Health and Diseases Women's Health

गर्भावस्था के हफ्ते | Pregnancy Weeks in Hindi Explained

pregnancy-ke-hafte-ki-jankaari
Written by Amisha Bharti

गर्भावस्था में महिला को बहुत से शारीरिक और मानसिक बदलावो से गुजरना पड़ता है। गर्भावस्था के ये महीने और हफ्ते अपने साथ बहुत सी भावनाए,लक्षण ,दिक्कते लेकर आती है।  लेकिन हर महिला की गर्भावस्था में लक्षण प्रकार और प्रसव एक जैसे नही होते। गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण लगभग एक जैसे होते है।

1. पहला हफ्ता | First Week of Pregnancy in Hindi

  • माहवारी बन्द होना गर्भावस्था के पहला लक्षण होता है। यदि आप माँ बनने की कोशिश कर रही है तो गर्भाधान होने के बाद से अपने अंदर होने वाले अनुभवों पर ध्यान रखे। क्योंकि माहवारी का चक्र पूरा होने तक कुछ भी कहा नही जा सकता। गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणो में जी मिचलाना, चक्कर आना, कब्ज होना,थकान बने रहना,
  • मुँह का स्वाद कड़वा होना, हार्मोनल परिवर्तन से मूड में बदलाव,कई बार पेशाब जाना,पैरो में सूजन,पेट फूलना,शरीर का तापमान बढ़ना, मासिक धर्म माइग्रेन,ब्राउन डिस्चार्ज और पेट मे हल्का दर्द।
  • ब्रैस्ट में भारिपन महसूस होना

क्या खाए? | What to Eat in Pregnancy First Week in Hindi?

पहले हफ्ते में सबसे जरूरी है फॉलिक एसिड से भरपूर चीज़े खाए क्योंकि ये बच्चे के विकास में बहुत जरूरी होता है। स्पिना बायफीडा और डाउन सिंड्रोम जैसी बीमारियों से बचाता है। विटामिन और मिनरल्स से भरपूर चीज़े खाए,पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां और फल खाए।

क्या ना खाएं | What Not to Eat in Pregnancy First Week in Hindi?

शराब,सिगरेट बन्द कर दे, चाय कॉफी का सेवन कम से कम कर दे, बन्द कर सकें तो और भी अच्छा है।

व्यायाम | Exercise is Must in Pregnancy

  • आप सुबह 30 मिनट टहल सकती है ये आपके और बच्चे दोनो के लिए लाभकारी है। हल्का व्यायाम करें।
  • केवल गर्भावस्था में होने वाले योग करे,सांस रोकने और पेट पर जोर डालने वाले योग और एक्सरसाइस ना करे।
  • ज्यादा उछल कूद ना करें, यात्रा से बचे।आरामदायक वस्त्र पहनें, खुश रहे क्योंकि आपकी मानसिक स्थिति का असर आपके बच्चे पर होगा।
  • गर्भावस्था की जाँच के लिए बाजार में उपकरण मिलते, जिससे आसानी से माहवारी बन्द होने के एक से डेढ़ हफ्ते बाद गर्भावस्था का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर्स ब्लड टेस्ट से प्रेग्नेंसी कन्फर्म करते है
  • गर्भावस्था के 1 या 2 हफ्ते तक अल्ट्रासाउंड टेस्ट में कुछ नही दिखता पर डॉक्टर्स इन हफ़्तों को भी गिनते है।

2. दूसरा हफ्ता |Second Week of Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दूसरे सप्ताह में भी होने वाले बदलाव बाहरी ना होकर अंदुरुनी होते हैं। हाथ पैरो में ऐंठन महसूस होती हैं,हर समय थकान लगती है  बार बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है। किसी किसी के हाथ पैरों में सूजन आ सकती है,बुखार हो सकता है। पाचन कमजोर होकर अपच और गैस बनने लगती है,किसी किसी चीज़ की महक असहनीय हो जाती है ब्रैस्ट में भारीपन और दर्द महसूस हो सकता है।

क्या खाए | What to Eat During Second Week in Hindi

  • विटामिन्स और मिनरल्स का सेवन अच्छे से करना चाहिए।
  • फोलिक एसिड युक्त पदार्थ,हरि सब्जियां,विटामिन c, और चावल आदि का सेवन शुरू कर देना चाहिए
  • खूब पानी पिएं, सुबह उठकर विटामिन सी वाला कोई भी फल जैसे संतरा या मौसम्बी खाए इससे मॉर्निंग सिकनेस में आराम मिलेगा।

क्या ना खाएं | What Not to Eat During Second Week in Hindi

गर्म तासीर वाली चीज़े जैसे पपीता,चीकू, नही खानी चाहिए गैस ,अपच से बचने के लिए भारी और तला हुआ कम से कम खाए। जंक फूड, कैफीन,एल्कोहल, छोड़ दे। जरूरत से ज्यादा मीठा भी आपको नुकसान करेगा।

