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ओ३म् का उच्चारण | Om Chanting in Hindi

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Written by Shaina Dhamija

ओ३म्  का यह चिन्ह ‘‘ यह संपूर्ण ब्रह्मांड का प्रतीक है, आकाश गंगा की तरह फैला,केंद्र में है ब्रह्म जिसकाका अर्थ ही  विस्तार है। ओंकार ध्वनि के जाने कितने अर्थ वेदों, उपनिषदों ने दिए है। यह अनादि और अनंत तथा निर्वाण की अवस्था का प्रतीक है।

ॐ को ओम या प्रणव मंत्र भी कहा जाता है, इसे बोलते वक्त 2 हिस्सा ‘ओ’  तथा 1 हिस्सा ‘म’ बोलते है मतलब  बोलते वक्त ‘ओ’ पर ज्यादा जोर होता है। यही है मन्त्रो के बीच महामंत्र है, इसी मंत्र से ब्रह्मांड का आरंभ है।इस मंत्र का प्रारंभ है अंत नही,  अनाहत  या अनहद का अर्थ जानते है आप? संपूर्ण ब्रह्मांड में यह अनाहत या अनहद ध्वनि अनवरत जारी है।

ऐसा माना जाता है कि जब ध्यान अवस्था  की शुरुआत हुई तो ध्यान में मग्न संत, तपस्वी, और योगियो को एक ध्वनि का आभास हुआ जो उन्हें ना केवल शरीर के अंदर सुनाई दी बल्कि बाहर, भीतर हर जगह वहीं ध्वनि सुनाई दी और उस ध्वनि को एक आकार दिया गया ‘ओ३म्’  के रूप में, जिसे महसूस करने से, बोलने से, सुनने से मन की शांति मिलती है।

सामान्य तौर ब्रह्मांड से उत्पन्न इस ध्वनि को आम इंसान नही सुन सकता लेकिन लगातार ध्यान के साथ ओम का उच्चारण करने से व्यक्ति के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संग्रह होने लगता है। परमात्मा से जुड़ने का साधारण तरीका है ॐ का उच्चारण करते रहना।

ॐ शब्द तीन ध्वनियों से बना हुआ है- अ, उ, म इन तीनों ध्वनियों का अर्थ उपनिषद में भी आता है। यह ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक भी है और यह भू: लोक, भूव: लोक और स्वर्ग लोग का प्रतीक है।

सभी एकाक्षर मंत्र का एक खास पैटर्न होता है, सभी मंत्रों का उच्चारण जीभ, होंठ, तालू, दाँत, कंठ और फेफड़ों से निकलने वाली वायु के सम्मिलित प्रभाव से संभव होता है। इससे निकलने वाली ध्वनि शरीर के सभी चक्रों और हॉर्मोन रिलीज  करने वाली ग्लैंड्स से टकराती है।

इस ध्वनि से ग्लैंड्स से रिलीज होने सिक्रीशन व्यवस्थित रूप से अर्थात कंट्रोल तरीके से रिलीज होते है और बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

ओ३म् का उच्चारण कैसे करें?

ओम के उच्चारण के लिए कोई समय निर्धारित नही है, केवल एक बात का ध्यान रखे कि आप तन मन से स्वच्छ हो, स्वच्छ से अर्थ नहाना नही बल्कि आप हाथ मुँह धोकर, साफ कपड़े पहनकर भी इसका उच्चारण कर सकते है।

ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ॐ जप माला से भी कर सकते हैं।

ओ३म् उच्चारण के लाभ | Benefits of Om Chanting in Hindi

केवल देश ही नही बल्कि विदेशों में भी रिसर्च में ये साबित हुआ हैं कि ओम का उच्चारण बहुत सी बीमारियों में  चमत्कारिक रूप से असर दिखाता है। बल्कि विदेशों के की हॉस्पिटल्स में बकायदा ‘ॐ’ उच्चारण की थेरेपी दी जाती है। मेडिकल साइंस भी ये बात मानता है कि यदि हम कुछ अप्रिय या कर्कश सुनते है तो मन और ह्रदय में बुरे और नकारात्मक भावों का आवेग उत्पन्न होता है, जिससे ब्रेन, बॉडी में  टॉक्सिन्स उत्पन्न करता है।

वहीं ॐ जैसे पवित्र शब्द का जाप करने पर इसकी ध्वनि मस्तिष्क, हृदय और रक्त पर अमृत की तरह आल्हादकारी रसायन की वर्षा करती है। इस ध्वनि से ना केवल मन एकाग्र होता है बल्कि इससे मानसिक बीमारियाँ दूर होती हैं। काम करने की शक्ति बढ़ जाती है, इसके उच्चारण में पवित्रता का ध्यान रखा जाता है।

