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डाबर पुदीन हरा इन हिंदी की जानकारी

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Written by Surbhi

 पुदीन हरा का उपयोग मुख्य रुप से पेट की गैस, अपच और एसिडिटी में किया जाता है। ये पेट के लिए एक लोकप्रिय दवा है जो बहुत ही तेजी से काम करता है। पुदीन हरा को प्राकृतिक एवं हर्बल और सुरक्षित माना जाता है। ये बाज़ार में टैबलेट और लिक्विड के रूप में किसी भी मैडिसिन स्टोर में आसानी से मिल जाता है। ये पेपेरमिंट और स्पीरमिंट का मिश्रण है और पेट की अधिकतर परेशानियों से राहत दिलाता है जैसे की मीतली, अपच, पेट फूलना, सूजन, गैस, पेट में दर्द, इत्यादि । पर पुदीन हरा को बहुत छोटे बच्चे को न दे।अगर किसी बच्चे को पुदीन हरा दे तो डॉक्टर से जरुर सलाह ले।

नीचे दिये हुऐ निम्न लक्षणो मे से कोई लक्षण दिखाई दे तो पुदीन हरा का प्रयोग कर सकते है जैसे-

  • एसिडिटी
  • अपच
  • गैस
  • उल्टी
  • मितली
  • पेट फूलना

पुदीन हरा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री-

पुदीन हरा मे मुख्य रुप से दो सामग्री मिली होती है

  • पेपरमिंट (mentha peperita)
  • स्पेअरमिंट (mentha spicata )

पुदीन हरा कैसे काम करती है?

पुदीन हरा की तासीर ठंडी होती है,इसके प्रयोग करते ही तुरंत असर दिखाने लगता है, ये दवा पेट की जलन, गैस एवं दर्द में राहत दिलाती है।

पुदीन हरा के लाभ व उपयोग-

  • इसका उपयोग उल्टी,मितली,गैस,अपच,पेट फूलना जैसी समस्याओं में किया जाता है।
  • यह डायजेस्टिव सिस्टम को भी इम्प्रूव करता है।
  • इसका पेपरमिंट और स्पेरमिंट सामग्री के तौर पर प्रयोग की जाती हैं।
  • क्योंकि इन दोनों की तासीर ठंडी होती है इसलिए पुदीन हरा से पेट की जलन और गैस में तुरन्त आराम मिलता है।

पुदीन हरा कैसे ले?

पुदीन हरा लिक्विड और कैप्सुल दोनो मे आती है। और दोनो ही असरदार होते है नीचे दोनो के लेने के तरीके बताये गये है-

1- पुदीन हरा लिक्विड-

  •  बड़े लोग खाना खाने के बाद 10 से 15 बूंद लिक्विड ले उसे एक कप पानी मे मिलाकर पी ले
  • बच्चो को 5 से 10 बूंद एक कप पानी मे खाना खाने के बाद दे सकते है।

2- पुदीन हरा कैप्सूल-

 बड़े लोग 1 कैप्सूल दिन में दो बार खाना खाने के बाद ले,बच्चो को दिन में केवल एक बार एक कैप्सूल दे।

पूदीन हरा के साथ सावधानियां

  • पुदीन हरा लेते वक्त निम्नलिखित सावधानिया बरते जैसे-
  • 12 साल से छोटे बच्चे को पुदीन हरा ना दे। अगर दे भी तो डॉक्टर से एक बार पूछ ले।
  • पुदीन हरा को रखने का स्थान धूप से सुरक्षित हो।
  • ज्यादा गम्भीर और क्रोनिक बीमारियों में होने वाली पेट की समस्या में पुदीन हरा ना ले।
  • किडनी की बीमारी, किसी भी तरह की एलर्जी, ब्रैस्ट फीडिंग मदर इसका प्रयोग बिना डॉक्टर की सलाह के ना करे।
  • पुदीन हरा को एक सीमित अवधि तक लेने के बाद अचानक से ना छोड़े ,धीरे धीरे मात्रा कम करते हुए छोड़े।
  • पुदीन हरा हमेशा खाने के बाद ले।
  • अगर आप डोज लेना भूल गए और दूसरी डोज का समय हो गया हो तो जल्दी जल्दी दोनो डोज ना ले,एक डोज छोड़ दे।
  • अगर आप कोई और दवा या सप्लीमेंट ले रहे है तो डॉक्टर को जरूर बताए।
  • जल्दी ठीक होने के चक्कर मे ज्यादा डोज ना ले।
  • स्वयं को फायदा होने पर हर किसी को इसकी सलाह ना दे, सबके शरीर दिक्कते अलग होती है हो सकता हो उनकी दिक्कत की जड़ कुछ और हो।

पूदीन हरा के साइड इफ़ेक्ट-

यह एक हर्बल दवा है, इसके कोई साइड इफ़ेक्ट तो नही होता पर किसी किसी को लो ब्लड प्रेशर, नींद आना या चक्कर आना महसूस हो सकता है।

इसलिए बहुत सावधान रहें कि गाड़ी चलाने या भारी मशीन पर काम करने से पहले पुदीन हरा का प्रयोग सोच समझ कर करे।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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