व्यायाम | Exercise Right in Second Week

  • टहलने का समय बढ़ा दे। योग्य शिक्षक की देखरेख में या उनके कहे अनुसार ही व्यायाम या योग करे।
  • पीठ के बल लेटकर करने वाली एक्सरसाइज बन्द कर दे। आरामदायक पोजीशन में रहे, नकारात्मक विचारों से दूर रहे ये आपके होने वाले बच्चे के लिए ठीक नही है। काम के लिए भागदौड़ या जल्दबाजी ना करे।

3. तीसरा हफ्ता |Third Week of Pregnancy in Hindi

इस हफ्ते में ज्यादतर महिलाओं को अपनी गर्भावस्था कन्फर्म हो जाती है। इसमे माँ के विकास के साथ साथ बच्चे की पहली झलक भी देखने को मिलती है। शरीर में हॉर्मोन के स्त्राव के कारण जी मिचलाना और उल्टी होना आम है। सीढ़िया चढ़ते हुए थकान का अनुभव,सर दर्द भी हो सकता है। जिस चीज़ को खाने का बहुत शौक रहा हो उसे देखने का भी मन ना करे। शरीर मे क्रेम्पस आते है और खिंचाव महसूस होता है। लगातार उल्टियों और खाने का मन ना होने से कमजोरी लगने लगती है। शरीर का तापमान और बढ़ जाता है।वेजिनल डिस्चार्ज की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

क्या खाए |What to Eat During Third Week of Preganancy in Hindi

अब कैल्शियम की बहुत सख्त जरूरत पड़ने वाली है तो डेरी प्रोडक्ट का सेवन बढ़ा दे। डेयरी प्रोडक्ट के साथ साथ रेड मीट,हरी सब्जियां खाए।कैल्शियम ,प्रोटीन,आयरन से बच्चे के मसल्स,ऊतकों और हड्डियों का विकास होता है।

हैल्थी खाने से हार्मोनल बदलाव से होने वाली समस्याए भी दूर होती है। डॉक्टर ने फोलिक एसिड का जो सप्पलीमेंट दिया है वो  रेगुलर लेती रहे। जिंक का सेवन बढ़ा दे, कम से कम 15 मिलीग्राम रोज ले, साबुत अनाज, सूखे मेवे जिंक के अच्छे स्त्रोत है। इसकी कमी से प्रसव में दिक्कत हो सकती है।

क्या ना खाएं | What Not to Eat During Third Week in Hindi

मछली,जंक फूड, ना खाएं। पानी मे कीटनाशकों की मात्रा अधिक होती है ऐसे पानी की मछली खाने से शरीर मे मर्करी की मात्रा बढ़ सकती है जो बच्चे के लिए खतरनाक है गर्म तासीर वाली चीज़े डॉक्टर की सलाह से खाए।

व्यायाम | Exercising in Third Week

वार्मअप  जरूर करे,हॉर्मोन शरीर को लचीला बनाते है आप वार्मअप से शरीर को और लचीला बना सकती है,ज्यादा उछल कूद न करें शरीर के साथ जबरदस्ती ना करें।टहलते रहे,ज्यादा देर तक खड़े ना रहे ना खड़े होने वाली एक्सरसाइज ना करे। ,नकारात्मक विचार निकाल दे और बुरी आदतों को छोड़ दे।

4-7. चौथा हफ्ते से सातवें हफ्ते | Fourth to Seventh Week of Pregnancy in Hindi

  • चौथा हफ्ते से सातवें हफ्ते तक इन हफ़्तों में विशेष ध्यान रखना पड़ता है।बहुत तेजी के साथ भ्रूण का विकास होता है।  इस समय भ्रूण को अधिक खतरा होता है,क्योंकि बच्चे के दिल,रीढ़ की हड्डियों,ऊतकों का विकास हो रहा होता है। महिला के शरीर मे खिंचाव औऱ तनाव उत्पन्न हो जाता है। स्तनों की ग्रंथियां बढ़ने लगती है,स्तन कठोर होकर दर्द होने लगता है। कुछ महिलाओं के साथ चक्कर खाकर गिरने की घटनाएं भी होती है। दिमाग में किसी भी चीज़ की महक चढ़ने लगती हैं, कई बार महक से ही उल्टी हो जाती है। हल्के काम करते हुए भी थकान लगना।
  • अचानक मूड बदल जाना,शरीर का तापमान ज्यादा रहेगा,हॉर्मोन्स का उतार चढ़ाव जारी रहेगा,मूड बिगड़ा रहेगा,
  • चौथे और पांचवे हफ्ते में ब्लास्टोसाइट के यूट्रस में इम्प्लांट होने से स्पॉटिंग हो सकती है।
  • छटे हफ्ते में यही लक्षण होते है।,सातवे हफ्ते में म्यूकस प्लग का विकास होता हैं,सर्विक्स प्लग बनाने लगता है जो बच्चे की रक्षा करते है। तेज गर्मी लगने लगती है।

