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पहले ही धर्म की मान लेते तो नहीं फैलता कोरोना वायरस

पहले ही धर्म की मान लेते तो नहीं फैलता कोरोना वायरस
Written by Radha Garg
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कोरोना वायरस का संक्रमण देश में तेजी से फैल रहा है। पूरा विश्व इस संक्रमण से काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है और करीब 31000 लोगों की इस संक्रमण में जान गई है।कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर कई संत महात्माओं का कहना है, कि पहले ही अगर लोग धर्म की मान लेते तो यह वायरस नहीं फैलता (Coronavirus religion story)। अब हम इस बारे में बात करेंगे कि धर्म में ऐसा क्या था। जिसे मानने पर इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता था और पूरी दुनिया इस महामारी से बच सकती थी।

धर्म की मान लेते तो नहीं होता कोरोना

कोई भी वायरस किसी न किसी व्यक्ति जंतु या किसी अन्य प्राणी से फैलता है। इसके बारे बारे में धर्म और ग्रंथ में कई ऐसी प्रणालियां है। जिससे आप ऐसे वायरस से आसानी से बच सकते हैं।  अगर लोग उन प्रणालियों को अपने जीवन में उतार लेते तो शायद यह वायरस नहीं फैलता।

1. शाकाहारी भोजन

सभी प्रकार के धर्म ग्रंथों में इस बात का जिक्र अवश्य है कि शाकाहारी भोजन खाए। शाकाहारी भोजन खाने से किसी प्रकार के वायरस, फगस और बैक्टीरिया के फैलने की संभावना बिल्कुल कम होती है। कोरोनावायरस अरे का वायरस है और यह वायरस कई सूत्रों के हिसाब से बताया जा रहा है। कि मांसाहारी भोजन करने से फैला है।

हालांकि इस बात की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। की यह वायरस मांसाहारी पदार्थों से ही फैला है। लेकिन अधिकतर आई रिपोर्टों और सूत्रों के हिसाब से यह पता चला है,  कि यह वायरस मांसाहारी व्यक्तियों में सबसे पहले पहुंचा जिन व्यक्तियों ने मांस का प्रयोग किया उनके जरिए यह वायरस व्यक्तियों के शरीर में प्रवेश हुआ और उसके पश्चात संक्रमित व्यक्ति द्वारा अन्य व्यक्तियों को भी यह संक्रमण लगातार फैलता गया।

2.  हाथ धोना

हर प्रकार के धर्म ग्रंथों में यह बात अवश्य लिखी हुई होती है, कि हमेशा खाना खाने से पहले खाना खाने के बाद में हाथ धोना चाहिए और इसके अलावा भी अगर आप अपने दिन में दो-तीन बार हाथ धोते हैं,  तो आपके शरीर को फायदा ही होता है, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण से पहले ही लोग अपने हाथों को दिन में तीन चार बार धोते।  तो यह वायरस इतना अधिक नहीं फेल पाता।

हाथों को धोने से हाथों पर उपस्थित कई प्रकार के बैक्टीरिया वायरस और जीवाणु खत्म हो जाते हैं, क्योंकि किसी भी संक्रमित वस्तु या व्यक्ति की हाथ लगने से व्यक्ति के अपने हाथों में आ जाते है, बिना हाथ धोए खाना खाने से वह बैक्टीरिया और वायरस शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

Kaise dhoye Corona mei hath 

3. योग करना

धर्म ग्रंथों के अनुसार योग करना भाई के लिए स्वस्थ माना जाता है। योग करने से शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है।

योग के कई ऐसे नियम की है। जिसमें गले को साफ किया जाता है और ऐसे में गले में फंसे हुए वायरस खत्म हो जाते हैं। अधीर कोरोनावायरस पहले से पहले लोग धर्म और ग्रंथों की मानकर योग करते, तो लोग अपने प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर देते और इस वायरस को फैलने से रोक पाते। इतना ही नहीं कई प्रकार के योग के दौरान गरम पानी से मुंह गली और नाक की सफाई भी की जाती है।

अगर ऐसा होता तो कोरोनावायरस गले तक ही पहुंच पाता और गले में ही खत्म हो जाता कई सूत्रों से यह पता चला है, कि कोरोनावायरस करीब 14 घंटे तक संक्रमण के पश्चात गले तक ही सीमित होता है। उसके पश्चात वह पूरे शरीर को संक्रमित करता है।

4. मास्क पहनना

मास्क पहनना हालांकि सभी धर्मों में नहीं लिखा हुआ है। लेकिन जैन समाज के धर्म में इस बात का जिक्र है कि आप अपने मुंह पर हमेशा मास्क पहन कर रखें,  ताकि आप हवा में उपस्थित सभी बैक्टीरिया,जीवाणु, वायरस,कीटाणु इत्यादि से बच सकते हैं। अगर लोग इस जैन धर्म को मानकर अपने मुंह पर मास्क पहनते तो यह वायरस नहीं खेल पाता।

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Radha Garg

हेलो , मेरा नाम राधा है और मुझे कहानिया लिखना बहुत पसंद है। कहानियों के द्वारा हर इंसान अपने ख्याल, मन की बातें आदि व्यक्त कर सकता है। कहानिया पढ़ने से समय भी अच्छे से कटता है और इन्हे पढ़के आनंद भी आता है। बहुत सारी कहानिया ऐसी भी होती है जो हमे बहुत कुछ सीखाती है। मुझे भी ऐसी ही प्रेरणा भरी, रोमांचक कहानियों के बारे में ब्लोग्स लिखना पसंद है। मेरी यही कोशिश रहती है की में अपने ब्लोग्स से लोगो तक अच्छी कहानियां पंहुचा सकू। आप मेरी सारी कहानिया मेरे लिखे हुए ब्लोग्स के द्वारा आसानी से पढ़ सकते है और अपना सुझाव दे सकते है।

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