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पायरिया के लक्षण, कारण और 5 उपचार | Pyorrhea Symptoms and Treatment in Hindi

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Written by Amisha Bharti

पायरिया को हम मसूड़े की बीमारी के नाम से भी जानते है । मूल रूप से यह बीमारी एक गंभीर संक्रमण की वजह से होती है , जिसमे  दांतो को सहारा देने वाली हड्डियां और लिगामेंट्स (जो दांतो को हड्डियों या मसूड़े से जोड़त्ती है) उसमे संक्रमण, सूजन व लालिमा आदि  की समस्या होने के कारण ही पायरिया नामक बीमारी होती है।

पायरिया मुख्य रूप से एक बैक्ट्रिया के संक्रमण के कारण भी  होता है , जो की दांतो व मसूड़ो में जमा होता है। और यह बैक्ट्रिया  धीरे-2 दांतो व मसूड़ो की हड्डियों को कमजोर बना देता है , जिसे एक व्यक्ति को पायरिया की प्रॉब्लम हो जाती है ।

पायरिया के लक्षण | Symptoms that indicate Pyorrhea

  • अत्याधिक मुंह से बदबू  आना 

अगर किसी व्यक्ति को ज्यादा समय तक मुंह से बदबू अति है , तो यह लक्षण  पायरिया का हो सकता है। इसलिए जरुरी है , की व्यक्ति तुंरत ही डॉक्टर के पास जाए । ताकि  यह समस्या जल्द से जल्द दूर हो सके ।

  • मसूड़ो में सूजन आना 

मसूड़ो में सूजन आमतौर पर एक सामान्य- सी समस्या है , लेकिन कई बार यह समस्या काफी गंभीर हो जाती  है। जो की इसका दूसरा चरण है। जिसमे मसूड़ो में सूजन और काफी तेज दर्द होता है । साथ ही इसमें मसूड़ो से खून आना , दांतों का ढीला होना आदि लक्षण भी होते है।  

  • मुँह का स्वाद बिगड़ना 

अगर किसी व्यक्ति को खाना खाते हुए मुँह का स्वाद काफी बुरा -सा लगे , तो यह लक्षण पायरिया का हो सकता है। इसलिए जरुरी है , तुंरत ही डॉक्टर से जांच करने की  ।

पायरिया के प्रकार | Different types of Pyorrhea in Hindi

1. क्रोनिक पेरियोडोंटाइटिस

यह पायरिया का एक ऐसा प्रकार है , जिसमे अधिकतर प्रभाव बच्चों में न होकर बड़ो में होता है । इसके साथ ही अगर इसका इलाज समय पर नहीं होता है , तो यह व्यक्ति के मसूड़ों, हड्डियों और दांतों को अत्यधिक क्षति पंहुचा देता है ।

2. एग्रेसिव पेरियोडोंटाइटिस

गौरतलब है, की यह प्रकार बच्चों या युवा लोगो में ही होता है। इसके साथ ही अगर इसका इलाज जल्द नहीं होता है , तो यह हड्डियों और दांतो को  गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है। 

3. नेक्रोटाइज़िंग पेरियोडोंटाइटिस

यह एक प्रकार का संक्रमण है , जिसमे मसूड़ों की हड्डियों  में खून का रिसाव कम हो जाता है। जो की (नेक्रोसिस, (Necrosis)) के कारण होता है। गौरतलब है, की यह उन्ही लोगो को होता है । जो लोग एचआईवी से पीड़ित , तथा कैंसर से पीड़ित होते है।

पायरिया के कारण | Reasons for Periodontitis in Hindi

  • मुँह और दांतो की ठीक तरह से सफाई न होना 

एक व्यक्ति के शरीर में 700 प्रकार के, करोड़ों बैक्टीरिया होते है। जो की दांतों और मुँह में मौजूद सभी तरह की बीमारियों से हमे बचाते है । लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपने मुँह, जीभ , तथा दांतो को अच्छी तरह साफ न करे , तो ऐसे में  दांतो में काफी गंभीर संक्रमण हो सकता है । 

  • कैल्शियम की कमी

इसके अलावा अगर  किसी व्यक्ति के शरीर में कैल्शियम की कमी हो  या मसूड़ों में किसी प्रकार की कोई खराबी हो या दांत और मुँह की सही तरह से सफाई नहीं की हो , तो उस व्यक्ति को  पायरिया का रोग हो सकता है ।