क्या खाएं | What to Eat in Second Month of Pregnancy in Hindi

दूध,दही,पनीर,साबुत अनाज ,दाल,हरी सब्जियां,विटामिन c वाले फल,खूब पानी पिएं, छटे हफ्ते में कम से कम 1000मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। सुबह निम्बू पानी या नारियल पानी पिए,

क्या ना खाएं | What Not to Eat in Second Month of Pregnancy in Hindi

अगर एल्कोहल अभी तक नही छोड़ा तो छोड़ दे ये खतरनाक है। जंक फूड,फ़ास्ट फूड, पपीता अनानास जैसे फल गर्भपात का कारण हो सकते है। कच्चा खाना खाने से बचे,ये इन्फेक्शन का कारण हो सकते है।पालतू जानवरो से दूर रहे।

व्यायाम | Exercise during Pregnancy Second Month in Hindi

  • हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें,कोई भी ऐसा व्यायाम ना करे जिसमे ग्रेविटी में परिवर्तन करना पड़े।
  • पांचवे हफ्ते में स्विमिंग कर सकते है पर वजन उठाने वाली एक्सरसाइज ना करे छटे और सातवें हफ्ते में वाटर एरोबिक्स कर सकती है पेटदर्द, वेजिनल ब्लीडिंग में व्यायाम ना करें।

8-10. आठवें से दसवां हफ्ता | Eighth to tenth Week of Pregnancy in Hindi

  • ब्रैस्ट बहुत ही सेंसिटिव हो जाते है और लेक्टशन के लिए तैयार हो जाते है। ब्रैस्ट के आस पास डार्क वेन विकसित होने लगती है। नवे हफ्ते मे कमर और सर दर्द,हाथ पैरो की नसें उभरने लगती है। पहले लक्षण भी जारी रहते है।
  • दसवें हफ्ते में वजन बढ़ जाता है,सकारात्मक भावनाए जागने लगती है,वेजिनल डिस्चार्ज बढ़ जाता है।

क्या खाए | What to Eat During Third Month of Pregnancy in Hindi

रोजाना 25 gm प्रोटीन का सेवन बढ़ा दे, हैल्थी चीज़े खाए जो पहले बताई गई है। ब्रोकली,भिंडी,दाल,पालक,एवाकाडो खाए  क्या ना खाएं वजन बढ़ाने,गैस्ट्रिक,ज्यादा मीठा,ज्यादा नमक ना खाएं

व्यायाम | How to Exercise During this Period of Pregnancy?

  • पालथी मारे दिन में 5 बार 30 सेकंड तक,इससे प्रसव पीड़ा में कमी आएगी पेट के बल ना झुकें ग्यारवे से बारहवें हफ्ता खाने पीने की तीव्र इच्छा होने लगती हैं, चटपटा,चाक, मिट्टी कुछ भी खाने का मन करता है वेजिनल डिस्चार्ज बढ़ जाता है,कब्ज़ और गैस बनने लगती है। सुबह की थकावट कम होने लगती हैं,ऊर्जावान महसूस करते है,भूख ज्यादा लगती है।
  • बाल, हाथ पैरो के नाखून जल्दी बढ़ने लगते हैं, पेट बड़ा दिखने लगता है। बारहवें में थकान चिड़चिड़ाहट,जी मिचलाना काफी हद तक खत्म हो जाता हैं। सीने पर जलन होती हैं, पेट पर स्ट्रेच मार्क्स पड़ने लगते हैं।
  • कुछ महिलाओं को चेहरे पर भूरे धब्बे दिखने लगते हैं

क्या खाएं| What to Eat in Second Month of Pregnancy in Hindi

हैल्थी खाए,कम से कम पाँच बार खाए क्या ना खाएं विटामिन A ना ले उससे लिवर पर असर होता है।

13-14. तेहरवें से चौदहवें हफ्ते तक | Thirteen and Fourteen Week of Pregnancy

  • ज्यादा वजन बढ़ने से डायबिटिज और हाई बी पी का खतरा बढ़ जाता है। सीने में जलन और लेटने में दिक्कत होती है। पेट के निचले हिस्से में कभी हल्का कभी तेज दर्द होता है। भूख जमकर लगती है,बाल और त्वचा चमकदार हो जाती है,पैरो की नसें फूलने लगती है। किसी के शरीर पर तिल आने लगते है।
  • आहार-खूब भूख लगने लगती है पर केवल स्वस्थ लाइफ स्टाइल अपनाए, एल्कोहल,जंक, कैफीन का प्रयोग छोड़ दे
  • व्यायाम-शरीर के सतज जबरदस्ती ना करे, खुश रहे म्यूजिक सुने।

