Ayurveda Treatments

पुदीन हरा की जानकारी हिंदी में

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Written by Surbhi

पुदीन हरा बहुत ही पुरानी, असरदार और लोकप्रिय दवा है। इसका प्रयोग गैस,अपच,और बदहजमी के लिए किया जाता है। यह पेट की बहुत सी परेशानियों से राहत देता है। यह एक हर्बल औऱ नेचुरल दवा है इसलिए इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। पुदीन हरा लिक्विड और कैप्सूल दोनो तरह से मिलता है

गैस अपच अथवा एसिडिटी के कारण | Reasons that Results in Gas Problem in Hindi

  1. ज्यादा मसालेदार और तला हुआ भोजन लम्बे समय तक करना
  2. समय पर भोजन ना करना, कभी सुबह का नाश्ता छोड़ देना,कभी नाश्ते के बाद शाम तक कुछ ना खाना
  3. एसिडिटी केवल ज्यादा खाने नही कम खाने से भी बनती है।
  4. मोटापा होना भी एक कारण है।
  5. ज्यादा कैफिन का सेवन करना।
  6. एल्कोहल औऱ धूम्रपान
  7. गर्भवास्था में एसिडिटी होती है।
  8. खाना खाते ही ले जाना या सो जाना
  9. तनाव एसिडिटी का बहुत बड़ा कारण है
  10. कुछ एलोपैथी दवाइयां जैसे एन्टी डिप्रेसेंट,अस्थमा में लेने वाली मेडिसिन भी कारण है।
  11. ज्यादा नमक और मीठा खाना
  12. हल्का फुल्का व्यायाम ना करना
  13. पूरी नींद ना लेना
  14. दर्द निवारक दवाएं भी एसिडिटी की कारक हो सकती है।
  15. खाने के तुरंत बाद पानी पीना
  16. निवाले के साथ साथ पानी पीना

गैस अपच अथवा एसिडिटी के लक्षण | Symptoms of Gas in Hindi

  • सीने में जलन,पेट फूलना,उल्टी,सुखी खाँसी,छाती या पेट मे ऊपर की तरफ दर्द,भोजन निगलने मेंदर्द,दाँतो की इनेमल परत को नुकसानसांसों में बदबू, काला या खून के साथ मल आना,वजन घटना ,गले मे खराश होना, हिचकी आना,गले मे घरघराहट,बार बार डकार आना।
  • कभी कभी एसिड गले तक भी आ जाता है जिससे गले मे जलन और मुँह का स्वाद कड़वा हो जाता है। समस्या बहुत ज्यादा बढ़ने पर एंटा एसिड काम करना बंद कर देती है।
  • छाती के साथ कंधे ,गर्दन और बाजू में दर्द होने लगता है,कभी कभी रीढ़ की हड्डी में नीचे दर्द होता है। आम भाषा मे कहा जाता है कि जहा जहां पर गैस घूमती है वहीं दर्द होता है। पुदीन हरा का प्रयोग केवल सामान्य परिस्थितियों में करे,समस्या गम्भीर होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर ले।
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पुदीन हरा के लाभ व उपयोग | Benefits of Pudin Hara in Hindi

  • इसका उपयोग उल्टी,मितली,गैस,अपच,पेट फूलना जैसी समस्याओं में किया जाता है। यह डायजेस्टिव सिस्टम को भी इम्प्रूव करता है।
  • इसका पपरमिंट और स्पेरमिंट सामग्री के तौर पर प्रयोग की जाती हैं। क्योंकि इन दोनों की तासीर ठंडी होती है इसलिए पुदीन हरा से पेट की जलन और गैस में तरन्त आराम मिलता है।

पुदीन हरा कैसे ले? Pudin Hara Use in Hindi

  • पुदीन हरा लिक्विड- बड़े लोग खाना खाने के बाद 10 से 15 बूंद लिक्विड ले उसे एक कप पानी मे मिलाकर पी ले
    बच्चो को 5 से 10 बूंद एक कप पानी मे खाना खाने के बाद दे सकते है।
  • पुदीन हरा कैप्सूल- बड़े लोग 1 कैप्सूल दिन में दो बार खाना खाने के बाद ले,बच्चो को दिन में केवल एक बार एक कैप्सूल दे।

सावधानियां | Precautions With Pudin Hara in HIndi

  • 12 साल से छोटे बच्चे को पुदीन हरा ना दे।
  • पुदीन हरा को रखने का स्थान धूप से सुरक्षित हो।
  • ज्यादा गम्भीर और क्रोनिक बीमारियों में होने वाली पेट की समस्या में पुदीन हरा ना ले।
  • किडनी की बीमारी, किसी भी तरह की एलर्जी, ब्रैस्ट फीडिंग मदर इसका प्रयोग बिना डॉक्टर की सलाह के ना करे।
  • पुदीन हरा को एक सीमित अवधि तक लेने के बाद अचानक से ना छोड़े ,धीरे धीरे मात्रा कम करते हुए छोड़े।
  • पुदीन हरा हमेशा खाने के बाद ले।
  • अगर आप डोज लेना भूल गए और दूसरी डोज का समय हो गया हो तो जल्दी जल्दी दोनो डोज ना ले,एक डोज छोड़ दे।
  • अगर आप कोई और दवा या सप्लीमेंट ले रहे है तो डॉक्टर को जरूर बताए।
  • जल्दी ठीक होने के चक्कर मे ज्यादा डोज ना ले।
  • स्वयं को फायदा होने पर हर किसी को इसकी सलाह ना दे,सबके शरीर दिक्कते अलग होती है हो सकता हो उनकी दिक्कत की जड़ कुछ और हो।

साइड इफ़ेक्ट | Side Effects of Pudin Hara in Hindi

  • यह एक हर्बल दवा है,इसके कोई साइड इफ़ेक्ट ज्ञात नही पर किसी किसी को लो ब्लड प्रेशर,नींद आना या चक्कर आना महसूस हो सकता है।
  • इसलिए बहुत सावधान रहें कि गाड़ी चलाने या भारी मशीन पर काम करने से पहले पुदीन हरा का प्रयोग सोच समझ कर करे।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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