकयों में कोई घटना दूसरे किन-किन रूपों में हो सकती थी, उन संभावनाओं को ढूँढ़िए और उनके नतीज़ों का पता लगाइए। यह आपकी सृजनशीलता को बढ़ाएगा और समस्याओं को हल करने में और भी दक्ष बना देगा।

6. टेलीविजन बंद कर दीजिये-

टेलीविजन आपको बताता है कि क्या सोचना है और कैसे सोचना है। मतलब यह कि जिन्दगी की रेस में ड्राइवर की सीट पर बैठे आपके दिलो-दिमाग को यह वहाँ से हटा देता है। इसीलिए तो यह इतना आरामदेह लगता है। अगर अपने दिमाग को ठहर कर जड़ हो जाने से रोकना चाहते हैं, तो जो पहला काम करना होगा, वह है, टीवी को बंद कर देना। फिर भी अगर इसे देखना ही चाहते हैं, तो देखते वक्त सोच-विचार करते रहने की कोशिश कीजिये। शैक्षिक कार्यक्रमों को देखिये या पॉपुलर प्रोग्राम अगर देखना ही है, तो जटिल प्लॉट और चरित्रों की खूब जद्दोजेहद वाले प्रोग्राम चुनिए।

7. अपने सबसे सक्रिय हाथ की अदला-बदली कीजिये-

मस्तिष्क का वह भाग जो मांसपेशियों को नियंत्रित करता है, उसे उत्तेजित करने के लिए हाथों को अदल-बदल कर इस्तेमाल कीजिये। अगर दायें हाथ का उपयोग करते है, तो बाएं हाथ का प्रयोग करें, और फिर इसके उलट करें।

8. एक संगीत वाद्य बजाएं या रूबिक्स क्यूब खेलें-

आदिम युग में औजार बनाने और इसका उपयोग करने के एक लाख वर्षों के संघर्ष में इंसानी मस्तिष्क ने अपने भीतर तालमेल विकसित किया था। औजारों के उपयोग से मेल खाने वाले कामों को करते हुए आप सूक्ष्म तालमेल और संतुलन बनाने में अपने दिमाग की मदद कर सकते हैं। मिसाल के लिए, वायलिन बजाने या फिर रुबिक क्यूब खेलने और औजार बनाने और उनका इस्तेमाल करने में कुछ समानता है। ये सभी सामान्य मोटर स्किल, सूक्ष्म मोटर स्किल, वस्तुओं को पहचानने और उनके संचालन के क्रमिक तालमेल के इस्तेमाल की माँग करते हैं। इसलिए रोज़ाना या दिन में दो बार ऐसी गतिविधियाँ करना दिमाग को सही आकार मे रखेगा।

9. क्रॉसवर्ड्स और पज़ल्स रोज़ सुलझाएँ-

क्रॉसवर्ड्स जैसी सरल पहेलियाँ दिमाग से कुछ बुनियादी किस्म का काम कराने में मदद कर सकती हैं। भाग-दौड़ भरी दिनचर्या में इन्हें आसानी से फिट किया जा सकता है। इनमें से कुछ तो आप मुफ्त ऑनलाइन भी पा सकते हैं।

10. ज़्यादा सिरखपाऊ पज़ल्स की ओर बढ़ें-

लम्बे और जटिल पज़ल्स मस्तिष्क की तगड़ी मशक्कत कराते हैं। कभी-कभी तो ये कई दिन या हफ़्ते भी ले सकते हैं, लेकिन ये वाकई आज़माने लायक हैं। यहाँ तात्पर्य सिर्फ पारंपरिक अर्थों में कही जाने वाली पहेलियों से नहीं है। अगर आप महज़ टाइम-पास कर रहे हैं, तो दिमाग में गहराई तक खलबली मचा देने के लिए ज़रा जापानी पॉकेट पज़ल्स को हाथ लगाकर देखिये।

11. शतरंज खेलने की सोचिये-

शतरंज अविश्वसनीय रूप से जहाँ स्ट्रेटेजिक गेम है, वहीं कौशल का भी खेल है। आपके दिमाग की कड़ी मशक्कत कराने में इसके कुछ पज़ल्स तो शतरंज से पार चली जाती हैं। सीखने और खेलने में शतरंज बेहद आसान है।

12. वीडियो गेम खेलिए-

 क्या आप जानते हैं, वीडियो गेम हकीक़त में आपको स्मार्ट बनाता है? मारियो, ज़ेलडा, स्क्रीब्लेनौट्स, और मिस्ट  दिमाग के लिए अच्छे कार्डियो वर्कआउट जैसे हैं, जो आपको एक बेहतर समस्यायें हल करने वाला, अधिक रचनात्मक और तेज़ थिंकर हो पाने में मदद करते हैं।

13. योग करें

क्या आप जानते है योग के द्वारा दिमाग को तेज और मस्तिष्क को विकसित किया जा सकता है।

योग से दिमागी विकास कैसे होता है?

एक शोध के अनुसार, नियमित योग के अभ्यास से दिमाग स्वस्थ, तरोताजा और तेज रहता है। इस अध्ययन के तहत 52 युवतियों पर किए गए शोध से पता चला है कि दिमाग को स्वस्थ और सुचारू रूप से काम करने लिए आवश्यक ऑक्सीजन की उपलब्धता उच्च स्तर पर होती है, जो प्रतिदिन योग करते है। मस्तिष्क के दो भाग होते है। दाहिना भाग शरीर के बायें हिस्से को तथा बाया भाग शरीर के दाहिने हिस्से को संचालित करता है।

 मनुष्य योग और व्यायाम के जरिये अपने मस्तिष्क के दोनों भागो को सक्रिय कर सकता है। योग से विचार करने की क्षमता, समझने की शक्ति, स्मरण शक्ति और वृद्धावस्था में होने वाले रोग जैसे लकवा, पार्किंसन, अल्जाइमर, अनिद्रा आदि अनेक भविष्य में आने वाली समस्याओं से निजात मिलती है।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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