यदि आप नियम से, श्रद्धा से ॐ का उच्चारण करेंगे तो खराब लाइफ स्टाइल, भागदौड़ भरी जिंदगी से होने वाली इन बीमारियों से मुक्त हो सकेंगे।

1- डायजेस्टिव सिस्टम

ऐसा मानते है कि ओम का उच्चारण केवल ध्यान, योग, समाधि जैसी चीज़ों के लिए होता है जबकि ऐसा नही है। ओ३म् की शक्ति केवल मानसिक रोगों को ठीक करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देखा जाए तो मानसिक स्वास्थ्य का सीधा असर हमारे पाचन पर पड़ता है।

इस प्रकार ओम का जाप करने से पाचन क्रिया पर सकारात्मक असर होता है, और पाचन तंत्र को सुचारू रूप से काम करने लगता है।

2- तनावमुक्त नींद

नींद के लिए नींद की गोलियां ही ली जाए ये जरूरी  नही, कभी ॐ का जाप करके देखिए ना केवल मानसिक शांति मिलेगी बल्कि आपको एक अच्छी और साउंड स्लीप आ जाएगी। आप अगर आप भी नींद नहीं आने की समस्या से परेशान हैं तो ओम का उच्चारण शुरू कीजिए,  कुछ ही देर में आपका दिमाग शांत हो जाएगा और आप बेफिक्र होकर अच्छी नींद ले सकेंगे।

3- तनाव

ॐ उच्चारण का शायद सबसे ज्यादा असर तनाव या स्ट्रेस पर ही देखा गया है, एंग्जायटी, डिप्रेशन तथा दूसरे  मानसिक रोगों के लिए तो ओम का उच्चारण करना चमत्कारिक असर करता है। बहुत से मैडिटेशन सेंटर में लगातार ओम का उच्चारण करवाने पर वहाँ  जाने वाले लोगो पर बहुत ही ज्यादा सकारत्मक प्रभाव देखा गया।

यहाँ तक कि जिन लोगो ने तनाव में शराब, सिगरेट या नशे का सेवन शुरू किया उन्होंने भी ॐ के प्रभाव से ये सब छोड़ दिया।

4- घबराहट

 ओम का उच्चारण से मिलती है मानसिक शांति और जहाँ शांति हो वहाँ बैचैनी और व्याकुलता का क्या काम? व्याकुलता मतलब घबराहट. ॐ का उच्चारण आपके मन और आत्मा को बिल्कुल शांत कर देता है, जिससे घबराहट अपने आप ही चली जाती है।

5- हार्मोनल डिसऑर्डर

जब मन शांत होगा तो स्ट्रेस नही होगा, स्ट्रेस ननहीं होगा तो हार्मोनल इमबेलेन्स नही होगा।जिससे हॉर्मोन रिलीज करने वाली सभी ग्लैंडस कंट्रोल तरीक़े से काम करेगी। जिससे थाइरोइड, पी सी ओ डी जैसी हार्मोनल दिक्कत दूर हो जाएगी। ॐ की ध्वनि स्वर और गले में कंपन्न पैदा करती है जिसका असर थायरॉइड ग्रंथि‍ पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है।

6- ब्लड सर्क्युलेशन

ॐ का उच्चारण मतलब बेहतर सर्क्युलेशन, बेहतर सर्क्युलेशन मतलब पूरी बॉडी में ऑक्सीजन की भरपूर मात्रा और सभी प्रकार के इन्फेक्शन से बचाव साथ ही साथ ब्लड प्रेशर की समस्या का भी निदान होता है।

इसके अलावा ॐ का उच्चारण नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाता है जिससे रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कोई परेशानी या तो होती नही है या जल्दी से जल्दी उसकी रिकवरी होती है। ॐ का सही प्रकार से किया गया उच्चारण सांस में होने वाली तकलीफों को दूर रखता है।

About the author

Shaina Dhamija

मेरा नाम शाइना है और में एक रिलेशनशिप ब्लॉगर हूँ. आज कल व्यस्त लाइफ, खराब जीवनशैली और भरोसे की कमी के चलते रिश्तों मैं तकरार आने लगी है. में लोगों के साथ रिलेशनशिप से जुडी जानकारी शेयर करना पसंद है ताकि लोग रिश्तों की अहमियत को समझ सके.

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