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रतनजोत का पौधा कैसा होता है और इसके फायदे- Ratanjot Ke Fayde

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Written by Surbhi

आपने रतनजोत के पौधे के बारे में शायद नहीं सुना होगा और ना ही आपका कभी इस पौधे से काम पडा होगा। या फिर आपने इसे उपयोग किया हो लेकिन इसके बारे में आपको पता नहीं हो। आज की इस पोस्ट में हम आपको रतनजोत के पौधे के बारे में बताएँगे की यह पौधा कैसा है, इसके फायदे क्या है, इसे कैसे उपयोग में लेना है।

बालों को काला करने में और मसलों के रूप में ज्यादातर रतनजोत का इस्तेमाल किया जाता है। रतनजोत को लालजड़ी और दामिनी बालछड के नाम से भी जाना जाता है। यह पौधा हिमालय के भागों में पाया जाता है। आईये जानते है रतनजोत का पौधा क्या काम आता है और इसके फायदे क्या है?

क्या है रतनजोत?

रतनजोत एक वनस्पति प्रजाति है जो मैक्सिको और दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। इसे वन रेड और सफ़ेद अरंड के नाम से भी जाना जाता है। रतनजोत के स्वस्थ पौधे की उंचाई 3 से 4 मीटर होती है। इसकी पत्तियों का आकार हमारे हृदय के समान होता है। इसके फल हरे होते है जो की पकने के बाद काले हो जाते है। इसके हर एक फल में 3 से 4 बीज होते है।  

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रतनजोत की विशेषता

  • इस पौधे की उंचाई ज्यादा नहीं होती इसलिए जमीन पर खड़े होकर ही इसके फलों को तोड़ा जा सकता है।
  • पौधा लगाने के लगभग 2 साल बाद इस पर फल आने लगते है।
  • एक बार फल आने के 50 साल बाद तक इस पर फल आते रहते है। बार-बार फसल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • इस पौधे को लगाना बहुत आसान है और यह तेजी से बढ़ता है तथा इसमें कम देखरेख की जरूरत पड़ती है।
  • इसकी सबसे ख़ास बात यह है की इसे कसी तरह के कीट या जानवर नहीं खाते, इसलिए इसकी ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं रहती।
  • रतनजोत बहुत ही कठोर प्रवृति का पौधा है जो किसी भी प्रकार की मिटटी में उगने की क्षमता रखता है।
  • भारत में इस पौधे का कोई तोड़ नहीं है बल्कि यह दुसरे पौधों को भी सुरक्षा प्रदान करता है।

रतनजोत के आर्थिक फायदे

रतनजोत के बीज भी सस्ते मिलते है और इसके बीजों में तेल की मात्रा भी 40% ज्यादा होती है इसलिए जितने ज्यादा बीज, उतना ज्यादा मुनाफा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है की इसकी खेती करने के लिए किसी तरह की तकनीक की जरूरत नहीं पड़ती और ना ही ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है। कम खपत में ज्यादा मुनाफ़ा देने वाला पौधा है रतनजोत।

रतनजोत के प्रयोग और फायदे

  1. बालों में मेहँदी के साथ
    सबसे पहले मेहँदी का एक पेस्ट बना ले और उसमे रतनजोत मिला ले और उसे गर्म कर ले। गर्म होने के बाद इसे ठंडा होने के लिए रख दे। ठंडा होने के बाद इसे बालों में लगा ले और इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दे। इसके बाद पानी से सिर धो ले।
  2. बालों को काला और घना करने में
    आप जो तेल बालों के लिए प्रयोग करते है उसमे थोडा रतनजोत मिला ले और इस तेल को बालों में लगायें, इससे बाल सुंदर और काले बनते है।
  3. दिमागी ताकत बढाने में
    इस तेल का प्रयोग करने से दिमागी ताकत भी बढती है और सिर दर्द में भी आराम मिलता है।
  4. तनाव और डिप्रेशन को दूर करने में
    थोड़े से रतनजोत को घिस ले और घिसे हुए रतनजोत को अपने ललाट पर लगाये, इससे डिप्रेशन से मुक्ति मिलती है।
  5. स्किन के रूखेपन को दूर करने में
    रतनजोत को बारीक रूप से पीस ले और  इसे तेल में डाल दे। इस तैयार तेल से अपने शरीर की मालिश करें। इससे आपकी स्किन का रूखापन दूर होता है।
  6. मिर्गी में फायदेमंद
    रतनजोत के पौधे की जड़ को बारीक पीस ले और इसका चूर्ण बना दे। जिन लोगों को मिर्गी का दौरा पड़ता है उन्हें सुबह और शाम एक ग्राम की मात्रा में इसका चूर्ण दे। इसके लगातार सेवन करने से मिर्गी के दौरे आने बंद हो जायेंगे।
  7. स्किन की समस्याओं से निजात दिलवाने में
    अगर आप स्किन की समस्या से परेशान है तो रतनजोत के पौधे की जड़ को पीसकर पाउडर बना ले और इस पाउडर को रोजाना सुबह और शाम आधे ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इससे आपकी स्किन की समस्या दूर हो जाएगी।
  8. दिल की बीमारियों में फायदेमंद
    जिन लोगों को दिल की बीमारी है वे रतनजोत की पत्तियों की चाय बनाकर पीयें, दिल की बीमारियों में आराम मिलेगा।
  9. खून को साफ़ करने में
    रतनजोत की ताज़ी पत्तियों का सेवन करने से खून साफ़ होता है और जब खून साफ़ रहता है तो स्किन संबधी परेशानियां नहीं होती।
  10. पथरी की समस्या में
    जिन लोगों को पथरी की समस्या है, उन्हें रोजाना रतनजोत पौधे की पत्तियों का काढा बनाकर पीना चाहिए। इससे गुर्दे की पथरी ठीक हो जाती है।
  11. बालों को मजबूत करने मेंआंवला और रतनजोत के चूर्ण को आपस में मिलाकर बालों में लगाने से सफ़ेद बाल काले हो जाते है और साथ में बाल मजबूत भी होते है।
  12. बालों का झड़ना बंद करे
    दही, हल्दी, पीसी हुयी काली मिर्च और रतनजोत को आपस में मिलकर एक पेस्ट बना ले। इस पेस्ट को बालों में लगायें और थोड़ी देर के लिए छोड़ दे फिर गुनगुने पानी से सिर को धो ले। इस उपाय को सप्ताह में एक बार जरुर करें, इससे बाल झड़ना बंद हो जायेंगे।
  13. बायोडीजल बनाने में
    इसके बीजों को पीसने से तेल प्राप्त होता है और इस तेल से बायोडीजल बनता है। इस तेल को सीधा लालटेन में डालकर भी जलाया जा सकता है।

रतनजोत के उपयोग

  • इसके पौधे भू-रक्षण में काम आते है।
  • रतनजोत का पौधा जमीन से फास्फोरस सोखता है और इसका यह अम्लीय गुण भूमि के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
  • रतनजोत का पौधा जमीन पर पत्तियां गिराता है जो की भूमि की उर्वरा-शक्ति को बढाता है।
  • इसके बीजों में से तेल निकालने के बाद जो खली बचती है वो प्रोटीन से भरपूर होती है और इसे जानवरों को खिलाया जा सकता है, क्योंकि यह उच्च कोटि की जैविक खाद है।

रतनजोत के पौधे से किट और जीव दूर भागते है इसलिए खेतों की रक्षा के लिए चारदीवारी के रूप में इस पौधे का उपयोग किया जा सकता है।

About the author

Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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