15-18. पन्द्रवे से अठारहवें हफ्ते तक

एसिडिटी होना,नींद ना आना,स्तन का आकार बढ़ना,सियाटिक पेन होना। मसूड़े लाल होना, फूल जाना और कभी कभी खून निकलना,भूलने की समस्या,चमकदार त्वचा,नाक से खून आना,जुकाम,पेट पर काली लकीर,त्वचा पर धब्बे 

आहार | Foods To Eat in 15-19th Week

मछली,सोयापनीर,माँस ,अंडा,मीट ,चिकेन,बीन्स,टोफू खाए अधपका माँस, कच्चा अंडा,पपीता,सी फूड,कुकीज,केक,डोनट्स,जैतून,कनोला,मक्का का तेल,नट,बीज और एवाकाडो का सेवन ना करे।

व्यायाम | Exercise Tips in Hindi

  • सुबह ताजी हवा में नंगे पांव घास पर चले।

19-21. उन्नीनसवे से 24वे तक | Nineteenth to Twenty Fourth Week of Pregnancy

उन्नीनसवे से 24वे हफ्ते तक 19वे में पैरो में क्रेम्पस पड़ना या ऐंठन,कमर में दर्द,थकान से चक्कर आना,अचानक तेज गर्मी लगना। 20वे में संतुलन बिगड़ना,खर्राटों के समस्या,बालो व नाखूनों में तेज वृद्धि,सांस लेने में समस्या ,हाथ पैरों में सूजन। 21वे में दूध का रिसाव,नकली लेबर पेन  22वे में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन,नाभि बाहर की ओर निकलना। 23वे व 24वे में सभी लक्षण थोड़े बहुत रहते है साथ ही हाथों में झनझनाहट भी हो सकती है।रुखी त्वचा व आँखों में खुजली ।

आहार | Foods To Eat in 19-21st Week

ओट्स,दलिया,सूखे,मेवे,ताजे फल,सब्जियां, इस समय विटामिन ए बहुत जरूरी होता है। व्यायाम-,कीगल एक्सरसाइज,मेडिसिन बॉल के साथ एक्सरसाइज 

पच्चीसवें से तीसवें हफ्ते तक

पच्चीसवें से तीसवें हफ्ते तक इस समय डायबिटीज होने का खतरा रहता है,त्वचा में खुजली और रूखापन, डिप्रेशन के लक्षण,सांस लेने में समस्या,नाक से खून ,माइग्रेन, पेट पर खुजली ।

आहार | Foods To Eat in 25 -30th Week

विटामिन ए कम ले ,पिस्ता,अखरोट, काजू ना ले,केवल हैल्थी खाए व्यायाम पीठ के बल ना सोए, हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें।

इक्कतीस वे से प्रसव तक | 31 to Before Final Trimester

  • 32हफ्ते में पेल्विक टिल्ट्स और पेल्विक रॉक्स एक्सरसाइज कीजिए इसे दिन में 3 बार 20 मिनट के लिए करें
  • 36वे हफ्ते योग ,पायलट्स और कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज करें,टेलर एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करे।
  • मेडिटेशन करे। 40 वे हफ्ते में फारवर्ड लीनिंग इन्वर्सन एक्सरसाइज करें।
  • 35वे हफ्ते तक सभी लक्षण पहले जैसे ही होते है कुछ कम कुछ ज्यादा 36वे हफ्ते में बच्चा पेल्विक कैविटी या बर्थ कैनाल में नीचे उतर आता है इससे अंदरूनी अंगों पर दबाव कम हो जाता है।
  • 37वे हफ्ते में बच्चे के मूवमेंट पर ध्यान दे,हर दो घंटे में मूव होना चाहिए,ना हो तो कुछ मीठा या जिसमे ग्लूकोस हो ऐसी चीज़ खाए। फिर भी ना हो तो डॉक्टर को दिखाए। 39वे हफ्ते में ड्यू डेट को लेकर परेशान ना हो।

40. 40वे हफ्ते में आपको लेबर पेन शुरू | Labour Pain Period in Pregnancy in Hindi

40वे हफ्ते में आपको लेबर पेन शुरू हो सकते है। गर्भाशय में संकुचन ऊपरी हिस्से से शुरू होकर नीचे की ओर बढ़ते है। ये 15 से 30 सेकंड या उससे ज्यादा रहते है,ऐसे में पोजीशन बदल लीजिए अगर ये ना रुके और समय के साथ बढ़ते जाए।तो सब सामान तैयार रखिये,डॉक्टर से सम्पर्क कीजिए।

और हाँ मिठाई तैयार रखिए। 😉

About the author

Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

Leave a Comment