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प्रेगनेंसी में निमोनिया | Pneumonia while Pregnant in Hindi

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Written by Surbhi

निमोनिया सांस से जुडी एक गंभीर बीमारी है जिसमे फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। निमोनिया होने पर छाती में संक्रमण और लगातार खांसी आती रहती है। सामान्य बुखार और जुकाम से ही निमोनिया शुरू होता है और धीरे-धीरे यह गंभीर रूप लेने लग जाता है। वैसे तो यह 10-12 दिन में ठीक हो जाता है लेकिन कई बार यह खतरनाक हो जाता है और ठीक होने में भी काफी समय लगता है।

एक शोध के मुताबिक दुनियाभर में 18% बच्चों की मौत निमोनिया की वजह से होती है। निमोनिया होने पर फेफड़ों में सुजन आ जाती है और कई बार तो पानी भी भर जाता है। आज की इस पोस्ट में जानते है निमोनिया के लक्षण, कारण और पप्रेगनेंसी में निमोनिया होने पर क्या करें।

निमोनिया होने के कारण | Reasons for Pneumonia in Hindi

  • फंगल संक्रमण 
  • वायरस और बैक्टीरिया
  • मौसम बदलने से 
  • अधिक सर्दी लगने से 
  • खसरा और चिकनपॉक्स की वजह से 
  • टीबी, HIV पॉजिटिव, अस्थमा, शुगर, दिल के मारीजों को निमोनिया होने का खतरा ज्यादा रहता है 
  • स्ट्रेप्टोकोकस निमोने जीवाणु से
  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता में कमी होने से 

निमोनिया के लक्षण | Symptoms for Pneumonia in Hindi

  • सांस लेने में तकलीफ होना 
  • ठंड लगना 
  • छाती में दर्द 
  • बार-बार खांसी आना और खांसी के साथ बलगम आना  
  • बुखार आना 
  • अत्यधिक थकान होना 
  • भूख नहीं लगना
  • तेजी से साँस लेना 
  • उल्टी और मतली
  • बैचेनी होना 
  • कम रक्तचाप 
  • खांसी में खून आना 
  • धड़कन तेज होना 

प्रेगनेंसी में निमोनिया होने पर 

गर्भावस्था में निमोनिया होने से जोखिम अधिक बढ़ जाता है। यह गर्भावस्था के दौरान प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका शरीर आपके बढ़ते बच्चे को सहारा देने के लिए कड़ी मेहनत करता है। गर्भवती महिलाओं को फ्लू होने का खतरा अधिक हो सकता है। एक फ्लू वायरस या जीवाणु फेफड़ों में जाकर संक्रमण को फैलाता है, जिस वजह से निमोनिया फैलता है।

निमोनिया होने का सबसे मुख्य कारण बैक्टीरिया संक्रमण है। इसमें शामिल है-

  • हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा 
  • माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया 
  • स्ट्रैपटोकोकस निमोनिया

Ques.1 आपको डॉक्टर के पास कब जाना है? | When to See the Doctor?

जब अप निमोनिया के लक्षणों को अनुभव करने लगे उस समय आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अगर प्रेगनेंसी में आपको निमोनिया के लक्षण दिखे तो डॉक्टर को घर पर ही बुला दे। ऐसे में किसी तरह की लापरवाही ना बरतें अन्यथा इसके जोखिम बढ़ सकते है। खासकर प्रेगनेंसी में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए अन्यथा इसका खतरनाक असर हो सकता है।

Ques.2 गर्भावस्था के दौरान निमोनिया की जांच कैसे की जाती है? | How is Pneumonia Diagnosed during Pregnancy?

गर्भावस्था के दौरान आपका डॉक्टर आपके फेफड़ों की जांच करता है। जिसमे वो फेफड़ों का एक्सरे लेता है। सीने का एक्सरे आमतौर पर गर्भावस्था में सुरक्षित माना जाता है। डॉक्टर आपके थूक की भी जांच करता है।

Ques.3 गर्भावस्था के दौरान निमोनिया का इलाज कैसे किया जाता है? | What is the Treatment for Pneumonia During Pregnancy?

शुरुआत में डॉक्टर आपको एंटीवायरल की दवाइयां देता है क्योंकि निमोनिया के शुरूआती लक्षणों में बुखार भी शामिल है। सांस से संबधित तकलीफ की दवाई देता है। अगर आपको बैक्टीरिया से निमोनिया है तो डॉक्टर आपको एंटीबैक्टीरियल दवाई देता है। बुखार और दर्द को कम करने की दवाई दी जाती है। आपको पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर से पूछे बिना किसी तरह की दवाई ना ले अन्यथा आपको इसके गंभीर परिणाम हो सकते है।

Ques.4 क्या निमोनिया गर्भावस्था के दौरान जटिलताएं पैदा कर सकता है? | Can Pneumonia Create Problems During Pregnancy?

प्रेगनेंसी में निमोनिया की जटिलताएं बढ़ सकती है जैसे ओक्सिजन का स्तर गिर सकता है, संक्रमण फेफड़ों से होकर शरीर के अन्य भागों में फ़ैल सकता है जिससे तकलीफ बढ़ सकती है। इसके अलावा समय से पहले बच्चे का जन्म, जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना, गर्भपात आदि की समस्या हो सकती है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान निमोनिया होने पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है।

गर्भावस्था में निमोनिया से बचने के उपाय | Cure for Pneumonia in Hindi

  • बार-बार हाथ धोएं
  • पर्याप्त नींद ले
  • स्वस्थ और संतुलित आहार ले
  • नियमित रूप से योग और व्यायाम करें
  • किसी संक्रमित रोगी के सम्पर्क में ना आये 
  • गर्भवती महिला के आस-पास सफाई रखें 
  • नियमित रूप से डॉक्टर से चेकअप करवाते रहे 
  • बुखार के सामान्य लक्षण दिखने पर भी डॉक्टर को दिखाएँ 
  • जितना ज्यादा हो सके उतना आराम करें 

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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