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एम.टी.पी कीट (MTP Kit) के फायदे, नुकसान और खुराक

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Written by Surbhi

एम.टी.पी कीट का प्रयोग मुख्य तौर पर गर्भपात के लिए किया जाता है. अगर आप गर्भधारण के 63 दिनों के भीतर है तो यह डॉक्टर इस प्रक्रिया को अपनाते है और अगर आप 10 सप्ताह से अधिक समय से गर्भवती है तो डॉक्टर इस प्रक्रिया को नहीं चुनते है. एम.टी.पी कीट प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन के प्रभाव को कम करने में मदद करता है. आईये जानते है एम.टी.पी कीट की खुराक, फायदे और नुकसान के बारे में.

एम.टी.पी कीट के उपयोग  

  • गर्भावस्था के दो महीने से पहले गर्भपात करने या चिकित्सकीय रूप से खत्म करने के लिए उपयोग किया जाता है और कुछ मामलों में इसका उपयोग 10 हफ्ते तक के लिए किया जा सकता है।
  •  कुछ मामलों में मेंसेस को प्रेरित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • स्तन कैंसर, गैस्ट्रिक और डुओडनल अल्सर और मेनिंगियोमा जैसी अन्य स्थितियों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है।

एम.टी.पी कीट कैसे काम करती है?

एम.टी.पी कीट में मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल होते है. मिफेप्रिस्टोन प्रोजेस्ट्रोन के प्रभाव को रोकने में मदद करता है और प्रोजेस्ट्रोन में रूकावट होने से गर्भ का अस्तर और गर्भाशय सिकुड़ने लगता है जिससे गर्भपात हो जाता है.

एम.टी.पी कीट कैसे ले?

एम.टी.पी कीट मिफेप्रिस्टोन की एक गोली और मिसोप्रोस्टोल की चार गोलियों से बनी है. इस कीट का प्रयोग स्त्री रोग से संबधित डॉक्टर से सलाह लेकर ही करना चाहिए. मिफेप्रिस्टोन मुंह द्वारा लेने के लिए है जबकि योनि के उपयोग के लिए मिसोप्रोस्टोल की गोलियां हैं। एमटीपी किट आमतौर पर टैबलेट के रूप में मिलता है।

किसी भी गैस्ट्रिक परेशानी से बचने के लिए भोजन के बाद मिफेप्रिस्टोन लेनी चाहिए। इन गोलियों को चबाएं नहीं बल्कि पूरा ही निगल लें। रोगी को दवा की बेहतर समझ रखने के लिए पैकेज के अंदर लीफलेट पढने की सलाह दी जाती है ताकि किसी तरह की गड़बड़ ना हो।

एम.टी.पी कीट की खुराक

इसकी खुराक डॉक्टर रोगी की आयु, वजन, मानसिक स्थिति, एलर्जी के इतिहास आदि के अनुसार तय करता है। एम.टी.पी कीट की सबसे सामान्य खुराक मिफेप्रिस्टोन की मुंह द्वारा ली जाने वाली एक गोली है जबकि 1 से 3 महीने बाद योनि में डाले जाने के लिए 4 मिसोप्रोस्टोल की गोलियां हैं। इसकी खुराक डॉक्टर से सलाह के बाद ही सही तरीके से लेनी चाहिए.

अगर एम.टी.पी किट की खुराक अधिक मात्रा में लें तो क्या होगा?

इसे तय की गयी खुराक के अनुसार ही लेना चाहिए। इसे ज्यादा मात्रा में लेने से कुछ गंभीर प्रभाव हो सकते हैं जैसे दस्त, उल्टी, अपच, भारी मासिक धर्म, चक्कर आना, कांपना, पेट फूलना, पेल्विक दर्द आदि। इसलिए डॉक्टर से तुरंत सलाह लेने के बाद ही इसकी खुराक को लेना चाहिए.

इस स्थिति में एम.टी.पी. कीट लेने से बचना चाहिए

  • अगर किसी तरह की एलर्जी हो तो
  • 35 साल से अधिक आयु हो
  • अस्थमा की बीमारी हो
  • खून संबधी विकार होने की स्थिति में जैसे ज्यादा ब्लीडिंग होने पर
  • कीडनी या लीवर संबधी रोग होने पर

एम.टी.पी कीट लेते समय रखे यह सावधानियां

  • अगर एम.टी.पी कीट लेने के बाद किसी तरह की एलर्जी हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें.
  • इसके ओवरडोज से बचे अन्यथा गंभीर परिणाम हो सकते है.
  • जो धुम्रपान करते है उन्हें इसे लेते समय सावधानी रखनी चाहिए.

आज की इस पोस्ट में आप अच्छे से एम.टी.पी कीट के बारे में जान गयी होगी की इसे कैसे ले, कितनी खुराक ले, क्या फायदे और नुकसान है, क्या सावधानियां रखनी चाहिए. उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर करे और कमेंट बॉक्स में अपने विचार दे.

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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