Marriage Relationship

कैसे करें हिन्दू धर्म में लड़के और लड़की के एक ही गोत्र में शादी?

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Written by Surbhi

गौत्रो का शाब्दिक अर्थ होता है वंशज। गौत्र का उद्देश्य किसी व्यक्ति को अपने प्रेमी से  मिलाना होता है। हिन्दू धर्म के अनुसार कभी भी एक गौत्र में विवाह नहीं हो सकता है। चाहे वह लड़का हो या फिर लड़की  एक ही गोत्र में विवाह नहीं कर सकते है। हिन्दू धर्म की मनेताओ के अनुसार एक गौत्र का लड़का और लड़की दोनों भाई -बहन  होते है । इसलिए एक गौत्र में विवाह नहीं हो सकता है।

शरीर में जन्म उपरांत क्रोमोसोम की संख्या का अनुपात उसके माता – पिता के क्रोमोसोम की संख्या के बराबर होता है। एक मानव के शरीर में दो जोड़े क्रोमोसोम के  होते है। पहला पिता का दूसरा माँ का। दोनों के मिलकर 46 क्रोमोसोम की संख्या होती है। इसी में एक सेक्स नामक क्रोमोसोम होता है ,जो निर्धारित करता है की एक व्यक्ति का लिंग पुरुष है या महिला। अगर किसी क्रोमोसोम की कोशिका में  एक्‍सएक्‍स नामक सेक्‍स क्रोमोज़ोम है महिला होगी। जबकि अगर किसी क्रोमोसोम की कोशिका में एक्‍सवाई सेक्‍स नमक क्रोमोज़ोम है तो वह पुरुष होगा ।

हिन्दू धर्म के अनुसार विवाह के समय लड़का और लड़की का गोत्र एक दूसरे के साथ तथा दोनों की माताओ के गोत्र के साथ नहीं मिलना चाहिए। साथ ही लड़के और लड़की (दोनों) का गोत्र दादा -दादी और नाना-नानी से भी नहीं मिल न चाहिए। कहने का अर्थ है ,की विवाह के लिए तीन पीढ़ियों का अलग गोत्र होना चाहिए। अगर ऐसा होता है ,तभी विवाह हो सकता है। अगर देखे तो सामान जाति और गोत्र अलग-२ हो तो विवाह हो भी  सकता है यानि अगर लड़का और लड़की का का गोत्र अलग है और जाति समान है ,तो भी विवाह हो सकता है।

 एक ही गोत्र में शादी या विवाह के उपाय | Ways to Get Married within Same Gotra

महाभारत के सुभदा और अर्जुन का विवाह

अगर आप उस लड़की के बारे में कुछ नहीं जानते नहीं हो , तो वह भला आपकी बहन कैसे होगी। महाभारत में इसी से जुडी एक बात है। वह बात इस तरह है अर्जुन और सुभद्रा का विवाह का उदाहरण  जिसमे एक ही वंश मे विवाह हुआ , साथ ही संतान भी हुई लेकिन उसमे कोई विकार नहीं आया, मगर हिन्दू धरम के अनुसार एक ही वंश या गोत्र में विवाह मना है लेकिन इस उदाहरण से ऐसा नहीं लगता है और साथ ही यह भी कहा जाता है , की जो लोग एक ही गोत्र में विवाह करते है उन की संतान शारीरिक बीमारी से ग्रस्त होती है ।

आधुनिक विज्ञान

अगर हम कहे ,की धार्मिक मान्यताओं के इतर आधुनिक विज्ञान की  तो विज्ञान कहता है की समाये गोत्रो में जो जीन्स व डीएनए में गुण पाए जाते है वही गुण एक सामान्य व्यक्ति में भी पाए जाते है। जैसे एक वंश में कैंसर होता है।  तो वह सामान गोत्रो से पता चल जाएगा । लेकिन यह पता नहीं चल पाएगा की उसका दूसरे गोत्र से होगा या नहीं।

किसी ने दूसरे धर्म में विवाह कर लिया तो पैदा होने वाले बच्चे का गोत्र क्या होगा?

 अगर किसी एक व्यक्ति (पुरुष) जो की हिन्दू धरम से है तो उसके बच्चो का गोत्र वही हो जो उस पुरुष है। वही अगर व्यक्ति (महिला ) जो की हिन्दू धरम से है तो है ,तो उसके बच्चो का गोत्र अलग होगा। जैसे – राहुल गांधी का गोत्र ।

निष्कर्ष 

अत : उपरोक्त सभी बातो के आधार पर यह कह सकते है की हिन्दू धर्म में लड़के और लड़की के एक ही गोत्र में शादी या विवाह वजित है ।लेकिन वर्तमान समय में लेकिन वर्तमान समय में यह धारणा टूटती दिख रही है ।

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Surbhi

मेरा नाम सुरभि है और ब्लोगिंग मेरा पेशन है. में अपने ब्लॉग पर आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताती हु. आप सभी जानते है की आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे हमारे लिए कितना फायदेमंद है और इनका किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं है. इसलिए में अपने ब्लॉग पर आपको आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों के बारे में बताउंगी ताकि आप इन्हें अच्छे से जान सके और बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के खुद में बदलाव ला सके.

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