  • जबड़े की हड्डियों को नुकसान  

इस रोग में दांतों को सहारा  देने वाली हड्डि जिसको हम जबड़े की हड्डि बोलते है । उसे नुकसान होता है । जिसे मसूड़े ख़राब और पीले हो जाते है । और साथ ही खून निकलने लगता है।

  • धूम्रपान करना 

इस रोग में अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान करता  है , तो उस व्यक्ति को पायरिया होने का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए जरुरी है , व्यक्ति का धूम्रपान करने से बचना चाहिए ।

  • दवाई 

कई लोग अत्यधिक दवाओ का सेवन करते है। जिसे भी दांत व मसूड़े ख़राब हो जाते है। इसलिए लोगो को अत्यधिक के सेवन से बचना चाहिए ।

  • हार्मोन्स प्रोब्लेम्स 

ये प्रोब्लेम्स मूल रूप से महिलाओं में देखने को मिलती  है। जिसमे कॉमन है। मासिक धर्म ,जिसमे हार्मोन्स प्रोब्लेम्स होती है। जिसे काफी सारी बीमारी होने का खतरा होता है। जैसे – दांतों की बीमारी , चिड़चिड़ापन आदि शामिल है।  

  • पोषण की कमी 

यदि किसी व्यक्ति को विटमिन बी , सी , तथा कैल्शियम की कमी होती है। तो उस व्यक्ति को पोषण की कमी हो सकती है। जिसे काफी सारी बीमारिया जैसे – हड्डियों की बीमारी , मसूड़ों में दर्द आदि बीमारिया हो सकती है । इसलिए जरुरी है , की व्यक्ति नियमित मात्रा में पोषण ले ।

  • शुगर 

ऐसी कई स्वस्थ समस्या है। जो आपके मसूड़ो को नुकसान पहुंचा सकते है । इन्ही बीमारियों में एक है- शुगर । जिसे कई तरह के संक्रमण हो सकते है। लेकिन बात करे शुगर और मसूड़ो के संबंध की , तो पाएगे की इसका रिश्ता का काफी गहरा है। जैसे – शुगर एक प्रकार से नो डाइग्नोस बीमारी है , जिसमे शुगर को कम तो किया जा सकता है , लेकिन इसे नष्ट नहीं किया जा सकता है। इसी तरह मसूड़े की बात करे , तो पाएगे की मसूड़े की सूजन सही तो हो जाती है। लेकिन कुछ समय बाद फिर आ जाती है । 

पायरिया का उपचार | Remedies for Pyorrhea in Hindi

  1. सही तरह से बुर्श का इस्तेमाल करना 
    एक व्यक्ति को ऐसे बुर्श का इस्तेमाल करना चाहिए। जिसमे बुर्श के बाल नरम तथा गोल हो या चिकने हो  । लेकिन अगर किसी व्यक्ति का बुर्श कठोर व मजबूत बालो वाला है , तो उस व्यक्ति को पायरिया होने का खतरा हो सकता है।
  2. पेशेवर सफाई 
    पेशेवर सफाई के दौरान डेंटिस्ट आपके दांतो और उनकी जड़ो में से प्लक्स तथा टार्टर को हटाते है। उसके बाद डेंटिस्ट आपके दांतो की सफाई करते है।  
  3. एंटी बोयो टिकस
    अगर किसी का सक्रंमण सफाई से सही नहीं होता , तो उन मामलो में एंटी बोयो टिकस का प्रयोग किया जाता है।
  4. सर्जरी 
    अगर सूजन और लालिमा उस जगह पर है , जहां पर ब्रश या प्लक्स पहुंचना मुश्किल है । तो ऐसे में आपकी सर्जरी  की जाएगी ।
  5. अनुवांशिकता 
    कई बार मसूड़े व दांत बिलकुल सही होते है , लेकिन फिर भी लोगो को मसूड़े व दांत की प्रॉब्लम हो जाती है। इसका का कारण है अनुवांशिकता । जो की एक  पीढ़ी से दूसरी तक होती है ।

निष्कर्ष | Conclusion

अत : उपरोक्त बातो से स्पष्ट है , की पायरिया गम का यह रोग व्यक्ति के लिए काफी परेशानी देने वाला है। इसलिए इस रोग से बचने के लिए तुंरत ही डॉक्टर के पास जाकर अपना चेक उप कराए । ताकि यह रोग समाप्त हो सके ।

About the author

Amisha Bharti

मैं अमीषा पेशन से एक हेल्थ ब्लॉगर हु. मैं अपने ब्लॉग में लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाने के तरीकों के बारे में बताती हूँ. आप मेरे ब्लॉग से हेल्थ से संबधित सभी तरह की जानकारी पा सकते है.

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